लंदन। ब्रिटेन के ऑक्सफोर्ड यूनियन में 27 नवंबर को प्रस्तावित भारत-पाकिस्तान डिबेट रद्द होने के बाद दोनों देशों में बयानबाजी तेज हो गई है। पाकिस्तान ने दावा किया कि, भारतीय वक्ता अंतिम समय पर पीछे हट गए, जबकि भारतीय सीनियर एडवोकेट जे साई दीपक ने इन आरोपों को झूठा साबित करते हुए कहा कि डिबेट रद्द इसलिए हुई क्योंकि पाकिस्तान की टीम ही बहस में शामिल होने नहीं पहुंची। उन्होंने ईमेल और कॉल रिकॉर्ड के जरिए पूरा घटनाक्रम सार्वजनिक किया।
ऑक्सफोर्ड यूनियन दुनिया की सबसे पुरानी और प्रतिष्ठित स्टूडेंट डिबेट सोसाइटी है, जहां दुनिया के बड़े नेता, प्रधानमंत्री, लेखक और अभिनेता भाषण दे चुके हैं। डिबेट्स यूट्यूब पर लाइव जाती हैं और उनकी जीत-हार दर्शकों के वोट से तय होती है।
इस बार डिबेट का विषय था- “India’s Policy Towards Pakistan is a Populist Strategy Sold as Security Policy” यानी, भारत की पाकिस्तान नीति जनता को लुभाने के लिए बनाई जाती है, लेकिन उसे सुरक्षा नीति बताया जाता है। डिबेट को OU के नए अध्यक्ष मूसा हर्राज ने आयोजित किया था, जो पाकिस्तान के नेता मोहम्मद रजा हयात हर्राज के बेटे हैं।
भारत की ओर से:
पाकिस्तान की ओर से:
भारत की ओर से आयोजकों से संपर्क सीनियर एडवोकेट जे साई दीपक कर रहे थे।
डिबेट से दो दिन पहले OU ने साई दीपक को बताया कि, स्वामी और नरवणे स्वास्थ्य कारणों से शामिल नहीं हो पाएंगे और नए विकल्प सुझाने को कहा गया। इस बीच आयोजकों ने खुद ही सुहेल सेठ और सांसद प्रियंका चतुर्वेदी से संपर्क कर लिया। लेकिन बाद में 26 नवंबर को यह जानकारी दी गई कि दोनों शॉर्ट नोटिस पर नहीं आ सकते। प्रियंका चतुर्वेदी ने इस पूरे आयोजन को “अत्यंत अनप्रोफेशनल” कहा और आने से इनकार कर दिया।
भारतीय टीम ने अंतिम समय पर रिप्लेसमेंट तैयार किए। साई दीपक खुद लंदन पहुंचे और दो भारतीय मूल के स्पीकर मनु खजूरिया और पंडित सतीश शर्मा को टीम में शामिल कर लिया। इस तरह भारतीय टीम पूरी तरह तैयार थी।
साई दीपक के अनुसार, डिबेट डिनर से तीन घंटे पहले OU अध्यक्ष मूसा हर्राज ने फोन कर बताया कि, पाकिस्तानी वक्ता ब्रिटेन नहीं आए हैं, इसलिए डिबेट कैंसिल कर दी गई है। यानी रद्द करने का कारण स्पष्ट रूप से पाकिस्तानी प्रतिनिधियों का गैर-हाजिर होना था।
रद्द होने के तुरंत बाद लंदन स्थित पाकिस्तान हाई कमीशन ने X पर पोस्ट डालकर दावा किया कि, भारत की टीम बहस से पीछे हट गई। भारतीय वक्ता आखिरी समय पर वापस चले गए। पाकिस्तान को वॉकओवर से जीत मिली। पाकिस्तान ने यह भी आरोप लगाया कि, भारत ने कम-प्रोफाइल स्पीकर भेजने की कोशिश की, जो पाकिस्तानी प्रतिनिधियों की बराबरी नहीं करते।
साई दीपक ने पाकिस्तान के आरोपों को घोर झूठ बताते हुए लिखा कि, पाकिस्तानी टीम होटल में थी, लेकिन बहस से पहले ही भाग गई। वे हमेशा की तरह झूठ बोल रहे हैं। उन्होंने अपने कॉल लॉग और ईमेल सार्वजनिक किए, जिनमें OU की तरफ से उनकी उपस्थिति की पुष्टि, मूसा हर्राज के कॉल, डिबेट रद्द होने की सूचना स्पष्ट दिखाई देती है।
साई दीपक ने पाकिस्तान को चुनौती देते हुए कहा कि, अगर पाकिस्तानी टीम अभी भी ऑक्सफोर्ड में है, तो सामने आए और बहस करे।

अब तक ऑक्सफोर्ड यूनियन ने इस विवाद पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है। साई दीपक ने OU पर गंभीर आरोप लगाए कि उन्होंने कार्यक्रम को बेहद खराब तरीके से संभाला, पाकिस्तान की गलत जानकारी फैलाने पर रोक नहीं लगाई और पूरे आयोजन को एकतरफा होने दिया।