
भारत में ऑनलाइन गेमिंग सेक्टर को लेकर सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय ने नए ऑनलाइन गेमिंग नियमों को आधिकारिक रूप से लागू कर दिया है। साथ ही ऑनलाइन गेमिंग अथॉरिटी ऑफ इंडिया के गठन का मैप भी तैयार हो गया है, जो इस सेक्टर की निगरानी करेगा।
सरकार का कहना है कि इन नियमों से जहां ईस्पोर्ट्स और सोशल गेमिंग को बढ़ावा मिलेगा, वहीं ऑनलाइन रियल मनी गेम्स पर सख्ती भी जारी रहेगी।
नए ढांचे के तहत एक विशेष संस्था बनाई जाएगी जिसका नाम होगा ऑनलाइन गेमिंग अथॉरिटी ऑफ इंडिया (OGAI)।
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अध्यक्ष: इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय के एडिशनल सेक्रेटरी
सदस्य: विभिन्न मंत्रालयों के संयुक्त सचिव
इसके अलावा इसमें गृह मंत्रालय, वित्तीय सेवा विभाग, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, युवा मामले और खेल मंत्रालय और कानूनी मामलों का विभाग शामिल है।

इन नियमों का मुख्य उद्देश्य ऑनलाइन गेमिंग को व्यवस्थित करना है। अब तक इस सेक्टर में कई तरह की गतिविधियां बिना स्पष्ट नियमों के चल रही थीं। सरकार चाहती है कि गेमिंग इंडस्ट्री में पारदर्शिता आए, यूजर्स की सुरक्षा सुनिश्चित हो, ईस्पोर्ट्स को बढ़ावा मिले और ऑनलाइन मनी गेमिंग पर नियंत्रण रखा जाए।
आईटी मंत्रालय के अनुसार, यह पूरा ढांचा कम से कम हस्तक्षेप और अधिक सुविधा के सिद्धांत पर आधारित है।
आईटी सचिव एस. कृष्णन ने स्पष्ट किया कि सभी ऑनलाइन गेम्स के लिए रजिस्ट्रेशन जरूरी नहीं होगा। अगर कोई गेम पैसे के लेन-देन (Real Money Gaming) से जुड़ा नहीं है तो उसे अनिवार्य रूप से रजिस्ट्रेशन कराने की जरूरत नहीं होगी। इसका मतलब है कि सोशल गेम्स और मनोरंजन वाले गेम्स आसानी से बिना भारी नियमों के चल सकेंगे।
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नए नियमों के तहत ईस्पोर्ट्स को एक औपचारिक पहचान दी गई है। इसके लिए अब रजिस्ट्रेशन अनिवार्य होगा। सरकार का मानना है कि ईस्पोर्ट्स एक प्रोफेशनल और प्रतिस्पर्धी क्षेत्र है इसे मान्यता और संरचना देना जरूरी है। इससे खिलाड़ियों और आयोजकों को सुरक्षा और वैधता मिलेगी ईस्पोर्ट्स को अब एक संगठित खेल ढांचे में लाने की दिशा में यह बड़ा कदम माना जा रहा है।

सरकार ने यह भी साफ किया है कि किसी गेम की श्रेणी तय करने की प्रक्रिया हर समय लागू नहीं होगी। यह केवल कुछ विशेष परिस्थितियों में ही शुरू होगी।
1. अथॉरिटी खुद संज्ञान लेगा- अगर किसी गेम को लेकर संदेह या शिकायत होती है, तो ऑनलाइन गेमिंग अथॉरिटी खुद जांच शुरू कर सकती है।
2. ईस्पोर्ट्स मामलों में- ईस्पोर्ट्स से जुड़े गेम्स का निर्धारण और रजिस्ट्रेशन अनिवार्य रूप से किया जाएगा।
3. सरकार की अधिसूचना- केंद्र सरकार किसी भी विशेष श्रेणी के सोशल गेम्स को अधिसूचित कर सकती है, हालांकि अभी ऐसी कोई नई श्रेणी घोषित नहीं की गई है।
नए नियमों में डिजिटल स्पेस में यूजर सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म्स को कुछ जरूरी सुरक्षा मानकों का पालन करना होगा। इस नियम में डेटा सुरक्षा, यूजर की प्राइवेसीकी रक्षा और नाबालिग खिलाड़ियों के लिए सुरक्षा उपाय शामिल है।
सरकार ने अक्टूबर 2025 में इन नियमों पर जनता और संबंधित पक्षों से सुझाव मांगे थे। इन सुझावों को शामिल करने के बाद ही अंतिम नियम तैयार किए गए हैं।