US- Iran Ceasefire :ईरान-अमेरिका वार्ता क्यों अटकी? राष्ट्रपति पजशकियान ने गिनाईं 3 बड़ी वजहें, बोले सीजफायर भी...

संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत आमिर-सईद इरावानी ने संकेत दिया है कि अगर अमेरिका नाकाबंदी हटाता है, तो बातचीत फिर से शुरू हो सकती है। उन्होंने कहा कि ऐसे हालात में अगला दौर इस्लामाबाद में आयोजित किया जा सकता है। 
ईरान-अमेरिका वार्ता क्यों अटकी? राष्ट्रपति पजशकियान ने गिनाईं 3 बड़ी वजहें, बोले सीजफायर भी...

तेहरान। ईरान- अमेरिका जंग शांति वार्ता के बाद भी नहीं रूका है। जिससे अब भी दोनों देश अपनी कई शर्तों पर अड़े हैं। ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर कहा कि ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत आगे क्यों नहीं बढ़ पा रही है। उनका कहना है कि इसके लिए अमेरिका सेना जिम्मेदारी है जो अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं।

तीन बड़ी वजहें गिनाईं

ईरानी राष्ट्रपति ने साफ तौर पर तीन कारण बताए अमेरिका द्वारा वादों का उल्लंघन, बंदरगाहों की लगातार नाकाबंदी और बार-बार दी जा रही धमकियां। उन्होंने कहा कि दुनिया अब अमेरिका के बयानों और उसके असली कदमों के बीच का फर्क साफ देख रही है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि ईरान बातचीत के खिलाफ नहीं है, लेकिन मौजूदा हालात में आगे बढ़ना मुश्किल है।

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पाकिस्तान में होने वाली वार्ता टली

इस हफ्ते पाकिस्तान में होने वाली ईरान-अमेरिका वार्ता फिलहाल टाल दी गई है। यह फैसला तब आया जब डोनाल्ड ट्रंप ने चल रहे युद्धविराम को आगे बढ़ाने का ऐलान किया। ट्रंप ने कहा कि पाकिस्तान के अनुरोध पर ईरान को साझा प्रस्ताव तैयार करने के लिए समय दिया गया है। इस प्रक्रिया में पाकिस्तान मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है।

सीजफायर के बाद भी तनाव बरकरार

युद्धविराम बढ़ने के बावजूद दोनों देशों के बीच तनाव कम नहीं हुआ है। ईरान ने MSC फ्रांसेस्का, इपामीनोंडस  और यूफोरिया नाम के तीन जहाजों को अपने कब्जे में लिया है। वहीं, अमेरिका ने अपनी ओर से ईरानी बंदरगाहों की नौसैनिक नाकाबंदी जारी रखी है, जिससे स्थिति और जटिल हो गई है।

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ट्रंप ने नहीं दी कोई समयसीमा

व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के प्रस्ताव पर कोई तय समयसीमा नहीं रखी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि तीन से पांच दिन की डेडलाइन वाली खबरें गलत हैं और आगे का फैसला राष्ट्रपति ही करेंगे।

नाकाबंदी बना सबसे बड़ा मुद्दा

दोनों देशों के बीच सबसे बड़ा विवाद ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी को लेकर है। ट्रंप ने साफ कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट के पास नाकाबंदी जारी रहेगी और सेना को हर स्थिति के लिए तैयार रहने को कहा गया है।

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नाकाबंदी हटी तो आगे बढ़ेगी बात

संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत आमिर-सईद इरावानी ने संकेत दिया है कि अगर अमेरिका नाकाबंदी हटाता है, तो बातचीत फिर से शुरू हो सकती है। उन्होंने कहा कि ऐसे हालात में अगला दौर इस्लामाबाद में आयोजित किया जा सकता है। कुल मिलाकर, दोनों देशों के बीच बातचीत की राह अभी भी मुश्किल नजर आ रही है और नाकाबंदी का मुद्दा समाधान की कुंजी बना हुआ है।

Aakash Waghmare
By Aakash Waghmare

आकाश वाघमारे | MCU, भोपाल से स्नातक और फिर मास्टर्स | मल्टीमीडिया प्रोड्यूसर के तौर पर 3 वर्षों का क...

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