Naresh Bhagoria
3 Feb 2026
Naresh Bhagoria
3 Feb 2026
इंदौर शहर में पिछले कई दिनों से दहशत का पर्याय बना तेंदुआ आखिरकार वन विभाग के हत्थे चढ़ गया। देवगुराड़िया क्षेत्र स्थित नगर निगम के ट्रेंचिंग ग्राउंड में तेंदुए के खुलेआम घूमने के वीडियो वायरल होने के बाद बायपास और आसपास के इलाकों में खौफ का माहौल बना हुआ था। मंगलवार देर रात वन विभाग की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद तेंदुए को सुरक्षित पकड़ लिया। तेंदुए की मौजूदगी के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे थे, जिससे इलाके के रहवासी सहमे हुए थे और रात के वक्त घरों से निकलने में भी डर महसूस कर रहे थे।
बताया जा रहा है कि पिछले सप्ताह बुधवार रात को सबसे पहले नगर निगम कर्मचारियों ने ट्रेंचिंग ग्राउंड परिसर में तेंदुए को घूमते हुए देखा था। इसी दौरान एक कर्मचारी ने मोबाइल से उसका वीडियो बना लिया, जो देखते ही देखते वायरल हो गया। इसके बाद से इलाके में सनसनी फैल गई थी। लोगों में यह डर गहराने लगा था कि तेंदुआ किसी भी वक्त रिहायशी क्षेत्र में घुस सकता है और बड़ा हादसा हो सकता है। सात दिनों तक चले सर्च और निगरानी अभियान के बाद देर रात मिली इस सफलता से बायपास और आसपास के क्षेत्रों में फैले खौफ के माहौल से लोगों को बड़ी राहत मिली है। वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि तेंदुए को मेडिकल जांच के बाद सुरक्षित रूप से जंगल में छोड़ा जाएगा।
पिछले बुधवार को रेंजर योगेश यादव ने जानकारी दी थी कि ट्रेंचिंग ग्राउंड की ओर तेंदुए के मूवमेंट की शिकायत विभाग को मिली थी। शिकायत मिलते ही रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और पूरे इलाके का निरीक्षण कर रणनीति बनाई गई। इसके बाद वन विभाग ने अपनी टीम को इलाके में तैनात कर लगातार निगरानी शुरू कर दी थी। अधिकारियों के अनुसार, वायरल वीडियो में तेंदुआ साफ दिखाई दे रहा था, हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा था कि वह रालामंडल क्षेत्र से आया था या किसी अन्य पहाड़ी इलाके से। अधिकारियों ने बताया था कि बायपास के आसपास तीन से चार पहाड़ियां हैं और रालामंडल क्षेत्र में पहले भी तेंदुओं की मौजूदगी के प्रमाण मिल चुके हैं।
वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इंदौर शहर और आसपास जिन-जिन स्थानों पर तेंदुए देखे गए हैं, वे सभी अलग-अलग तेंदुए हैं। इंदौर डिवीजन में कुल करीब 60 तेंदुए मौजूद हैं, जिनका मूवमेंट इंदौर, महू, मानपुर और चोरल क्षेत्रों में बना रहता है। रालामंडल क्षेत्र में तेंदुओं की संख्या अधिक होने की वजह वहां का घना जंगल और पर्याप्त शिकार उपलब्ध होना है। जंगल में खरगोश, नीलगाय, लकड़बग्घा, लोमड़ी, चीतल, जंगली सूअर, सियार और चिंकारा जैसे जानवर मौजूद हैं, जो तेंदुओं के लिए भोजन का मुख्य स्रोत हैं। वन विभाग ने यह भी साफ किया है कि तेंदुआ सामान्य तौर पर इंसानों पर सीधे हमला नहीं करता, लेकिन उसकी मौजूदगी से पैदा हुआ खौफ और खतरा किसी भी सूरत में नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।