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कार बनी “मौत का पिंजरा”:4 साल की मासूम की दम घुटने से दर्दनाक मौत

इंदौर के नंदन वन इलाके में खेलते-खेलते कार में जा छिपी 4 साल की मासूम, लॉक लगने से दो घंटे तक अंदर फंसी रही; परिजन तलाशते रहे, अस्पताल पहुंचने से पहले ही टूट गई सांसें
4 साल की मासूम की दम घुटने से दर्दनाक मौत

इंदौर के जूनी इंदौर क्षेत्र में एक दर्दनाक हादसे ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया। नंदन वन कॉलोनी में खेलते-खेलते कार में छिपी 4 साल की मासूम बेबी हाजरा की दम घुटने से मौत हो गई। मासूम करीब दो घंटे तक बंद कार में तड़पती रही, लेकिन किसी को भनक तक नहीं लगी। जब तक परिजन उसे बाहर निकालते, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। जानकारी के मुताबिक बेबी हाजरा रविवार दोपहर घर के बाहर बच्चों के साथ खेल रही थी। इसी दौरान वह पास में खड़ी कार में जाकर बैठ गई। खेल-खेल में बच्ची ने खुद को सीटों के बीच छिपा लिया, लेकिन अचानक कार का लॉक लग गया और वह अंदर ही कैद हो गई।

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दोपहर की तेज गर्मी में बंद कार कुछ ही मिनटों में भट्टी जैसी हो गई। अंदर ऑक्सीजन कम होने लगी और मासूम का दम घुटने लगा। इधर परिवार को लगा कि बच्ची आसपास ही खेल रही होगी, लेकिन काफी देर तक नजर नहीं आने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। करीब दो घंटे तक कॉलोनी और आसपास के इलाकों में बच्ची को ढूंढा गया। परिवार के लोग बदहवास होकर हर गली और घर में उसे तलाशते रहे। इसी बीच किसी ने शक जताया कि बच्ची कार के अंदर हो सकती है। जब परिजनों ने कार का दरवाजा खोला तो अंदर का दृश्य देखकर सबके होश उड़ गए।

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मासूम बेबी कार की सीट पर बेसुध पड़ी थी। परिजन तुरंत उसे लेकर अस्पताल पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के मुताबिक बंद कार में लंबे समय तक रहने से बच्ची का दम घुट गया था। घटना के बाद पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है। कॉलोनी के लोगों का कहना है कि किसी ने सोचा भी नहीं था कि खेलते-खेलते एक मासूम की जिंदगी इस तरह खत्म हो जाएगी। बच्ची के पिता रिपेयरिंग का काम करते हैं और परिवार की आर्थिक स्थिति भी सामान्य बताई जा रही है। बेबी अपने तीन भाई-बहनों में सबसे छोटी थी और उसकी मौत के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। सूचना मिलने पर जूनी इंदौर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने मर्ग कायम कर घटना के सभी पहलुओं की जांच शुरू कर दी है।

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गर्मी में बंद कार बन जाती है मौत का जाल

विशेषज्ञों के मुताबिक गर्मी के दिनों में बंद कार के अंदर का तापमान कुछ ही मिनटों में बेहद खतरनाक स्तर तक पहुंच जाता है। ऐसे में छोटे बच्चों का दम घुटने का खतरा तेजी से बढ़ जाता है। डॉक्टरों का कहना है कि बच्चों को कभी भी अकेला वाहन के आसपास या अंदर नहीं छोड़ना चाहिए, क्योंकि थोड़ी सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है।

Hemant Nagle
By Hemant Nagle

हेमंत नागले | पिछले बीस वर्षों से अधिक समय से सक्रिय पत्रकारिता में हैं। वर्ष 2004 में मास्टर ऑफ जर्...Read More

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