PlayBreaking News

इंदौर में 13 मिनट में एयरपोर्ट पहुंचा दिल:16 मिनट में किडनियां, 25 वर्षीय गौरव दवे के अंगदान से चार लोगों को मिली नई जिंदगी

इंदौर में 68वें ग्रीन कॉरिडोर के जरिए 25 वर्षीय गौरव दवे के अंगदान से चार मरीजों को नया जीवन मिला। 13 मिनट में दिल एयरपोर्ट और 16 मिनट में किडनियां अस्पताल पहुंचाकर सफल प्रत्यारोपण किया गया।
Follow on Google News
16 मिनट में किडनियां, 25 वर्षीय गौरव दवे के अंगदान से चार लोगों को मिली नई जिंदगी
इंदौर में 13 मिनट में एयरपोर्ट पहुंचा दिल

देशभर में अंगदान की मिसाल बन चुके इंदौर ने एक बार फिर मानवता का ऐसा उदाहरण पेश किया है जिसने चार गंभीर मरीजों की जिंदगी बदल दी। खजूरी बाजार निवासी 25 वर्षीय गौरव दवे के अंगदान से सोमवार को शहर में 68वां ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया। इस दौरान उनका हृदय महज 13 मिनट में एयरपोर्ट पहुंचाकर अहमदाबाद भेजा गया जबकि लिवर और दोनों किडनियां इंदौर के अलग-अलग अस्पतालों में समय पर पहुंचाकर चार मरीजों का सफल प्रत्यारोपण किया गया।

ब्रेन हेमरेज के बाद घोषित हुए ब्रेन डेड

फिल्म कास्टिंग कोऑर्डिनेटर और कलाकार गौरव दवे 13 जुलाई से इंदौर के अपोलो हॉस्पिटल में भर्ती थे। इलाज के दौरान उन्हें ब्रेन हेमरेज हुआ। रविवार को दो बार ब्रेन डेथ परीक्षण के बाद डॉक्टरों ने उन्हें ब्रेन डेड घोषित कर दिया। इस कठिन समय में गौरव की बहन वैदेही राठी, बहनोई पलकेश राठी और भाई ऋतिक चावरे ने परिवार को अंगदान के लिए प्रेरित किया। इसके बाद पिता सतीश दवे और माता कविता दवे ने सहमति देकर कई लोगों को नई जिंदगी देने का निर्णय लिया।

चार मरीजों तक पहुंचे जीवन देने वाले अंग

अंगदान के बाद गौरव का हृदय अहमदाबाद के यू.एन. मेहता हॉस्पिटल में भर्ती 28 वर्षीय मरीज को प्रत्यारोपण के लिए भेजा गया। लिवर इंदौर के अपोलो हॉस्पिटल में भर्ती 42 वर्षीय मरीज को प्रत्यारोपित किया गया। दोनों किडनियां चोइथराम हॉस्पिटल में भर्ती 22 वर्षीय और 52 वर्षीय महिला मरीजों को लगाई गईं। हालांकि चेन्नई के मरीज के लिए आवंटित फेफड़ों का प्रत्यारोपण अंतिम समय में लॉजिस्टिक कारणों से नहीं हो सका।

दो ग्रीन कॉरिडोर बनाकर मिनटों में पहुंचाए गए अंग

अंगों को समय पर अस्पतालों तक पहुंचाने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने विशेष ग्रीन कॉरिडोर तैयार किए। सुबह 8:02 बजे अपोलो हॉस्पिटल से एयरपोर्ट तक पहला ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया, जो सिर्फ 13 मिनट में पूरा हुआ। इसके बाद सुबह 9:15 बजे चोइथराम हॉस्पिटल के लिए दूसरा ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया जिसमें किडनियां मात्र 16 मिनट में अस्पताल पहुंचा दी गईं। पूरे अभियान में ट्रैफिक पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने समन्वय के साथ काम किया।

ये भी पढ़ें: जबलपुर मेडिकल कॉलेज की बड़ी कामयाबी… दुर्लभ संयुक्त जुड़वा बच्चों की पहले चरण की सर्जरी सफल, दो टीमों ने किया ऑपरेशन

रातभर सड़क मार्ग से पहुंचे हार्ट ट्रांसप्लांट विशेषज्ञ

अहमदाबाद के यू.एन. मेहता हॉस्पिटल के हार्ट ट्रांसप्लांट विशेषज्ञ डॉ. कार्तिक पटेल अपनी 10 सदस्यीय मेडिकल टीम के साथ पूरी रात सड़क मार्ग से यात्रा कर सुबह 4:20 बजे इंदौर पहुंचे। इसके बाद अपोलो हॉस्पिटल के चिकित्सकों और सोटो (SOTTO) की टीम ने निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार अंग निकासी और आवंटन की पूरी प्रक्रिया संपन्न कराई।

गार्ड ऑफ ऑनर के साथ दी गई अंतिम विदाई

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल के तहत गौरव दवे को गार्ड ऑफ ऑनर के साथ अंतिम विदाई दी गई। अपोलो हॉस्पिटल परिसर में चिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों और अन्य लोगों ने मानव श्रृंखला बनाकर पुष्पवर्षा की। इस दौरान सांसद शंकर लालवानी ने गौरव के परिजनों से मुलाकात कर उनका हौसला बढ़ाया जबकि संभागायुक्त डॉ. सुदाम खेड़े ने पूरी प्रक्रिया की मॉनिटरिंग की।

ये भी पढ़ें: हरदा : घर के आंगन में मिला कॉलेज छात्रा का जला हुआ शव

मौत के बाद भी बन गए जिंदगी के हीरो

जीवन में कला के क्षेत्र से जुड़े रहे गौरव दवे अपने अंतिम निर्णय से चार परिवारों के लिए उम्मीद की किरण बन गए। उनके अंगदान ने न केवल चार गंभीर मरीजों को नया जीवन दिया, बल्कि समाज को यह संदेश भी दिया कि अंगदान सबसे बड़ा महादान है।

Sumit Shrivastava
By Sumit Shrivastava

सुमित श्रीवास्तव एक अनुभवी मीडिया प्रोफेशनल, बिजनेस पत्रकार और शोधकर्ता हैं। मास कम्युनिकेशन में M.P...Read More

नई दिल्ली
--°
बारिश: -- mmह्यूमिडिटी: --%हवा: --
Source:AccuWeather
icon

Latest Posts