ब्यावरा में स्लीपर बस सेफ्टी वॉल से टकराई, पुल से नीचे गिरे यात्री; 4 की मौत, 12 गंभीर घायल

राजगढ़। हादसे में ऊपरी केबिन और स्लीपर बर्थ में सो रहे यात्री शीशे टूटने के कारण पुल से करीब 20 फीट नीचे भोपाल रोड पर जा गिरे। बेंगलुरु पुलिस के साइबर इंस्पेक्टर रवि केवी समेत 4 लोगों की मौके पर मौत हो गई, जबकि पुलिस स्टाफ सहित 12 यात्री गंभीर घायल हैं। बस लखनऊ से इंदौर की तरफ जा रही थी और उसमें बेंगलुरु के साउथ-ईस्ट सायबर क्राइम पुलिस स्टेशन की एक टीम भी सवार थी। शुरुआती जांच में बस की तेज रफ्तार हादसे की वजह हो सकती है, जबकि ब्रिज के खतरनाक डिजाइन को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
तेज रफ्तार स्लीपर बस सेफ्टी वॉल से टकराई,4 की मौत
पुलिस के अनुसार, बस लखनऊ से इंदौर की तरफ जा रही थी। सुबह का समय होने से यात्री गहरी नींद में थे और किसी को संभलने का मौका नहीं मिला। बस नंबर एनएल-01/डी-3436 ब्यावरा-इंदौर बायपास के मोड़ ओवरब्रिज पर बने खतरनाक तीखे घुमावदार मोड़ पर अनियंत्रित होकर सेफ्टी वॉल से जा टकराई। इस दौरान ऊपरी केबिन और स्लीपर बर्थ में सो रहे यात्री शीशे टूटने के कारण पुल से करीब 20 फीट नीचे भोपाल रोड पर जा गिरे।
बेंगलुरु पुलिस की टीम भी बस में थी सवार
बस में बेंगलुरु के साउथ-ईस्ट सायबर क्राइम पुलिस स्टेशन की एक टीम सवार थी, जो उप्र में एक मामले की जांच के बाद आरोपी की धरपकड़ के लिए इंदौर जा रही थी। हादसे में बेंगलुरु पुलिस के साइबर इंस्पेक्टर रवि केवी समेत 4 लोगों की मौके पर मौत हो गई। रवि केवी बेंगलुरु में साइबर इंस्पेक्टर थे, जो अपनी टीम के सदस्य विश्वनाथ और रमेश नायक के साथ कर्नाटक से किसी अपराधी को पकड़ने इंदौर जा रहे थे। हादसे में उनके दोनों साथी घायल हो गए, जबकि पुलिस स्टाफ सहित 12 यात्री गंभीर घायल हैं।
मृतकों में कर्नाटक,बिहार और उत्तर प्रदेश के यात्री
इस हादसे में जिन चार लोगों की मौत हुई है, उनमें चारों कर्नाटक, बिहार और उत्तर प्रदेश के हैं। मृतकों की पहचान रवि केबी (45), निवासी बेंगलुरु, बेलाल अली निवासी गोपालगंज, बिहार, ड्रायवर विकास शुक्ला निवासी तेंदुली, फतेहपुर, उप्र और ज्योतिरादित्य सिंह गौड़ निवासी बिजवाड़ शामिल हैं। घटना की सूचना मिलते ही मंत्री नारायण सिंह पंवार, राजगढ़ एसपी अमित तोलानी और एसडीएम गोविंद दुबे सिविल अस्पताल पहुंचे। अधिकारियों ने घायलों के तुंरत उपचार के इंतजाम किए।
मॉर्निंग वॉक पर निकले लोगों ने देखा हादसा
हादसे के वक्त आसपास कुछ लोग सुबह की सैर पर निकले थे। प्रत्यक्षदर्शी एडवोकेट अंकुर राजन के मुताबिक, उन्होंने बस से यात्रियों को नीचे गिरते देखा। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी, लेकिन आरोप है कि करीब आधे घंटे तक एम्बुलेंस मौके पर नहीं पहुंची और लहूलुहान यात्री पुल के नीचे सड़क पर तड़पते रहे। इसी के साथ एसपी अमित तोलानी ने कहा, शुरुआती जांच में बस की तेज रफ्तार हादसे की वजह हो सकती है। ब्रिज घुमावदार होने के कारण यहां दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।




















