नर्मदा मैया की शरण में CM के बेटे-बहू,नर्मदा परिक्रमा पर निकले डॉ. अभिमन्यु-डॉ. इशिता

नवविवाह के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के बेटे डॉ. अभिमन्यु यादव और बहू डॉ. इशिता यादव ने ओंकारेश्वर से मां नर्मदा की परिक्रमा शुरू की। ब्रह्मपुरी घाट पर विधिवत पूजा-अर्चना और संतों के आशीर्वाद के साथ शुरू हुई इस करीब 15 दिन की नर्मदा परिक्रमा में पूरा परिवार साथ है।
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नर्मदा परिक्रमा पर निकले डॉ. अभिमन्यु-डॉ. इशिता
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    मध्य प्रदेश के खंडवा जिले स्थित तीर्थनगरी ओंकारेश्वर से मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के बेटे डॉ. अभिमन्यु यादव और बहू डॉ. इशिता यादव ने मां नर्मदा की परिक्रमा का शुभारंभ किया। ब्रह्मपुरी घाट पर दोनों ने विधिवत पूजा-अर्चना कर परिक्रमा का संकल्प लिया। यात्रा शुरू करने से पहले उन्होंने संत विवेक गुरु से आशीर्वाद भी प्राप्त किया। परिवार के अन्य सदस्यों की मौजूदगी में भगवान के दर्शन कर नवदंपति नर्मदा मैया की शरण में निकले।

    विवाह के बाद धर्म के रास्ते पर पहला कदम

    हाल ही में 30 नवंबर को उज्जैन में आयोजित सामूहिक विवाह सम्मेलन में डॉ. अभिमन्यु यादव का विवाह डॉ. इशिता से संपन्न हुआ था। विवाह के बाद धार्मिक परंपराओं के निर्वहन करते हुए नर्मदा परिक्रमा करने का निर्णय लिया। यह यात्रा उनके नवदांपत्य जीवन की मंगल कामना, पारिवारिक सुख-शांति और समाज के कल्याण के संकल्प के साथ की जा रही है।

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    15 दिन में पूरी होगी नर्मदा परिक्रमा

    डॉ. अभिमन्यु और डॉ. इशिता की यह नर्मदा परिक्रमा करीब 15 दिनों में पूरी होगी। ओंकारेश्वर से शुरू होकर यह यात्रा महेश्वर, बड़वानी, राजपीपला-गरुड़ेश्वर, भरूच होते हुए नर्मदा सागर संगम यानी खंभात की खाड़ी तक जाएगी। यात्रा के दौरान CM के बड़े बेटे वैभव यादव, बहू, बेटी डॉ. अकांक्षा यादव और दामाद भी साथ चल रहे हैं। पूरा परिवार मिलकर इस आध्यात्मिक सफर का हिस्सा बना है।

    सादगी में दिखी संस्कारों की ताकत

    परिक्रमा के दौरान डॉ. अभिमन्यु और डॉ. इशिता ने सिर पर कलश रखकर यात्रा शुरू की। दोनों नंगे पांव थे और सफेद कपड़ों में नजर आए। मां नर्मदा की पूजा, आरती और ब्राह्मण भोज के साथ यात्रा का आगाज किया गया। यह दृश्य मुख्यमंत्री परिवार की सादगी और धार्मिक आस्था को साफ तौर पर दर्शाता है।

    डॉ. अभिमन्यु का मानना है कि कोई भी शिक्षा या पेशा व्यक्ति को अपनी जड़ों से दूर नहीं कर सकता। डॉक्टर होने के नाते मरीजों की सेवा उनका कर्तव्य है, लेकिन इसके साथ धर्म और संस्कृति से जुड़ना भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने कहा कि आज के युवाओं में संस्कारों के प्रति जागरूकता देखकर खुशी होती है।

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    मुख्यमंत्री परिवार की परंपरा बनी नर्मदा परिक्रमा

    इससे पहले डॉ. अभिमन्यु के बड़े भाई वैभव यादव भी नर्मदा परिक्रमा कर चुके हैं। ऐसे में यह यात्रा अब यादव परिवार के लिए आस्था और परंपरा का प्रतीक बन चुकी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सादा जीवन, उच्च विचार ली सोच परिवार के हर फैसले में दिखाई देती है।

    बता दें कि,विवाह में सादगी की मिसाल पेश करते हुए CM मोहन यादव ने 30 नवंबर को अपने बेटे अभिमन्यु की शादी सामूहिक विवाह सम्मेलन में कराई। इस सम्मेलन में कुल 21 जोड़ों का विवाह एक साथ हुआ। शिप्रा नदी के तट पर हुए इस विवाह में कोई VIP तामझाम, दिखावटी सजावट या अलग मंडप नहीं बनाया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का यह कदम दिखावे वाली शादियों के खिलाफ एक संदेश था। उन्होंने कहा था कि शादी में सादगी, सामाजिक समानता और सबका साथ, सबका विकास की भावना होनी चाहिए। इससे पहले फरवरी 2024 में उनके बड़े बेटे वैभव की शादी भी राजस्थान के पुष्कर में सादगी के साथ संपन्न हुई थी।

    Garima Vishwakarma
    By Garima Vishwakarma

    गरिमा विश्वकर्मा | People’s Institute of Media Studies से B.Sc. Electronic Media की डिग्री | पत्रकार...Read More

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