इंसानियत शर्मसार: बीजेपी पार्षद कार्यालय के पास बोरे में मिला नवजात, रोने की आवाज से खुला राज

इंदौर। शहर में इंसानियत को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। द्वारकापुरी थाना क्षेत्र के प्रजाप्रत नगर में सोमवार रात एक नवजात शिशु को बोरे में बंद कर कचरे के ढेर के पास फेंक दिया गया। मासूम की किस्मत तब खुली, जब देर रात वहां से गुजर रहे एक राहगीर ने बच्चे के रोने की आवाज सुनी।
घटना का वीडियो सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। बताया जा रहा है कि साईं बाबा स्कूल के समीप सकरी गली में कचरा डालने की जगह पर किसी निर्दयी ने नवजात को बोरे में डालकर छोड़ दिया और फरार हो गया।
रोने की आवाज ने बचाई जान
राहगीर को जब बोरे के भीतर से आवाज आई तो उसने झांककर देखा। अंदर नवजात शिशु तड़प रहा था। बिना देर किए उसने पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची और बच्चे को तत्काल अपनी कस्टडी में लेकर एमवाय अस्पताल पहुंचाया।
एमवाय अस्पताल में इलाज जारी
पुलिस के अनुसार नवजात की हालत अब स्थिर है और डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज जारी है। समय पर मदद नहीं मिलती तो बड़ी अनहोनी हो सकती थी।
पार्षद कार्यालय के पास वारदात
चौंकाने वाली बात यह है कि जहां नवजात को फेंका गया, वहां से कुछ ही दूरी पर इंदौर नगर निगम के यातायात प्रभारी और वार्ड 85 के बीजेपी पार्षद राकेश जैन का कार्यालय स्थित है। इसके बावजूद आरोपी बेखौफ होकर इस अमानवीय कृत्य को अंजाम देकर फरार हो गया।
अब तक आरोपी अज्ञात
द्वारकापुरी पुलिस का कहना है कि फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि नवजात को किसने और किन हालात में यहां छोड़ा। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की जा रही है और वीडियो के आधार पर भी सुराग जुटाए जा रहे हैं।
पुलिस जांच में जुटी
पुलिस का दावा है कि जल्द ही इस अमानवीय कृत्य के पीछे जिम्मेदार व्यक्ति तक पहुंचा जाएगा। फिलहाल मामला गंभीर मानवीय अपराध मानते हुए जांच आगे बढ़ाई जा रही है।





















