इंदौर में 5729 कैदियों की मेडिकल जांच, 7 बंदी HIV पॉजिटिव, स्वास्थ्य विभाग ने 4 जेलों कराया था टेस्ट

इंदौर। एड्स नियंत्रण यूनिट द्वारा कराई गई एक विस्तृत जांच ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। 1 अप्रैल से 31 जुलाई के बीच इंदौर, महू, सांवेर और देपालपुर जेलों में रहने वाले कैदियों की मेडिकल जांच की गई, जिसमें सात बंदी एचआईवी पॉजिटिव पाए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने तत्काल इनकी निगरानी शुरू कर दी है।
5729 बंदियों की हुई जांच
स्वास्थ्य विभाग ने चारों जेलों के कुल 5729 बंदियों की मेडिकल जांच कराई। इसमें से इंदौर की जेल में 4797 बंदियों की स्क्रीनिंग की गई, जिनमें से पांच एचआईवी पॉजिटिव निकले। वहीं, महू जेल में 456 बंदियों की जांच हुई, जिसमें दो संक्रमित पाए गए। सांवेर और देपालपुर जेल से कोई भी पॉजिटिव केस सामने नहीं आया। जांच की रिपोर्ट बुधवार को सामने आई।
स्वास्थ्य विभाग ने शुरू की मॉनिटरिंग
एचआईवी संक्रमित बंदियों को चिन्हित करने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने सभी की मॉनिटरिंग शुरू कर दी है। विभाग के विशेषज्ञ नियमित तौर पर इनके स्वास्थ्य की जांच कर रहे हैं और आवश्यक इलाज की व्यवस्था की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि समय पर इलाज और देखभाल से संक्रमण को नियंत्रित किया जा सकता है।
विशेषज्ञों ने बताए एचआईवी के लक्षण
विशेषज्ञों ने बताया कि एचआईवी यानी एक्वायर्ड इम्यून डेफिशिएंसी सिंड्रोम (AIDS) के कई लक्षण शुरुआती दौर में नजर आने लगते हैं। इनमें लगातार बुखार रहना, शरीर में थकान, मांसपेशियों में ऐंठन, जोड़ों में सूजन और दर्द, गला सूखना, सिरदर्द, वजन घटना, त्वचा पर दाग या संक्रमण और मुंह-गले में दर्द शामिल हैं।
डॉक्टरों का कहना है कि यदि इनमें से कोई भी लक्षण लगातार दिखे, खासतौर पर सुबह के समय, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क कर एचआईवी टेस्ट करवाना चाहिए। समय पर पहचान और इलाज से बीमारी को नियंत्रित करना संभव है और मरीज सामान्य जीवन जी सकता है।
(रिपोर्ट-हेमंत नागले)





















