रक्षाबंधन पर घर जाने की उम्मीदों पर फिरा पानी, इंदौर से रीवा-जबलपुर की उड़ानें निरस्त

इंदौर। रक्षाबंधन पर बहनों से राखी बंधवाने और परिवार के साथ त्योहार मनाने की तैयारी कर रहे यात्रियों की उम्मीदों पर उड़ान निरस्तीकरण ने पानी फेर दिया। इंदौर से रीवा और जबलपुर जाने वाली इंडिगो की उड़ानें निरस्त होने से पहले से टिकट बुक कर चुके यात्रियों को अचानक परेशानी का सामना करना पड़ा। जिन यात्रियों ने ट्रेन और बसों की भीड़ से बचने के लिए हवाई सफर का विकल्प चुना था, उन्हें अब दोबारा वैकल्पिक साधन तलाशने पड़े जैसे तैसे यात्री अपने गंतव्य के लिए रवाना हुए।
वजह बताई तकनीकी समस्या
एयरपोर्ट प्रबंधन के अनुसार गुरूवार को इंदौर से रीवा जाने वाली इंडिगो की उड़ान 6E7363 सुबह 11.25 बजे रवाना होनी थी। इसे निरस्त कर दिया गया। यही उड़ान रीवा से इंदौर भी आने वाली थी, लेकिन उसका आगमन सेक्टर भी रद्द रहा। इसके अलावा इंदौर से जबलपुर जाने वाली उड़ान 6E7316 दोपहर 3.40 बजे रवाना होनी थी, लेकिन यह उड़ान भी निरस्त कर दी गई। एयरपोर्ट की कैंसिल रिपोर्ट में दोनों उड़ानों के निरस्त होने की वजह तकनीकी समस्या बताई गई है। हालांकि यात्रियों के लिए परेशानी सिर्फ उड़ान रद्द होने तक सीमित नहीं रही। त्योहार के चलते ट्रेनों में आरक्षण मिलना मुश्किल है, जबकि लंबी दूरी की बसों में भी सीटों की उपलब्धता सीमित है। ऐसे में हवाई टिकट लेकर यात्रा की तैयारी कर चुके यात्रियों के सामने घर पहुंचने के लिए नया इंतजाम करना बड़ी चुनौती बन गया।
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महीनों पहले बनाई थी यात्रा की प्लानिंग
यात्री पियुष भाटी ने बताया कि रक्षाबंधन को देखते हुए रीवा और जबलपुर जाने वाले कई यात्रियों ने पहले ही टिकट बुक कर लिए थे। त्योहार के समय ट्रेनों और बसों में बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए हवाई यात्रा को सुविधाजनक विकल्प माना था। लेकिन उड़ान निरस्त होने के बाद पूरी यात्रा की प्लानिंग बिगड़ गई। यात्रियों को दूसरी उड़ान में जगह तलाशनी होगी या फिर सड़क और रेल मार्ग से सफर करना होगा।
त्योहार पर बढ़ती मांग के बीच निरस्तीकरण से बढ़ी मुश्किल
रक्षाबंधन के कारण इंदौर से प्रदेश के अलग-अलग शहरों के लिए यात्रियों की आवाजाही बढ़ी हुई है। ऐसे समय में रीवा और जबलपुर जैसे शहरों की उड़ान निरस्त होने से इन रूटों पर जाने वाले यात्रियों के सामने विकल्प और सीमित हो गए हैं। खासकर उन यात्रियों की मुश्किल ज्यादा बढ़ी है, जिन्हें तय तारीख और समय पर ही परिवार तक पहुंचना था।
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