Auto-debit आसान लेकिन खतरा भी!कैसे बिना OTP पेमेंट से बढ़ सकता है फ्रॉड रिस्क

डिजिटल पेमेंट को आसान बनाने के लिए RBI ने ऑटो-डेबिट (ई-मैंडेट) नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब ₹15,000 तक के रीकरींग पेमेंट बिना OTP के हो जाएंगे।
कैसे बिना OTP पेमेंट से बढ़ सकता है फ्रॉड रिस्क

डिजिटल पेमेंट को आसान बनाने के लिए RBI ने ऑटो-डेबिट (ई-मैंडेट) नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब ₹15,000 तक के रीकरींग पेमेंट बिना OTP के हो जाएंगे। इससे SIP, सब्सक्रिप्शन, इंश्योरेंस प्रीमियम और बिल पेमेंट पहले से कहीं ज्यादा आसान हो जाएंगे। लेकिन जहां एक तरफ सुविधा बढ़ी है वहीं दूसरी तरफ इससे जुड़े जोखिम भी सामने आने लगे हैं। सवाल यह है कि क्या यह बदलाव यूजर्स के लिए पूरी तरह सुरक्षित है?

कैसे बढ़ सकता है फ्रॉड का खतरा

पहले हर ट्रांजैक्शन पर OTP आने से यूजर को हर बार पेमेंट की जानकारी मिल जाती थी और किसी भी संदिग्ध ट्रांजैक्शन को रोका जा सकता था। अब एक बार ई-मैंडेट मंजूर होने के बाद ₹15,000 तक का पेमेंट अपने आप कटेगा। ऐसे में अगर किसी ने गलती से या बिना समझे किसी सर्विस को अनुमति दे दी तो हर महीने पैसा कट सकता है।

साइबर एक्सपर्ट्स का मानना है कि

  • फर्जी ऐप्स या वेबसाइट्स यूजर्स से ई-मैंडेट ले सकती हैं
  • फ्री ट्रायल के नाम पर ऑटो-डेबिट सेट किया जा सकता है
  • यूजर को पता भी नहीं चलता और पैसे कटते रहते हैं

सब्सक्रिप्शन ट्रैप का खतरा

आजकल OTT, गेमिंग, फिटनेस ऐप्स और कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म ‘फ्री ट्रायल’ देकर बाद में ऑटो-डेबिट चालू कर देते हैं। नए नियम के बाद अगर यूजर सतर्क नहीं रहा तो

  • हर महीने पैसा कटता रहेगा
  • छोटी रकम होने के कारण ध्यान भी नहीं जाएगा
  • लंबे समय में बड़ा नुकसान हो सकता है

ये भी पढ़ें: बॉक्स ऑफिस पर कयामत! ‘जवान 2’ की तैयारी से फिर एक्शन मोड में लौटे किंग खान

RBI ने दिए हैं सेफ्टी फीचर्स

हालांकि RBI ने कुछ सेफ्टी फीचर्स भी जोड़े हैं:

  • हर ट्रांजैक्शन से 24 घंटे पहले अलर्ट मिलेगा
  • यूजर चाहें तो उस ट्रांजैक्शन को ब्लॉक (opt-out) कर सकते हैं
  • बड़े अमाउंट पर फिर से OTP जरूरी होगा
  • पेमेंट के बाद भी कन्फर्मेशन मैसेज मिलेगा

यूजर्स को रखनी होगी सावधानी 

इस नए सिस्टम में जिम्मेदारी काफी हद तक यूजर पर भी आ जाती है।

  • किसी भी ऐप या वेबसाइट को बिना समझे ऑटो-डेबिट की अनुमति न दें
  • बैंक से आने वाले 24 घंटे पहले के अलर्ट को नजरअंदाज न करें
  • अनयूज्ड सब्सक्रिप्शन तुरंत बंद करें
  • समय-समय पर बैंक स्टेटमेंट चेक करते रहें

ये भी पढ़ें: PSU म्यूचुअल फंड्स का धमाका! 3-5 साल में 34% तक रिटर्न, SBI, Invesco और ABSL ने बनाया निवेशकों को मालामाल

सुविधा बनाम सुरक्षा का संतुलन

ऑटो-डेबिट के नए नियम से डिजिटल पेमेंट निश्चित रूप से आसान हो जाएगा और पेमेंट फेल होने की समस्या भी कम होगी। लेकिन अगर सावधानी नहीं बरती गई तो यही सुविधा धीरे-धीरे नुकसान का कारण भी बन सकती है।

Dr. Sumit  Shrivastava
By Dr. Sumit Shrivastava

सुमित श्रीवास्तव एक अनुभवी मीडिया प्रोफेशनल, बिजनेस पत्रकार और शोधकर्ता हैं। मास कम्युनिकेशन में M.P...

Latest Posts