उत्तराखंड में हेलीकॉप्टर क्रैश, 6 की मौत, ऑरेंज अलर्ट में उड़ान पर सवाल

उत्तराखंड के चमोली जिले में शुक्रवार दोपहर एक बड़ा हेलीकॉप्टर हादसा हो गया। बद्रीनाथ धाम से यात्रियों को लेकर देहरादून लौट रहा हेलीकॉप्टर जोशीमठ के पास पहाड़ी इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में पायलट समेत सभी 6 लोगों की मौत हो गई। हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि मौसम विभाग के ऑरेंज अलर्ट के बावजूद हेलीकॉप्टर को उड़ान भरने की अनुमति कैसे मिली? इस मामले में उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (UCADA) ने सफाई दी है। वहीं, विमानन सुरक्षा और DGCA के नियमों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
ऑरेंज अलर्ट के बावजूद हेलीकॉप्टर ने भरी उड़ान
मौसम विभाग (IMD) ने चमोली और आसपास के जिलों में खराब मौसम को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया था। इस दौरान ओलावृष्टि, बिजली गिरने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी गई थी। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने भी लोगों को सावधान रहने के लिए कहा था। इसके बावजूद हेलीकॉप्टर ने बद्रीनाथ से उड़ान भरी। अब सवाल उठ रहे हैं कि मौसम की चेतावनी के बीच उड़ान को सुरक्षित कैसे माना गया।
UCADA ने बताया हादसे से पहले क्या हुआ
उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (UCADA) के अधिकारियों ने बताया कि हेलीकॉप्टर VT-HCX ने दोपहर करीब 1:12 से 1:14 बजे के बीच बद्रीनाथ से उड़ान भरी थी। अधिकारियों के मुताबिक, उस समय उड़ान वाले इलाके में मौसम साफ था। लेकिन हेलीकॉप्टर जैसे ही जोशीमठ घाटी की तरफ पहुंचा, अचानक मौसम बदल गया और आसमान में घने बादल छा गए। उड़ान भरने के करीब 15 मिनट के अंदर ही हेलीकॉप्टर का कंट्रोल रूम और ट्रैकिंग सिस्टम से संपर्क टूट गया। इसके बाद हेलीकॉप्टर की तलाश शुरू की गई।
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सुबह से खराब था मौसम, फिर क्यों मिली उड़ान की अनुमति?
रिपोर्टों के मुताबिक, बद्रीनाथ में शुक्रवार सुबह से ही मौसम खराब था। दोपहर में कुछ समय के लिए बादल छंटे और मौसम साफ दिखाई दिया। बताया जा रहा है कि इसी दौरान हेलीकॉप्टर ने उड़ान भरी थी। हालांकि, मौसम विभाग पहले ही खराब मौसम की चेतावनी जारी कर चुका था। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि क्या उड़ान से पहले मौसम और सुरक्षा से जुड़े सभी जरूरी नियमों का पालन किया गया था? फिलहाल हादसे की असली वजह जांच के बाद ही साफ हो सकेगी।
पहाड़ी से टकराया हेलीकॉप्टर, लग गई आग
जानकारी के मुताबिक, ट्रांस भारत एविएशन प्राइवेट लिमिटेड का हेलीकॉप्टर शुक्रवार दोपहर करीब 1:14 बजे बद्रीनाथ से देहरादून के सहस्त्रधारा हेलीपोर्ट के लिए रवाना हुआ था। जोशीमठ के पास चाई-थैंग गांव के पहाड़ी इलाके में हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। रिपोर्टों के मुताबिक, हेलीकॉप्टर पहाड़ी से टकराया, जिसके बाद उसमें आग लग गई। हादसे की पहली सूचना भारतीय सेना ने दी। इसके बाद चमोली के जिलाधिकारी गौरव कुमार और पुलिस-प्रशासन की टीमों ने हेलीकॉप्टर की लोकेशन का पता लगाया।
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सेना और NDRF ने चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन
हेलीकॉप्टर जिस जगह दुर्घटनाग्रस्त हुआ, वह घने जंगल और पहाड़ियों से घिरा इलाका है। ऐसे में राहत और बचाव टीमों को घटनास्थल तक पहुंचने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। भारतीय सेना, NDRF, SDRF, ITBP और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीमों ने पैदल घटनास्थल तक पहुंचकर बचाव अभियान चलाया। हादसे में पायलट समेत सभी 6 लोगों की जान चली गई। बचाव दल ने शवों को घटनास्थल से निकाला। जानकारी के मुताबिक, शनिवार को सभी शवों को ज्योतिर्मठ लाया जा रहा है।
DGCA के सुरक्षा नियमों पर उठे सवाल
इस हेलीकॉप्टर हादसे के बाद पहाड़ी इलाकों में हवाई सेवाओं की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। खासकर खराब मौसम और ऑरेंज अलर्ट के दौरान हेलीकॉप्टर उड़ानों की अनुमति देने की प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं। अब यह जानना जरूरी होगा कि उड़ान से पहले मौसम की जानकारी कैसे ली गई थी और क्या सभी सुरक्षा नियमों का पालन हुआ था। हादसे की जांच से ही इसकी असली वजह सामने आएगी।




















