बेटमा में तीन सगी बहनों की मौत का रहस्य गहराया, बिसरा रिपोर्ट पर टिकी जांच
इंदौर के बेटमा क्षेत्र में एक ही परिवार की तीन सगी बहनों की संदिग्ध मौत का मामला अब भी रहस्य बना हुआ है। 25 अगस्त की रात तीनों को पेट दर्द और उल्टी की शिकायत हुई थी। प्रारंभिक तौर पर फूड पॉइजनिंग की आशंका जताई गई है। मौत की वास्तविक वजह बिसरा रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट होगी।

फाइल फोटो
इंदौर। बेटमा क्षेत्र में एक ही परिवार की तीन सगी बहनों की संदिग्ध मौत का मामला उलझता जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग और पुलिस दोनों अब बिसरा रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। प्रारंभिक तौर पर फूड पॉइजनिंग की आशंका जताई गई थी, लेकिन बिना पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के मौत के असली कारण की पुष्टि नहीं हो पा रही है। सीएमएचओ डॉ. माधव हसानी ने बताया कि तीनों बच्चियों के बिसरा सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि मौत भोजन में जहरीले तत्व से हुई, फूड पॉइजनिंग थी या कोई अन्य कारण। विभाग ने परिवार के खान-पान और हेल्थ हिस्ट्री की जानकारी जुटाना शुरू कर दिया है।
यह था घटनाक्रम
- मृत बालिकाओं के नाम आसिन (बड़ी), विशुका (मझली) और विधि (छोटी) हैं। पिता नरेन्द्र और माता अमरौतिन के अनुसार 25 अगस्त 2026 की रात अचानक तीनों को पेट में तेज दर्द और उल्टी शुरू हुई। परिजन उन्हें तुरंत बेटमा के स्थानीय अस्पताल ले गए।
- हालत में सुधार न होने पर उसी रात माता अमरौतिन मझली बेटी विशुका को लेकर पीथमपुर अस्पताल गईं, जबकि पिता नरेन्द्र छोटी बेटी विधि को महू अस्पताल ले गए। उपचार के दौरान दोनों बच्चियों की मौत हो गई।
- 26 अगस्त को परिजनों ने पुलिस को बिना सूचना दिए दोनों शवों को एंबुलेंस से पैतृक गांव मुरलीडीह, जिला जांजगीर-चांपा, छत्तीसगढ़ ले जाने का प्रयास किया। एंबुलेंस में बड़ी बेटी आसिन भी साथ थी। रास्ते में इटारसी के पास आसिन की भी तबीयत बिगड़ गई। उसे डीएसपीएम अस्पताल इटारसी ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी भी मौत हो गई।
- इस घटना की सूचना पर थाना इटारसी, जिला नर्मदापुरम में मर्ग कायम कर धारा 194 बीएनएसएस के तहत कायम किया गया। 28 अगस्त को मर्ग डायरी थाना बेटमा प्राप्त होने पर धारा 194 बीएनएसएस कायम कर जांच शुरू की गई है।




















