होर्मुज में हमले पर जयशंकर ने जताई नाराजगी, G20 में उठाया भारत की जरूरतों का मुद्दा

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने G20 की बैठक में तेल-गैस की बढ़ती कीमतों और सप्लाई में आ रही रुकावटों पर खुलकर बात की। शुक्रवार को दो दिन की बैठक में शामिल होने अटलांटा पहुंचे जयशंकर ने होर्मुज में भारत पर हुए हमले पर नाराजगी जताई। उन्होंने ईरान युद्ध और ऊर्जा संकट का मुद्दा भी उठाया। बैठक के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर बताया कि भारत ने किन मुद्दों पर अपनी बात रखी।
तेल-गैस की कमी नहीं, मिलने में परेशानी
जयशंकर ने कहा कि आज दुनिया जिस ऊर्जा संकट से जूझ रही है, उसकी वजह सिर्फ तेल और गैस का कम उत्पादन नहीं है। बड़ी परेशानी सप्लाई को लेकर बना डर, रास्ते में आने वाली रुकावटें और बढ़ती कीमतें हैं। कई देशों के लिए जरूरत के समय तेल और गैस हासिल करना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा के कारोबार और उससे जुड़े ठिकानों पर जानबूझकर हमले किए जा रहे हैं। उनके मुताबिक, इन हमलों के पीछे कीमतों को अपने हिसाब से चलाने की सोची-समझी रणनीति है। इससे बाजार में भरोसा कम होता है और सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ती है।
रोक और पाबंदियों से बढ़ रही दिक्कत
विदेश मंत्री ने कहा कि अलग-अलग तरह की रोक, पाबंदियों और रुकावटों से ऊर्जा बाजार में लगातार परेशानी पैदा हो रही है। अब ऐसी घटनाएं ज्यादा बार हो रही हैं। इन्हें समझना और इनसे निपटना भी मुश्किल होता जा रहा है। इनका असर कई देशों तक पहुंच रहा है। उन्होंने कम कमाई वाले देशों की परेशानी भी सामने रखी। जयशंकर ने कहा कि इन देशों पर पड़ रहे असर की उतनी चिंता नहीं दिखाई देती, जितनी होनी चाहिए। महंगी ऊर्जा और सप्लाई में रुकावटों के बीच उनकी जरूरतों पर भी ध्यान देना जरूरी है।
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तेल और गैस पर अलग रवैया क्यों?
जयशंकर ने तेल और गैस को लेकर अपनाए जा रहे अलग-अलग रवैये पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अपनी सुविधा के हिसाब से दोनों के बीच फर्क किया जा रहा है। कुछ मामलों में दी जा रही खास छूट खुद इस बात को साफ कर देती है। उन्होंने कहा कि दुनिया के बाजार एक-दूसरे से जुड़े हैं और देश अपनी जरूरतों के लिए एक-दूसरे पर निर्भर हैं। इसलिए किसी एक देश का फैसला दूसरे देशों पर भी असर डालता है। ऐसे फैसलों के दूर तक पड़ने वाले असर को हल्के में नहीं लेना चाहिए।
भारत को लगातार चाहिए LPG की सप्लाई
जयशंकर ने भारत की जरूरत बताते हुए कहा कि साफ ईंधन से खाना पकाने के लिए LPG की भरोसेमंद सप्लाई जरूरी है। भारत चाहता है कि LPG लगातार मिलती रहे और इसकी सप्लाई को लेकर अनिश्चितता न रहे। उन्होंने साफ किया कि ऊर्जा पर होने वाली चर्चा में भारत की इस जरूरत का ध्यान रखा जाना चाहिए।
नई तकनीक और फंडिंग पर भी दिया जोर
विदेश मंत्री ने जरूरी खनिजों को लेकर भारत के नेशनल मिशन की जानकारी भी दी। इसमें खनिज खोजने से लेकर इस्तेमाल के बाद उनकी रीसाइक्लिंग तक का काम शामिल है। भारत ने G20 में ‘क्रिटिकल मिनरल्स सर्कुलैरिटी इनिशिएटिव’ का प्रस्ताव रखा है, जो इन खनिजों को दोबारा इस्तेमाल करने से जुड़ा है। जयशंकर ने कहा कि ऊर्जा का कारोबार खुला रहे और बाजार में स्थिरता बनी रहे, इसके लिए G20 को आगे बढ़कर काम करना होगा। उन्होंने फंडिंग आसानी से मिलने, ऊर्जा स्टोर करने की तकनीक, छोटे मॉड्यूलर न्यूक्लियर रिएक्टर, ग्रीन हाइड्रोजन और बायोफ्यूल पर काम बढ़ाने की जरूरत बताई।




















