बांग्लादेश में छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की हत्या के बाद राजनीतिक माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया है। ढाका में हादी के सिर में गोली मारी गई थी, जिससे उनकी मौत हो गई। इस घटना के बाद देश में विरोध और हिंसा देखने को मिल रही है।
शरीफ उस्मान हादी ‘इंकलाब मंच’ के प्रवक्ता थे। यह संगठन पिछले साल हुए बड़े विरोध प्रदर्शनों के दौरान उभरा था, जिनके बाद शेख हसीना को सत्ता छोड़नी पड़ी थी। हादी को आंदोलन का अहम चेहरा माना जाता था।
हादी की हत्या के बाद बांग्लादेश में कई जगह हिंसक प्रदर्शन हुए। गुस्साई भीड़ ने बड़े अखबारों और सांस्कृतिक संगठनों के दफ्तरों को निशाना बनाया, जिससे हालात और बिगड़ गए।
हादी के भाई शरीफ उमर हादी ने शाहबाग में हुए प्रदर्शन के दौरान अंतरिम सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली सरकार के एक धड़े ने फरवरी में होने वाले राष्ट्रीय चुनाव को रोकने के लिए इस हत्या की साजिश रची।
उमर ने कहा कि उनके भाई चाहते थे कि फरवरी तक देश में चुनाव कराए जाएं। उन्होंने मांग की कि हत्यारों पर तुरंत मुकदमा चले, ताकि चुनावी प्रक्रिया प्रभावित न हो।
शरीफ उमर हादी ने चेतावनी दी कि अगर उनके भाई को न्याय नहीं मिला, तो हालात और बिगड़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि उस्मान हादी को इसलिए मारा गया क्योंकि उन्होंने किसी एजेंसी या विदेशी ताकतों के सामने झुकने से इनकार कर दिया था।
डेली स्टार की रिपोर्ट के मुताबिक, इंकलाब मंच के सदस्य सचिव अब्दुल्ला अल जाबेर ने कहा कि यह हत्या देश की संप्रभुता और पिछले आंदोलन की उपलब्धियों को कमजोर करने की साजिश है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसमें अंतरराष्ट्रीय खुफिया एजेंसियों और देश के भीतर मौजूद ताकतों की भूमिका हो सकती है।
इंकलाब मंच ने सरकार से मांग की है कि हत्यारों को तय समय में जनता के सामने पेश किया जाए और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार कार्रवाई हो। संगठन ने चेतावनी दी कि अगर ऐसा नहीं हुआ, तो विरोध और तेज किया जाएगा।