मुस्लिम ब्रदरहुड से जुड़े केंद्र के संपर्क में था ओमानी पायलट, इजरायल एयरपोर्ट पर हमले की साजिश का आरोप

यूएई की जांच में फ्लाईदुबई के ओमानी को-पायलट हमाम अल-हम्मामी के कथित कट्टरपंथी संपर्कों को लेकर नए खुलासे हुए हैं। आरोप है कि उसने इजरायल के बेन गुरियन एयरपोर्ट के पैसेंजर टर्मिनल पर आत्मघाती हमला करने की योजना बनाई थी। सितंबर 2026 में दुबई से तेल अवीव जा रही उड़ान के दौरान यात्रियों और चालक दल ने कथित तौर पर उसे रोक दिया था। जांच के मुताबिक, ऑस्ट्रेलिया में पढ़ाई के दौरान उसका संपर्क मुस्लिम ब्रदरहुड से जुड़ी संस्था के समर्थन वाले एक केंद्र से हुआ था।
यूएई की जांच में क्या सामने आया?
यूएई के अटॉर्नी जनरल हमाद सैफ अल-शामसी के मुताबिक, फ्लाईदुबई की उड़ान से जुड़े मामले में ओमानी को-पायलट हमाम अल-हम्मामी की गतिविधियों की जांच की गई। आरोप है कि सितंबर 2026 में दुबई से तेल अवीव जा रही उड़ान के दौरान उसने विमान का नियंत्रण हासिल करने और इजरायल के बेन गुरियन एयरपोर्ट के यात्री टर्मिनल पर हमला करने की कोशिश की। रिपोर्ट के अनुसार, यात्रियों और चालक दल ने समय रहते उसे रोक लिया। जांच में उसकी कथित कट्टरपंथी विचारधारा और ऑस्ट्रेलिया में बिताए गए समय से जुड़े पहलुओं की भी पड़ताल की गई।
ऑस्ट्रेलिया में पढ़ाई के दौरान संपर्क में आने का दावा
जांच के अनुसार, अल-हम्मामी ने 2015 से 2017 तक मेलबर्न के आरएमआईटी विश्वविद्यालय में पढ़ाई की थी। आरोप है कि 2017 में उसने चरमपंथी साहित्य पढ़ना और ऑनलाइन ऐसी सामग्री देखना शुरू किया, जिसमें आतंकवादी संगठनों और आत्मघाती हमलों के तरीकों का जिक्र था। रिपोर्ट में बताया गया है कि वह विश्वविद्यालय से जुड़े एक मस्जिद में जाता था। इसी दौरान उसका परिचय 'माई सेंटर' नाम के केंद्र से जुड़े लोगों से हुआ। उसके बयान के मुताबिक, यह केंद्र अबू हम्जा नाम के एक लेबनानी व्यक्ति द्वारा संचालित था और इसे मुस्लिम ब्रदरहुड से जुड़ी एक संस्था का समर्थन प्राप्त था। हालांकि, केंद्र और मुस्लिम ब्रदरहुड के बीच बताए गए संबंधों से जुड़े दावों की जांच जारी होने की बात कही गई है।
पायलट बनने के पीछे 9/11 हमलों से प्रेरणा लेने का दावा
रिपोर्ट के मुताबिक, अल-हम्मामी ने स्वीकार किया कि 11 सितंबर 2001 को अमेरिका में हुए आतंकी हमलों से प्रेरित होकर उसने पायलट बनने का फैसला किया था। उसने ओमान एयर, रॉयल एयर मोरक्को और बाद में फ्लाईदुबई में काम किया। जांच में आरोप लगाया गया कि उसने तेल अवीव की दो उड़ानों में पहले यात्रा की, ताकि विमान के मार्ग और एयरपोर्ट से जुड़ी जानकारी जुटा सके। इसके बाद तीसरी उड़ान में कथित योजना को अंजाम देने की कोशिश की गई। जांच में उसकी कथित मानसिक और शारीरिक तैयारी का भी उल्लेख किया गया है।
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हवाई सुरक्षा को लेकर उठे सवाल
यह मामला विमानन सुरक्षा और उड़ानों के दौरान संभावित खतरों की पहचान से जुड़े सवाल उठाता है। जांच में सामने आए आरोपों के आधार पर यह पड़ताल की जा रही है कि कथित योजना किस तरह तैयार की गई और उसे रोकने में यात्रियों तथा चालक दल की क्या भूमिका रही। रिपोर्ट के अनुसार, ऑस्ट्रेलियाई एजेंसियां भी वहां अल-हम्मामी की गतिविधियों की जांच कर रही हैं। मामले में सामने आए आरोपों और कथित संपर्कों की जांच जारी है। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि और जांच के अंतिम निष्कर्षों को अलग-अलग समझना जरूरी है।




















