दमोह: बेटे की मौत के बाद पटरी पर लेटे माता-पिता, ट्रेन से कटकर मौत; त्योहार के दिन उजड़ा परिवार

दमोह। मृतकों की पहचान करैया गांव निवासी भरत अहिरवार, उनकी पत्नी उमा अहिरवार और बेटे मुकेश अहिरवार के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, बेटे का शव देखने के करीब एक घंटे बाद माता-पिता धरमपुरा फाटक पहुंचे और रेलवे पटरी पर लेट गए। तीनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए जिला अस्पताल के शवगृह में रखवाया गया है, पोस्टमॉर्टम शनिवार को होगा। पुलिस मुकेश के आत्महत्या करने और उसके बाद माता-पिता के यह कदम उठाने की वजह की जांच कर रही है।
बेटे की मौत की खबर सुनकर घटनास्थल पहुंचे माता-पिता
दमोह पुलिस के मुताबिक, शुक्रवार सुबह करीब 10:40 बजे माता-पिता को मुकेश के सुसाइड की जानकारी मिली थी। इसके बाद दोनों घटनास्थल पर पहुंचे और बेटे का शव देखा। ट्रेन की चपेट में आने से मुकेश का शव क्षत-विक्षत हो गया था और शव के टुकड़ों को पोटली में समेटा गया। इसके करीब एक घंटे बाद माता-पिता घटनास्थल से करीब 2 किलोमीटर दूर धरमपुरा फाटक पहुंचे और रेलवे पटरी पर लेट गए। करीब 11:30 बजे ट्रेन की चपेट में आने से भरत और उमा की भी मौत हो गई।

ट्रेन से कटकर माता-पिता की भी मौत
मृतकों की पहचान करैया गांव, हिंडोरिया थाना क्षेत्र निवासी भरत अहिरवार (58), उनकी पत्नी उमा अहिरवार (55) और बेटे मुकेश अहिरवार (30) के रूप में हुई है। परिवार में पांच सदस्य हैं, जिनमें माता-पिता, दो बेटे और एक बेटी शामिल हैं। घटना के समय मुकेश का छोटा भाई दौलत अपनी बहन को लेने सागर गया हुआ था। राखी के मौके पर बहन अपने भाई को राखी बांधने वाली थी, लेकिन इससे पहले ही परिवार में यह दर्दनाक घटना हो गई। पड़ोसी मनोज अहिरवार ने बताया कि घटना से करीब 10 मिनट पहले मुकेश उनके घर आया था और घर में समस्या होने की बात कहते हुए साथ चलने के लिए कहा था।
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पूजा में होने के कारण पड़ोसी नहीं जा सके साथ
मनोज अहिरवार ने बताया कि जब मुकेश उनके घर आया, उस समय उनके घर पूजा चल रही थी। इसलिए उन्होंने पूजा खत्म होने के बाद उसके साथ आने की बात कही थी। पूजा खत्म होने के बाद जब मनोज मुकेश के घर पहुंचे, तो करीब 10 मिनट बाद ही उन्हें उसकी मौत की जानकारी मिली।
पुलिस जांच में जुटी, पोस्टमॉर्टम शनिवार को होगा
हादसे की सूचना मिलते ही RPF और कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। मुकेश की मां उमा के पैर कटकर अलग हो गए थे, जबकि पिता भरत के चेहरे और शरीर के अन्य हिस्सों पर गंभीर चोटों के निशान मिले हैं। पुलिस ने तीनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए जिला अस्पताल के शवगृह में रखवाया है और पोस्टमॉर्टम शनिवार को किया जाएगा। पुलिस मुकेश के आत्महत्या करने और उसके बाद माता-पिता के भी यह कदम उठाने की वजह की जांच कर रही है। परिवार और आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है।




















