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पाकिस्तान में सियासी भूचाल! इमरान की पार्टी की सरकार बर्खास्त, खैबर पख्तूनख्वा में इमरजेंसी घोषित

पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने खैबर पख्तूनख्वा में इमरजेंसी लागू करने की मंजूरी दे दी है। इस फैसले से इमरान खान की पार्टी PTI की प्रांतीय सरकार के अधिकार प्रभावित हुए हैं। केंद्र सरकार ने आतंकवाद और बिगड़ती कानून-व्यवस्था को वजह बताया है। वहीं, इमरान खान की रिहाई के लिए PTI का मार्च जारी है।
पाकिस्तान में सियासी भूचाल! इमरान की पार्टी की सरकार बर्खास्त, खैबर पख्तूनख्वा में इमरजेंसी घोषित

पाकिस्तान में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी PTI और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की केंद्र सरकार के बीच टकराव बढ़ गया है। रविवार, 11 अक्टूबर को राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में इमरजेंसी लागू करने की घोषणा को मंजूरी दे दी। इस फैसले से इमरान खान की पार्टी की अगुवाई वाली प्रांतीय सरकार के अधिकार प्रभावित हुए हैं। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है, जब PTI समर्थक इमरान खान की रिहाई की मांग को लेकर इस्लामाबाद की ओर मार्च कर रहे हैं। 

आतंकवाद और बिगड़ती कानून-व्यवस्था का दिया हवाला

पाकिस्तान की केंद्र सरकार ने खैबर पख्तूनख्वा में इमरजेंसी लगाने के पीछे बढ़ते आतंकी हमलों और बिगड़ती कानून-व्यवस्था को वजह बताया है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के कार्यालय के मुताबिक, प्रांतीय सरकार आतंकवाद से निपटने में प्रभावी भूमिका नहीं निभा रही थी। इससे पहले संघीय कैबिनेट ने इमरजेंसी लगाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। इसके बाद राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने प्रधानमंत्री की सलाह पर इस फैसले को मंजूरी दी। सरकार का कहना है कि प्रांत में सुरक्षा व्यवस्था सुधारने के लिए यह कदम उठाया गया है। 

PTI सरकार के अधिकारों पर क्या पड़ेगा असर?

खैबर पख्तूनख्वा पाकिस्तान का वह प्रांत है, जहां इमरान खान की पार्टी PTI की सरकार थी। इमरजेंसी लागू होने के बाद प्रांतीय प्रशासन पर केंद्र का नियंत्रण बढ़ गया है। राष्ट्रपति की घोषणा के तहत प्रांतीय सरकार के प्रमुख पदाधिकारियों के अधिकार प्रभावित हुए हैं और प्रशासनिक जिम्मेदारियां राज्यपाल के अधीन आ गई हैं।

पाकिस्तान के संविधान में इमरजेंसी के दौरान केंद्र सरकार को प्रांतीय प्रशासन और विधायी मामलों में हस्तक्षेप के अधिकार मिल सकते हैं। इस फैसले से PTI और शहबाज शरीफ सरकार के बीच राजनीतिक टकराव और बढ़ने की आशंका है। PTI ने इस कदम का विरोध करते हुए इसे असंवैधानिक बताया है। 

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पेशावर में सुरक्षा बढ़ी, सड़कों पर लगाए गए कंटेनर

इमरजेंसी के बीच खैबर पख्तूनख्वा की राजधानी पेशावर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। कई प्रमुख सड़कों पर कंटेनर लगाकर रास्ते बंद किए गए हैं। पुलिस और सुरक्षा बलों को दंगा नियंत्रण उपकरणों के साथ तैनात किया गया है। कुछ स्थानों पर वाहनों को सड़क के सीमित हिस्से से गुजरने दिया जा रहा है। सुरक्षा इंतजामों और रास्तों की नाकेबंदी के कारण आम लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

इमरान खान की रिहाई के लिए जारी है मार्च

इमरान खान की रिहाई की मांग को लेकर PTI का मार्च 4 अक्टूबर को खैबर पख्तूनख्वा के लक्की मरवत से शुरू हुआ था। मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी के नेतृत्व में यह मार्च कई जिलों से गुजर चुका है। पार्टी की योजना प्रदर्शनकारियों को इस्लामाबाद ले जाकर विरोध प्रदर्शन करने की थी, लेकिन केंद्र सरकार ने राजधानी में प्रवेश की अनुमति नहीं देने की बात कही है। सोहेल अफरीदी ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन जारी रखने की बात कही है। उन्होंने यह भी कहा कि सैन्य कार्रवाई प्रांत की समस्याओं का समाधान नहीं है। 

PTI की क्या हैं मांगें?

PTI इमरान खान से मुलाकात की अनुमति देने और उनके निजी डॉक्टरों को उनकी सेहत की जांच करने देने की मांग कर रही है। पार्टी चाहती है कि प्रदर्शन से पहले हिरासत में ली गईं इमरान खान की बहनों और समर्थकों को रिहा किया जाए। इसके अलावा PTI की मांग है कि इमरान खान के खिलाफ अदालतों में चल रहे मामलों की सुनवाई बिना किसी हस्तक्षेप के हो। पार्टी का कहना है कि वह इमरान खान की रिहाई और उनके स्वास्थ्य से जुड़ी मांगों से पीछे नहीं हटेगी। इमरान खान अगस्त 2023 से रावलपिंडी की अदियाला जेल में बंद हैं। उनके खिलाफ कई मामले दर्ज हैं। PTI नेताओं ने इमरजेंसी के फैसले का विरोध करते हुए कहा है कि पार्टी अपने राजनीतिक और कानूनी अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखेगी। 

राज्यपाल ने फैसले का किया समर्थन

खैबर पख्तूनख्वा के राज्यपाल फैसल करीम कुंडी ने इमरजेंसी लगाने के फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इससे प्रांत में शांति, विकास और खुशहाली का रास्ता खुलेगा। राज्यपाल ने लोगों से आतंकवाद के खिलाफ सुरक्षा संस्थानों का साथ देने की अपील की। उन्होंने यह भी कहा कि किसी को कानून अपने हाथ में नहीं लेना चाहिए और हिंसा या उपद्रव करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

खैबर पख्तूनख्वा में इमरजेंसी लागू होने से पाकिस्तान का राजनीतिक संकट और गहरा गया है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि PTI इस फैसले के खिलाफ क्या कदम उठाती है और इमरान खान की रिहाई की मांग को लेकर जारी मार्च का आगे क्या रुख रहता है।

Shivani Gupta
By Shivani Gupta

शिवानी गुप्ता | MCU, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में ग्रेजुएशन | 9 वर्षों की टीवी और डिजिटल तक की य...

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