शेयर बाजार में मुनाफे का सपना दिखाया,7.50 लाख की चपत लगाकर गायब हुए ठग

इंदौर। शेयर बाजार में निवेश कर कम समय में मोटा मुनाफा कमाने का लालच साइबर ठगों का नया हथियार बनता जा रहा है। राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र में इसी तरह के एक मामले में शातिर ठगों ने एक युवक को अपने जाल में फंसाकर 7 लाख 50 हजार रुपए ऐंठ लिए। आरोपियों ने पहले खुद को नामी ब्रोकरेज कंपनी का प्रतिनिधि बताया, फिर भरोसा जीतने के लिए कथित SEBI रजिस्ट्रेशन प्रमाण पत्र तक दिखाया। इसके बाद फर्जी ट्रेडिंग ऐप के जरिए निवेश कराया गया। जब पीड़ित ने रकम वापस निकालने की कोशिश की तो न पैसा निकला और न ही ठगों से संपर्क हो सका।
ये भी पढ़ें: जमीन के विवाद में रिश्ते हुए शर्मसार? पिता की मौत के बाद शव के अंगूठे का निशान लेने का वीडियो वायरल!
मोबाइल पर ऐप डाउनलोड कराया, फिर व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा
पुलिस के मुताबिक स्वामी दयानंद नगर निवासी फिरोज पिता शकील खान ने राजेंद्र नगर थाने पहुंचकर ऑनलाइन साइबर फ्रॉड की शिकायत दर्ज कराई है। फरियादी ने बताया कि उसने मोबाइल पर ‘मार्केट वोल्फ’ नाम का ऐप इंस्टॉल किया था। ऐप के बाद उसे व्हाट्सएप लिंक के माध्यम से एक ग्रुप में जोड़ लिया गया। ग्रुप में मौजूद लोगों ने खुद को कथित ब्रोकरेज कंपनी अमानसा कैपिटल प्राइवेट लिमिटेड का प्रतिनिधि बताया। ठगों ने निवेश को सुरक्षित दिखाने के लिए कथित SEBI रजिस्ट्रेशन का प्रमाण पत्र भी दिखाया। दस्तावेज देखकर पीड़ित को भरोसा हो गया कि वह किसी वैध निवेश प्लेटफॉर्म से जुड़ा है।
ये भी पढ़ें: AI से बनाई फर्जी ID, पुलिस बनकर ऐंठे 70 हजार, आरोपी की पत्नी निकली हवलदार, महिला समेत 3 गिरफ्तार, मास्टरमाइंड फरार
भारतीय और अमेरिकी शेयर बाजार के नाम पर जमा कराए लाखों
ठगों ने फिरोज को भारतीय और अमेरिकी शेयर बाजार में ट्रेडिंग के जरिए बेहतर रिटर्न का लालच दिया। उनके बताए तरीके पर भरोसा करते हुए पीड़ित ने अलग-अलग किस्तों में कुल 7 लाख 50 हजार रुपए जमा कर दिए। आरोपियों ने निवेश की रकम और कथित मुनाफे की जानकारी फर्जी ट्रेडिंग ऐप पर दिखाई। इससे पीड़ित को लगा कि उसका पैसा शेयर बाजार में लगाया जा रहा है और उसे अच्छा मुनाफा हो रहा है।
ये भी पढ़ें: इंदौर में भाजपा की मौन रैली, नेताओं ने याद किया बंटवारे का दर्द
पैसे निकालने की बारी आई तो ऐप ने दे दिया ‘धोखा’
ठगी का खेल तब सामने आया जब फिरोज ने अपने जमा पैसे वापस निकालने की कोशिश की। उसने ऐप के जरिए रकम ट्रांसफर करनी चाही, लेकिन पैसा नहीं निकला। इसके बाद उसने ऐप के एडमिन और मैनेजर से संपर्क किया। शुरुआत में बात करने वाले आरोपियों ने बाद में बातचीत बंद कर दी। फोन और ऑनलाइन संपर्क का कोई जवाब नहीं मिला। लगातार कोशिश के बावजूद जब रकम वापस नहीं मिली तो पीड़ित को समझ आया कि वह साइबर ठगी का शिकार हो चुका है।
ये भी पढ़ें: मध्य प्रदेश में फिर सक्रिय हुआ मानसून, 12 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, जानें आपके जिले में कैसा रहेगा मौसम
नकली दस्तावेज और फर्जी ऐप बना ठगी का हथियार
इस मामले में ठगों ने पीड़ित का भरोसा जीतने के लिए कई स्तर पर जाल बिछाया। पहले शेयर बाजार में बड़े मुनाफे का लालच दिया गया, फिर व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए लगातार संपर्क में रखा गया। इसके बाद कथित कंपनी का प्रतिनिधि बनकर फर्जी SEBI प्रमाण पत्र दिखाया गया और नकली ट्रेडिंग ऐप के माध्यम से निवेश की रकम जमा कराई गई। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि ठगों ने पीड़ित से रकम किन खातों में जमा कराई और इस पूरे नेटवर्क में कितने लोग शामिल हैं।
ये भी पढ़ें: महू कांग्रेस में नियुक्तियों पर बगावत! 100 से ज्यादा इस्तीफों से संगठन में हड़कंप
अज्ञात साइबर ठगों पर केस, जांच शुरू
ठगी का अहसास होने के बाद फिरोज ने राजेंद्र नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस साइबर ठगों के मोबाइल नंबर, व्हाट्सएप ग्रुप, ऐप, बैंक खातों और लेन-देन से जुड़े डिजिटल रिकॉर्ड की जांच कर रही है। साथ ही कथित ब्रोकरेज कंपनी और SEBI रजिस्ट्रेशन दस्तावेज की वास्तविकता भी जांच के दायरे में है।












