इंदौर में बनते ही उखड़ी मास्टर प्लान रोड:घटिया निर्माण पर प्राधिकरण सख्त, 5 साल की गारंटी वाली रोड पर ठेकेदार को दो नोटिस

इंदौर। इंदौर विकास प्राधिकरण द्वारा कराए जाने वाले निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर आमतौर पर सवाल कम ही उठते हैं। सुपर कॉरिडोर, एमआर-10 सहित कई महत्वपूर्ण सड़कों और फ्लायओवर के निर्माण के उदाहरण भी सामने हैं। लेकिन इस बार तुलसी नगर नाले से बीसीएम पैराडाइज तक बन रही सीमेंट-कांक्रीट सड़क का काम विवादों में आ गया है। निर्माण पूरा होने के साथ ही सड़क के कुछ हिस्सों में जगह-जगह थेगले दिखाई देने लगे। शिकायत मिलने के बाद प्राधिकरण ने ठेकेदार फर्म को दो नोटिस जारी किए हैं।
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100 फीट चौड़ी सड़क को बनाया जा रहा सिक्स लेन
मास्टर प्लान के तहत यह सड़क 100 फीट चौड़ी प्रस्तावित है और इसका निर्माण एडवांस एकेडमी तक किया जाना है। हालांकि तुलसी नगर बसाने वाली संस्था द्वारा कुछ भूखंडों के आवंटन से जुड़े मामले के सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन होने के कारण सड़क के एक हिस्से में काम आगे नहीं बढ़ सका है। इसके अलावा कब्रिस्तान की बाधा भी बनी हुई है। इसी वजह से इस हिस्से में लंबे समय से निर्माण रुका हुआ है। अब तुलसी नगर नाले के आगे से सड़क का काम शुरू किया गया है। नाले पर रिटेनिंग वॉल का निर्माण भी किया गया है। रहवासी संघों की मांग को देखते हुए इस हिस्से को सिक्स लेन के रूप में विकसित किया जा रहा है। फिलहाल दोनों तरफ दो-दो लेन का निर्माण किया जा चुका है।
नई सड़क पर ही नजर आने लगे थेगले
निर्माण के दौरान एक लेन की गुणवत्ता ठीक नहीं मिली। सड़क बनने के साथ ही कुछ स्थानों पर उसकी ऊपरी परत उखड़ने लगी और गिट्टी-रेती नजर आने लगी। कई जगह सुधार के नाम पर किए गए काम के बाद थेगले भी दिखाई दिए। इसे लेकर शिकायतें सामने आने के बाद प्राधिकरण ने मामले को गंभीरता से लिया। प्राधिकरण के अधिकारियों के मुताबिक निर्माण में इस तरह की स्थिति सामने आना बेहद खेदजनक है। इसके बाद ठेकेदार फर्म मेसर्स वेल्किन बिल्डर्स इन्फ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड को 28 सितंबर को पहला नोटिस जारी किया गया।
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पहले नोटिस के बाद भी नहीं सुधरा काम
पहले नोटिस में ठेकेदार को मौके पर किए गए त्रुटिपूर्ण कार्य को सुधारने और सड़क को निर्धारित मानकों के अनुसार दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए थे। इसके लिए एक सप्ताह का समय दिया गया था। प्राधिकरण ने एमओआरटी एंड एच के मानकों के अनुसार मरम्मत करने को कहा था।ठेकेदार की ओर से सुधार कार्य किए जाने के बावजूद सड़क पर कई जगह थेगले दिखाई देने लगे। मामला सामने आने के बाद प्राधिकरण ने भी पूरे निर्माण की जांच शुरू करवा दी।
1 अक्टूबर को फिर नोटिस, खराब पैनल तोड़ने के निर्देश
पहले नोटिस के बाद अपेक्षित सुधार नहीं होने पर प्राधिकरण ने 1 अक्टूबर को दूसरा नोटिस जारी किया। इसमें कहा गया कि पहले दिए गए निर्देशों के बावजूद त्रुटिपूर्ण कार्य को सुधारने की प्रभावी पहल नहीं की गई, जो आपत्तिजनक है। प्राधिकरण ने निर्देश दिए हैं कि जिस पैनल में खराबी आई है, उसे तोड़कर दोबारा नया बनाया जाए। इसके अलावा निर्माण स्थल पर आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने के लिए भी कहा गया है।
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सीवर चेंबर में मलबा गिरने से लाइन भी चोक
सड़क निर्माण के दौरान सीवर लाइन के चेंबरों में मलबा गिरने का मामला भी सामने आया है। इससे सीवर लाइन चोक हो गई। नगर निगम की ओर से भी इस संबंध में शिकायत की गई। प्राधिकरण ने ठेकेदार को चेंबरों में जमा मलबा साफ करने के निर्देश दिए हैं।
5 साल की गारंटी, इसलिए फिर बनेगी सड़क
प्राधिकरण के मुताबिक सड़क का निर्माण 5 साल की गारंटी अवधि में किया जा रहा है। ऐसे में निर्माण के दौरान खराब पाया गया हिस्सा ठेकेदार की जिम्मेदारी है। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि खराब हिस्से पर केवल पैबंद लगाकर काम नहीं चलाया जाएगा, बल्कि जरूरत के मुताबिक संबंधित पैनल को तोड़कर उसका दोबारा निर्माण कराया जाएगा।



















