इंदौर। आजाद नगर इलाके में उस वक्त हड़कंप मच गया जब मुंबई जा रही एक बस से हिन्दू जागरण मंच के कार्यकर्ताओं ने एक संदिग्ध युवक को युवती के साथ पकड़ लिया। युवक ने खुद को “दीपक” बताकर फर्जी आधार कार्ड बनवा रखा था, लेकिन सख्त पूछताछ में उसकी पहचान सहीम के रूप में सामने आई।
कार्यकर्ताओं को सूचना मिली थी कि एक युवक कथित रूप से पहचान छुपाकर एक युवती को इंदौर से मुंबई ले जा रहा है। सूचना के बाद हिन्दू जागरण मंच के कार्यकर्ता ट्रेवल्स ऑफिस पहुंचे और युवती से बातचीत शुरू की। शुरुआती पूछताछ में युवती ने अपना नाम बताने से इनकार किया और घबराई हुई नजर आई।
फर्जी आधार, बदला हुआ नाम और उलझी पहचान
जब युवक से दस्तावेज मांगे गए तो उसने दीपक नाम का आधार कार्ड दिखाया, लेकिन शक गहराने पर जब सख्ती से पूछताछ हुई तो उसने अपना असली नाम सहीम बताया। युवक ने खुद को उत्तर प्रदेश का निवासी बताया, जबकि युवती झारखंड की निकली।
दूर-दराज़ के राज्यों से होने के बावजूद दोनों की पहचान छुपाने की कोशिश ने कार्यकर्ताओं का शक और गहरा कर दिया। जब पुलिस को सौंपने की बात कही गई तो युवती ने खुद को पहले क्रिश्चन बताया, लेकिन दोनों घंटों तक अपने धर्म और पहचान को लेकर गोलमोल जवाब देते रहे।
प्रार्थना और त्योहारों पर सवाल, आदिवासी होने का दावा-
हिन्दू जागरण मंच के सह-संयोजक प्रशांत वर्मा ने बताया कि युवक ने दो से तीन बार अपना नाम बदला, जिससे स्थानीय लोगों को संदेह हुआ और संगठन को सूचना दी गई।
मुंबई क्यों जा रहे थे? जवाब नहीं-
पूछताछ में युवती यह स्पष्ट नहीं कर सकी कि वह सहीम के साथ मुंबई क्यों जा रही थी। वहीं सहीम भी यह नहीं बता पाया कि उसने दीपक नाम से फर्जी आधार कार्ड क्यों बनवाया।
मोबाइल में मिले बुर्के के फोटो-
कार्यकर्ताओं का दावा है कि युवक के मोबाइल फोन में बुर्के पहनी महिलाओं के फोटो भी मिले हैं, जिससे संदेह और गहरा गया।
पुलिस जांच में मामला
पूरे घटनाक्रम के बाद हिन्दू जागरण मंच ने दोनों को आजाद नगर पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस अब युवती की सहमति, फर्जी दस्तावेज, पहचान छुपाने और मानव तस्करी या अन्य एंगल से मामले की जांच कर रही है।