एसडीएम डॉ. बबीता राठौर का नवाचार, कार्यालय परिसर में बनाया ‘पलकमती सभाकक्ष’
सोहागपुर। एसडीएम डॉ. बबीता राठौर ने कार्यालयीन व्यवस्थाओं को अधिक सुविधाजनक बनाने की दिशा में एक अभिनव पहल करते हुए एसडीएम कार्यालय परिसर में नए सभाकक्ष की व्यवस्था की है। सोहागपुर शहर की जीवनरेखा मानी जाने वाली पलकमती नदी के नाम पर इस सभाकक्ष का नाम ‘पलकमती सभाकक्ष’ रखा गया है। धनतेरस के शुभ अवसर पर एसडीएम ने विधिवत पूजन-अर्चन कर सभाकक्ष का शुभारंभ कराया। इस अवसर पर कार्यालयीन स्टाफ द्वारा सुंदरकांड का पाठ भी किया गया।
दरअसल, एसडीएम के चैंबर में सीमित जगह होने के कारण एक साथ अधिक अधिकारियों एवं कर्मचारियों के बैठने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी। ऐसे में विभिन्न प्रशासनिक विषयों पर अधीनस्थ अधिकारियों-कर्मचारियों की आकस्मिक बैठक बुलाने के दौरान जगह की समस्या सामने आती थी। इसके अलावा अधिवक्ताओं, व्यापारियों और मीडिया प्रतिनिधियों के साथ सामूहिक चर्चा एवं संवाद के लिए भी चैंबर में पर्याप्त स्थान उपलब्ध नहीं था।
इस समस्या को समझते हुए एसडीएम डॉ. राठौर ने कार्यालय परिसर में उपलब्ध स्थान का बेहतर उपयोग करने की योजना बनाई। इसके तहत कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी के कार्यालय को परिसर के दूसरे कक्ष में स्थानांतरित कराया गया। वहीं, समीपवर्ती कमरे में रखे पुराने कार्यालयीन रिकॉर्ड को भी अन्य कक्ष में व्यवस्थित कराया गया। इसके बाद दोनों कमरों के बीच बनी दीवार हटवाकर पूरे स्थान को एक बड़े हॉल के रूप में विकसित कराया गया। आवश्यक साफ-सफाई, लिपाई-पुताई और व्यवस्थाओं के बाद यह स्थान अब सभाकक्ष के रूप में तैयार हो गया है।
दीपावली से पूर्व धनतेरस के दिन पंडित विनीत शर्मा द्वारा विधि-विधान से पूजा-अर्चना कराई गई। एसडीएम डॉ. बबीता राठौर ने सभाकक्ष के नामकरण के माध्यम से स्थानीय पहचान और पलकमती नदी के महत्व को भी सम्मान दिया है।
एसडीएम की इस पहल से अब कार्यालय में आकस्मिक प्रशासनिक बैठकों, सामूहिक विचार-विमर्श और विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों के साथ संवाद के लिए एक उपयुक्त स्थान उपलब्ध हो सकेगा। सीमित संसाधनों में उपलब्ध कार्यालयीन स्थान का बेहतर उपयोग कर नई सुविधा विकसित करने के इस नवाचार की सराहना की जा रही है।























