हॉस्टल में उत्पात करने वाले छात्रों पर सख्ती:25 हजार जुर्माना और रिजल्ट रोकने की तैयारी

इंदौर - देवी अहिल्या विश्वविद्यालय से संबद्ध आईईटी इंजीनियरिंग कॉलेज के हॉस्टल में फाइनल ईयर छात्रों द्वारा किए गए हंगामे और तोड़फोड़ मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन अब सख्त कार्रवाई की तैयारी में है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो के बाद रविवार शाम अनुशासन समिति की इमरजेंसी बैठक आयोजित की गई, जिसमें दोषी छात्रों के खिलाफ कई कड़े कदमों की अनुशंसा की गई है।
संबंधित खबर: कॉलेज की मस्ती या उत्पात? इंजीनियरिंग कॉलेज हॉस्टल का वीडियो वायरल, कुलपति ने मांगी रिपोर्ट
जानकारी के अनुसार रविवार अलसुबह रामानुज छात्रावास-बी में कुछ छात्रों ने कथित रूप से अर्धनग्न होकर फिल्मी गानों पर डांस किया और हॉस्टल परिसर में जमकर उत्पात मचाया। वायरल वीडियो में छात्र “दारू बदनाम कर दी” गाने पर नाचते दिखाई दे रहे हैं। इस दौरान कुछ छात्र एक-दूसरे पर पानी फेंकते और शोर-शराबा करते नजर आए। इसके बाद हॉस्टल में रखी कुर्सियां, टेबल, पानी की टंकियां और खिड़कियों के कांच तोड़ दिए गए। कई फर्नीचर को इधर-उधर फेंक दिया गया।
वीडियो सामने आने के बाद मामला तेजी से चर्चा में आ गया, जिसके बाद कॉलेज और विश्वविद्यालय प्रशासन हरकत में आया। डॉ. प्रतोष बंसल ने बताया कि हॉस्टल समिति की बैठक पहले ही हो चुकी थी, लेकिन वीडियो वायरल होने के बाद रविवार शाम अनुशासन समिति की आपात बैठक बुलाई गई। इस बैठक में समिति के 8 सदस्य शामिल हुए। बैठक में अनुशंसा की गई कि हंगामे में शामिल छात्रों को हॉस्टल से निष्कासित किया जाए। साथ ही उनका अंतिम परीक्षा परिणाम रोका जाए और जांच पूरी होने तक उन्हें परीक्षा प्रक्रिया से भी दूर रखा जा सकता है। इसके अलावा प्रत्येक दोषी छात्र पर 25 हजार रुपए तक का आर्थिक दंड लगाने की सिफारिश की गई है। बताया जा रहा है कि इन सिफारिशों को लागू करने के लिए अब कुलगुरु प्रोफेसर राकेश सिंघई की अंतिम मंजूरी ली जाएगी। प्रशासन को पूरे मामले की जानकारी दे दी गई है और सोमवार तक इस पर अंतिम निर्णय लिया जा सकता है।
माता-पिता को भी बुलाएगा प्रशासन
कॉलेज प्रशासन अब वायरल फोटो और वीडियो के आधार पर छात्रों की पहचान करने में जुटा है। दोषी पाए जाने वाले छात्रों के माता-पिता को भी बुलाया जाएगा और उन्हें पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी जाएगी। आईईटी प्रबंधन को आशंका है कि छात्र नशे की हालत में थे। हालांकि संस्थान में नशे को लेकर “जीरो टॉलरेंस” नीति लागू होने का दावा किया गया है। घटना के बाद हॉस्टल की सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी प्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। जानकारी के मुताबिक हॉस्टल के चार वार्डन और एक सीनियर वार्डन को छात्रों की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। जिस छात्रावास में यह घटना हुई, वहां करीब 150 छात्र रहते हैं।












