इंदौर जू में अब समुद्र की गहराइयों का रोमांच! 35 करोड़ में बनेगी अंडरवॉटर टनल, तैरेंगी मछलियां, पेंगुइन से लेकर स्नॉर्कलिंग तक होगा रोमांच

इंदौर। इंदौर के प्राणी संग्रहालय में घूमने का अनुभव अब सिर्फ शेर, बाघ और दूसरे वन्यजीवों तक सीमित नहीं रहने वाला। जल्द ही शहरवासियों को जू में ही समुद्र की गहराइयों जैसी जलीय दुनिया के बीच पहुंचने का रोमांच मिल सकता है। लंबे समय से अटकी अंडरवॉटर टनल एक्वेरियम की योजना ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है।नगर निगम इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को पीपीपी (PPP) मॉडल पर विकसित करने की तैयारी में है। करीब 35 करोड़ रुपए के इस प्रोजेक्ट में मछलियों की अलग-अलग प्रजातियों के साथ पेंगुइन प्रदर्शनी, टच पूल और स्नॉर्कलिंग जैसे आकर्षण भी शामिल किए जाएंगे। यानी जू की सैर अब जमीन से पानी की गहराइयों तक पहुंचने वाला नया अनुभव देने की तैयारी में है।
कांच की सुरंग में पानी के बीच से गुजरेंगे दर्शक
इस पूरे प्रोजेक्ट का सबसे बड़ा आकर्षण अंडरवॉटर टनल होगी। इसके डिजाइन के लिए करीब 128 वर्गमीटर जगह तय की गई है। पारदर्शी टनल के भीतर चलते समय आगंतुकों को ऐसा अनुभव देने की योजना है, जैसे वे पानी के अंदर चल रहे हों और उनके चारों तरफ मछलियां तैर रही हों।टनल में पानी के भीतर का दृश्य साफ दिखाई दे, इसके लिए विशेष एक्रेलिक पैनल लगाए जाएंगे। जलीय जीवों के लिए अनुकूल वातावरण बनाए रखने के लिए पानी की लगातार फिल्ट्रेशन, ऑक्सीजन सप्लाई और तापमान नियंत्रण जैसी आधुनिक व्यवस्थाएं भी विकसित की जाएंगी।
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सिर्फ मनोरंजन नहीं, जलीय दुनिया की पढ़ाई भी
यह प्रोजेक्ट केवल मछलियां देखने तक सीमित नहीं रहेगा। इसे जलीय जीवों और उनके पर्यावरण की जानकारी देने वाले मनोरंजन और शिक्षा केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है। यहां लोगों को मीठे पानी और समुद्री पानी में पाए जाने वाले अलग-अलग जीवों को करीब से देखने और उनके बारे में जानने का अवसर मिलेगा।नगर निगम ने प्रोजेक्ट के निर्माण के साथ भविष्य में इसके संचालन और रखरखाव के लिए अनुभवी एजेंसी की तलाश शुरू कर दी है। जू प्रभारी उत्तम यादव के मुताबिक, एजेंसी आसानी से मिल सके, इसके लिए इस बार नियमों में कुछ लचीलापन रखा गया है।
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डेढ़ साल में तैयार करने का लक्ष्य
प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए करीब एक से डेढ़ साल की समयसीमा का लक्ष्य रखा गया है। यदि योजना तय प्रक्रिया के अनुसार आगे बढ़ती है तो आने वाले समय में जू का यह हिस्सा शहर के नए आकर्षण के रूप में विकसित हो सकता है।
5 एक्वेरियम हॉल में दिखेगी जलीय दुनिया
प्रोजेक्ट में पांच अलग-अलग एक्वेरियम हॉल प्रस्तावित हैं। इनमें विभिन्न प्रजातियों की मछलियों और जलीय जीवों को करीब से देखने की व्यवस्था होगी। अलग-अलग थीम और प्रजातियों के जरिए दर्शकों को पानी के भीतर की दुनिया को समझने का अवसर मिलेगा।
75 वर्गमीटर में पेंगुइन का खास ठिकाना
प्रोजेक्ट में करीब 75 वर्गमीटर क्षेत्र में पेंगुइन प्रदर्शनी विकसित करने की योजना है। यहां आगंतुक इन आकर्षक जलीय पक्षियों को करीब से देख सकेंगे।
टच पूल और स्नॉर्कलिंग से मिलेगा रोमांच
जलीय दुनिया को सिर्फ देखने के बजाय महसूस करने के लिए टच पूल और स्नॉर्कलिंग जोन भी प्रस्तावित है। टच पूल में आगंतुकों को जलीय जीवों के साथ नियंत्रित तरीके से इंटरैक्ट करने का अनुभव मिल सकता है, जबकि स्नॉर्कलिंग जोन पानी के भीतर की दुनिया को करीब से देखने का अलग रोमांच देगा।
सेल्फी पॉइंट से रेस्टोरेंट तक कई सुविधाएं
एक्वेरियम परिसर में करीब 125 वर्गमीटर का पूल वाला तालाब भी प्रस्तावित है। इसके अलावा यादगार तस्वीरों के लिए सेल्फी पॉइंट, खाने-पीने के लिए रेस्टोरेंट और आगंतुकों के लिए स्मृति चिन्ह खरीदने की सुविधा देने वाली सुवेनियर शॉप भी विकसित की जाएगी।



















