रक्षाबंधन पर मायके जाने वाली बहनों को मिली राहत, इंदौर में 56 हजार से ज्यादा महिलाओं ने की मुफ्त बस यात्रा

इंदौर। रक्षाबंधन पर भाई की कलाई पर राखी बांधने मायके जाने वाली महिलाओं के लिए एआईसीटीएसएल की नि:शुल्क बस यात्रा सुविधा काफी मददगार साबित हुई। दो दिनों तक उपलब्ध कराई गई इस सुविधा का 56 हजार से अधिक महिलाओं ने लाभ उठाया। एआईसीटीएसएल के मुताबिक करीब 50 हजार महिलाओं ने इंट्रासिटी बसों में, जबकि 6 हजार से अधिक महिलाओं ने सिटी और आई-बस सेवा में बिना किराए यात्रा की। त्योहार के चलते बसों में सामान्य दिनों की तुलना में यात्रियों की संख्या भी बढ़ी।
48 घंटे तक इंटरसिटी चार्टर बसों में नहीं लगा किराया
एआईसीटीएसएल की पीआरओ माला सिंह ठाकुर ने बताया कि रक्षाबंधन को देखते हुए महिलाओं के लिए इंटरसिटी चार्टर बसों में 27 अगस्त सुबह 6 बजे से 29 अगस्त सुबह 6 बजे तक 48 घंटे मुफ्त यात्रा की सुविधा दी गई। इस दौरान इंदौर से बाहर जाने और दूसरे शहरों से इंदौर आने वाली महिलाओं को किराया नहीं देना पड़ा। भोपाल, उज्जैन, रतलाम, नीमच, मंदसौर, खरगोन, धार, झाबुआ, शाजापुर, गुना, अशोकनगर और ब्यावरा सहित प्रमुख मार्गों पर चलने वाली बसों में महिलाओं ने इसका लाभ उठाया। चार्टर बसों के रोजाना 150 से अधिक फेरे संचालित हुए।
त्योहार पर बसों में बढ़ी महिलाओं की आवाजाही
एआईसीटीएसएल के अनुसार सामान्य दिनों में सिटी बसों से प्रतिदिन करीब 5 से 6 हजार यात्री सफर करते हैं, जबकि त्योहारों के दौरान यह संख्या बढ़कर 8 से 9 हजार तक पहुंच जाती है। इनमें महिलाओं की हिस्सेदारी करीब 40 प्रतिशत रहती है। रक्षाबंधन पर सुबह से ही प्रमुख बस स्टॉप और मार्गों पर महिलाओं की आवाजाही बढ़ी रही। मायके जाने वाली महिलाओं के साथ परिवार के अन्य सदस्यों के सफर करने से बसों में भीड़ रही। नि:शुल्क यात्रा सुविधा ने त्योहार के दौरान महिलाओं को आर्थिक राहत देने के साथ उनके लिए मायके पहुंचने का सफर भी आसान बनाया।
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