3 वैन, 5 नकाबपोश लोग और बड़े ड्रम... ब्रिटेन के अमेरिकी एयरबेस के बाहर आधी रात को क्या हुआ?

ब्रिटेन में एक अमेरिकी सैन्य अड्डे के बाहर आधी रात को कुछ ऐसा हुआ, जिसने पुलिस से लेकर सेना तक को अलर्ट कर दिया। सड़क पर खड़ी तीन संदिग्ध वैन, चेहरे ढके हुए पांच लोग और वाहनों के अंदर रखे बड़े-बड़े ड्रम... इन सबके बीच एक स्थानीय महिला की सतर्कता ने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया। महिला की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और देखते ही देखते इलाके में सुरक्षा घेरा बना दिया गया। मामला ब्रिटेन के RAF फेयरफोर्ड एयरबेस का है, जहां आतंकी हमले की साजिश रचने के संदेह में पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। यह वही एयरबेस है, जिसका इस्तेमाल अमेरिकी वायुसेना करती है और जहां से ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान के दौरान भी विमान उड़ान भर चुके हैं। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि संदिग्धों का मकसद क्या था और क्या इस पूरे मामले का ईरान से कोई संबंध है। हालांकि, पुलिस ने अभी तक गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सार्वजनिक नहीं की है। अधिकारियों के मुताबिक, जांच शुरुआती दौर में है और मामले से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
आधी रात को दिखीं तीन वैन, और 5 नकाबपोश लोग
घटना की शुरुआत रविवार, 27 सितंबर की रात करीब 12:45 बजे हुई। ग्लॉस्टरशायर के वेल्फोर्ड गांव के पास रहने वाली एक महिला पार्टी से अपने घर लौट रही थी। इसी दौरान रास्ते में उसे तीन संदिग्ध वैन सड़क के बीचोंबीच खड़ी दिखाई दीं। वैन पर एक फ्यूल कंपनी का नाम और फोन नंबर लिखा था, लेकिन महिला को नंबर में एक अंक गायब लगा। वैन को देखकर महिला को कुछ शक हुआ और उसने अपनी कार वापस घुमा ली। इसी दौरान उसकी नजर कुछ दूरी पर मौजूद पांच लोगों पर पड़ी। इन लोगों ने सिर पर हुड और चेहरे पर बालाक्लावा पहन रखा था, जिससे उनकी पहचान करना मुश्किल था।

महिला के मुताबिक, कुछ लोग पेड़ों और खेतों की तरफ भागते दिखाई दिए, जबकि कुछ एयरबेस की दिशा में जाते नजर आए। यह सब देखकर महिला ने वहां रुकने के बजाय तुरंत अपनी कार आगे बढ़ाई और पुलिस को सूचना देने के लिए 999 पर कॉल किया। महिला ने बताया कि करीब 15 मिनट के भीतर पुलिस मौके पर पहुंच गई। उसने स्थानीय वॉट्सऐप ग्रुप में भी घटना की जानकारी साझा की और आसपास के लोगों को अपने घरों के दरवाजे बंद रखने की सलाह दी। महिला ने पुलिस को संदिग्धों के बारे में जानकारी दी। उसके मुताबिक, वे लोग मध्य-पूर्वी मूल के लग रहे थे। हालांकि, आरोपियों की पहचान और उनके मूल स्थान की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
तीन वैन की जांच, 400 मीटर तक सुरक्षा घेरा
महिला की सूचना मिलने के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां हरकत में आ गईं। मौके पर पहुंची टीमों ने तीनों वैन को अपने घेरे में लिया। इसके बाद सेना की बम निरोधक टीम ने वाहनों की जांच शुरू की। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वैन के आसपास करीब 400 मीटर का घेरा बनाया गया। किसी भी संभावित खतरे से बचने के लिए वेल्फोर्ड गांव के करीब 85 घरों को खाली कराया गया। इलाके में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया। जांच के दौरान बम निरोधक रोबोट की मदद भी ली गई। अधिकारियों ने वैन के आसपास की जगह को सुरक्षित करने के बाद वाहनों की बारीकी से जांच की। इस दौरान दो वैन के पिछले दरवाजे खुले हुए मिले। उनके पास जमीन पर बड़े-बड़े काले बैरल भी पड़े थे। इन चीजों को देखकर सुरक्षा एजेंसियों ने मामले को गंभीरता से लिया और जांच का दायरा बढ़ा दिया।
वैन में क्या था? बड़े ड्रमों ने बढ़ाई चिंता
तीनों वैन में क्या रखा था, इसे लेकर जांच एजेंसियां पड़ताल कर रही हैं। ब्रिटिश सेना की पूर्व बम निरोधक अधिकारी लूसी लुईस ने आशंका जताई कि वैन में बड़ी मात्रा में विस्फोटक हो सकता है। उनके मुताबिक, वैन के पास रखे काले बैरल पानी या तेल रखने वाले ड्रम जैसे दिखाई दे रहे थे। उन्होंने यह भी आशंका जताई कि इनमें मौजूद विस्फोटक अमोनियम नाइट्रेट से तैयार किया गया हो सकता है। हालांकि, वैन में वास्तव में क्या सामग्री रखी गई थी और क्या उसमें विस्फोटक मौजूद था, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां वाहनों और उनसे जुड़ी दूसरी चीजों की जांच कर रही हैं।
पांचों पर आतंकी वारदात की तैयारी का शक
पुलिस ने पांचों लोगों को पहले एक्सप्लोसिव्स एक्ट के तहत अपराध के संदेह में गिरफ्तार किया था। बाद में उन पर टेररिज्म एक्ट की धारा 5 के तहत आतंकी वारदात की तैयारी करने का शक भी लगाया गया। जानकारी के मुताबिक, पांचों संदिग्धों पर आतंकी हमले की तैयारी करने का आरोप है। सभी आरोपी फिलहाल पुलिस हिरासत में हैं और उनसे पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि संदिग्ध एयरबेस के पास क्यों पहुंचे थे, वैन में क्या रखा था और उनका वास्तविक मकसद क्या था। पुलिस ने अभी तक आरोपियों की पहचान सार्वजनिक नहीं की है। मामले में जांच जारी है और अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
RAF फेयरफोर्ड एयरबेस क्यों है इतना अहम?
RAF फेयरफोर्ड ब्रिटेन के कोट्सवोल्ड्स इलाके में स्थित एक महत्वपूर्ण सैन्य अड्डा है। इसका इस्तेमाल अमेरिकी वायुसेना 1950 के दशक से करती आ रही है। यह एयरबेस कई बड़े सैन्य अभियानों के दौरान अमेरिकी विमानों के लिए अहम ठिकाना रहा है। इसका इस्तेमाल खाड़ी युद्ध, 2003 के इराक युद्ध और हाल के वर्षों में अलग-अलग सैन्य अभियानों के लिए किया गया है। इस साल ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजराइल के सैन्य अभियान के दौरान भी अमेरिकी B-1 और B-52 बॉम्बर विमानों ने इसी एयरबेस से उड़ान भरी थी। यही वजह है कि इस एयरबेस के बाहर संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत कार्रवाई की। हालांकि, किसी सैन्य ठिकाने के पास संदिग्धों की गिरफ्तारी का मतलब यह नहीं है कि उनका मकसद या किसी दूसरे देश से संबंध साबित हो गया है।
क्या ईरान से जुड़ा है मामला? जांच में जुटीं एजेंसियां
इस पूरे मामले में ईरान का नाम इसलिए सामने आ रहा है, क्योंकि वह पहले भी उन सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की चेतावनी दे चुका है, जिनका इस्तेमाल उसके खिलाफ हमलों के लिए किया जाता है। जुलाई में ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने चेतावनी दी थी कि ईरान पर हमले के लिए इस्तेमाल होने वाला कोई भी सैन्य अड्डा उसके लिए वैध निशाना होगा। RAF फेयरफोर्ड का इस्तेमाल भी ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान के दौरान किया गया था। ऐसे में जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि गिरफ्तार लोगों का इस पूरे घटनाक्रम से कोई संबंध है या नहीं। हालांकि, अब तक ऐसा कोई सबूत सार्वजनिक नहीं किया गया है, जिससे यह साबित हो कि गिरफ्तार पांचों लोग ईरान से जुड़े हैं या उन्हें किसी विदेशी संगठन से निर्देश मिले थे। पुलिस दूसरे संभावित कारणों को भी ध्यान में रखकर जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच अभी शुरुआती चरण में है।
महिला की एक कॉल से खुला मामला
इस घटना में सबसे अहम बात यह है कि पुलिस ने संदिग्धों तक पहुंचने के लिए पहले से मिली किसी खुफिया जानकारी के आधार पर कार्रवाई नहीं की थी। ब्रिटेन की काउंटर-टेरर पुलिस के मुताबिक, मामले में स्थानीय महिला की सूचना ने अहम भूमिका निभाई। महिला ने संदिग्ध वैन और नकाबपोश लोगों को देखने के बाद तुरंत पुलिस को फोन किया था। इसके बाद पुलिस और सेना की टीमें मौके पर पहुंचीं और जांच शुरू की गई। संदिग्धों की गतिविधियों, वैन और उनके भीतर मौजूद सामान की जांच के बाद पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया। फिलहाल सभी पांचों आरोपी पुलिस हिरासत में हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि तीनों वैन कहां से आई थीं, उनमें क्या रखा था और क्या वास्तव में किसी आतंकी हमले की तैयारी की जा रही थी।




















