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होर्मुज के बंद दरवाजों के बीच भारत की एंट्री :7वां LPG जहाज पार, ईरान बोला-दोस्ती में नहीं आएगी रुकावट

होर्मुज तनाव के बीच भारत का 7वां LPG जहाज सुरक्षित पार, ईरान ने ऐतिहासिक रिश्तों का हवाला देकर दिया खास संदेश। जानिए कैसे मजबूत हो रही है भारत की कूटनीति।
7वां LPG जहाज पार, ईरान बोला-दोस्ती में नहीं आएगी रुकावट
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और वैश्विक अनिश्चितता के बीच भारत के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। दुनिया के सबसे अहम समुद्री मार्ग स्ट्रेट ऑफ हारमोंस पर जहां कई देशों के जहाजों की आवाजाही प्रभावित है, वहीं भारत का सातवां LPG जहाज सुरक्षित रूप से इस रास्ते को पार कर चुका है। यह न सिर्फ ऊर्जा आपूर्ति के लिहाज से महत्वपूर्ण है बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की कूटनीतिक ताकत को भी दर्शाता है। इस घटनाक्रम के बीच ईरान ने भारत को लेकर एक खास संदेश दिया है जिसमें दोनों देशों के ऐतिहासिक और व्यापारिक रिश्तों का जिक्र किया गया है। 

    होर्मुज संकट के बीच भारत की बड़ी उपलब्धि

    पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के चलते होर्मुज जलडमरूमध्य पर कई तरह की पाबंदियां लागू हैं। यह वही समुद्री मार्ग है, जहां से दुनिया के लगभग 20% तेल की सप्लाई गुजरती है। ऐसे में यहां किसी भी तरह की रुकावट का असर अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार पर पड़ना तय है। इसी बीच भारत का ग्रीन सानवी नाम का LPG जहाज इस संवेदनशील मार्ग को पार करने में सफल रहा। यह जहाज करीब 46,650 टन रसोई गैस लेकर भारत की ओर बढ़ा, जो देश की ऊर्जा जरूरतों के लिए बेहद अहम है। यह लगातार सातवां भारतीय जहाज है, जिसने इस मुश्किल रास्ते को सफलतापूर्वक पार किया है।

    ‘एक और जीत’- राजनीतिक प्रतिक्रिया

    इस उपलब्धि पर हर्ष संघवी ने प्रतिक्रिया देते हुए इसे भारत की कूटनीति की जीत बताया। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि यह केवल एक जहाज का पार होना नहीं, बल्कि भारत की मजबूत वैश्विक स्थिति का संकेत है। उनका यह बयान उस समय आया है जब दुनिया के कई देश अपने जहाजों को इस मार्ग से निकालने में संघर्ष कर रहे हैं।

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    ईरान का खास संदेश : दोस्ती बनी रहेगी

    इस घटनाक्रम के बाद ईरान की ओर से भी सकारात्मक संकेत मिले हैं। मुंबई स्थित ईरानी मिशन ने भारत को लेकर बयान देते हुए कहा कि भारत, खासकर गुजरात, उनके लिए ऐतिहासिक महत्व रखता है। ईरान ने दोनों देशों के हजारों साल पुराने संबंधों का जिक्र करते हुए कहा कि यह रिश्ता केवल वर्तमान तक सीमित नहीं है, बल्कि प्राचीन व्यापारिक और सांस्कृतिक संबंधों पर आधारित है। यह संदेश इस बात का संकेत देता है कि मौजूदा हालात में भी भारत के लिए विशेष सहयोग जारी रहेगा।

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    4000 साल पुराने रिश्तों की याद

    ईरान ने अपने बयान में गुजरात के प्राचीन बंदरगाह लोथल का उल्लेख किया, जो सिंधु घाटी सभ्यता के समय समुद्री व्यापार का प्रमुख केंद्र था। उस दौर में भारत और ईरान के बीच व्यापारिक संपर्क स्थापित थे, जो आज भी दोनों देशों के रिश्तों की नींव माने जाते हैं। इस ऐतिहासिक संदर्भ को सामने रखकर ईरान ने यह स्पष्ट किया कि वह भारत के साथ अपने संबंधों को और मजबूत करना चाहता है। यह केवल कूटनीतिक बयान नहीं बल्कि एक रणनीतिक संकेत भी है।

    अभी भी फंसे हैं कई भारतीय जहाज

    हालांकि सात जहाजों का सुरक्षित निकलना सकारात्मक संकेत है लेकिन स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हुई है। जानकारी के अनुसार अभी भी करीब 17 भारतीय जहाज होर्मुज के उस पार फंसे हुए हैं और सुरक्षित मार्ग मिलने का इंतजार कर रहे हैं। यह दिखाता है कि क्षेत्र में तनाव अभी भी बना हुआ है और पूरी तरह से स्थिति सामान्य होने में समय लग सकता है।

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    भारत की संतुलित कूटनीति का असर

    इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर भारत की संतुलित विदेश नीति को उजागर किया है। एक ओर भारत अमेरिका जैसे देशों के साथ अपने संबंध बनाए हुए है। वहीं दूसरी ओर ईरान के साथ भी सहयोग और संवाद कायम रखे हुए है। इसी संतुलन का परिणाम है कि जब अन्य देशों के जहाजों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है, तब भारत के जहाज इस संवेदनशील क्षेत्र से गुजर पा रहे हैं।

    Sona Rajput
    By Sona Rajput

    माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन किया है। साल 2022 ...Read More

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