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इंदौर कलेक्टर ने दिखाए तीखे तेवर, पांच पटवारी और एक आरआई को किया सस्पेंड, लंबे समय से मिल रही थी शिकायत

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इंदौर कलेक्टर ने दिखाए तीखे तेवर, पांच पटवारी और एक आरआई को किया सस्पेंड, लंबे समय से मिल रही थी शिकायत
इंदौर को जिस समय से आर्थिक राजधानी का दर्जा मिला है, वैसे ही यहां के विभाग के अधिकारी भी केवल अर्थ के लिए ही काम करते नजर आते हैं। इंदौर कलेक्ट्रेट में आ रहे पटवारी और तहसीलदार तक यह किया जा रहा है कि बिना शुभ लाभ के किसी प्रकार से कोई कार्य नहीं किया जा सकता है। इसकी शिकायत लगातार इंदौर कलेक्टर को मिल रही थी। इससे पहले भी इंदौर कलेक्टर आशीष सिंह ने तीखे तेवर दिखाते हुए लोकसभा चुनाव में छुट्टियां लेने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की थी। वहीं इंदौर कलेक्टर द्वारा लगातार काम में गड़बड़ी पाए जाने पर पांच पटवारी वह एक राजस्व निरीक्षक को सस्पेंड किया है। कुछ समय पहले रेवेन्यू की बैठक में लगातार लंबित प्रकरण और अपने काम को सही ढंग से न किए जाने को लेकर इंदौर कलेक्टर ने सभी आरआई, पटवारी को फटकार भी लगाई थी। लेकिन इसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ा। वहीं काम में लेट लतीफ के चलते इंदौर कलेक्टर ने पांच पटवारी सहित एक आरआई को सस्पेंड कर दिया है।

इन पटवारियों पर गिरी गाज

लापरवाही और राजस्व कार्यों में अनियमितता के चलते जिन पटवारी को सस्पेंड किया गया है, उनमें ऋषिता तिवारी मल्हारगंज, हरीश शर्मा मल्हारगंज, ओम परमार बिचोली हैप्सी, प्रभु दयाल जूनी इंदौर और नितेश राणा राऊ है। जिनके खिलाफ लगातार यह शिकायतें मिल रही थी कि बिना शुभ लाभ के वह काम नहीं करते हैं। आम जनता और राजस्व से जुड़े मामलों के प्रकरण लंबे समय तक चल रहे हैं। इन शिकायतों के चलते पहले कई बार हिदायत दे दी जा चुकी थी, लेकिन हिदायत के बावजूद पटवारी अपने कार्य को सही ढंग से करने को तैयार नहीं थे। जिसके चलते इंदौर कलेक्टर ने यह एक्शन लिया है।

लोकसभा चुनाव की आड़ में काम से बच रहे अधिकारी

इंदौर कलेक्टर कार्यालय में नामांकन, बटांकन और सीमांकन से जुड़े हुए जितने भी राजस्व के मामले थे वह लंबे समय से चल रहे थे। कई अधिकारी तो लोकसभा चुनाव की आड़ में अपने कार्य को न किए जाने का बहाना कर रहे थे। वहीं अधिकांश आरआई, पटवारी से लेकर नायब तहसीलदार और तहसीलदार तक बिना शुभ लाभ के कोई कार्य नहीं करते हैं। इंदौर कलेक्टर की हिदायत के बाद जब यह सस्पेंड की कार्रवाई की गई है तो शायद आने वाले समय में अब जिला प्रशासन अधिकारी अपने राजस्व के काम को ठीक ढंग से करते हुए अपने दफ्तर में दिखाई देंगे। (इनपुट – हेमंत नागले) ये भी पढ़ें- इंदौर : घर में छिपा बैठा था आरोपी, पुलिस ने ड्रोन उड़ाकर पकड़ा, 10 महीने से दे रहा था पुलिस को चकमा
Mithilesh Yadav
By Mithilesh Yadav

वर्तमान में पीपुल्स समाचार के डिजिटल विंग यानी 'पीपुल्स अपडेट' में बतौर सीनियर सब-एडिटर कार्यरत हूं।...Read More

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