हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक छोटी सी मासूम बच्ची को सिर्फ अमरूद तोड़ने की वजह से ऐसी सजा दी गई, जिसे सुनकर ही दिल कांप उठे। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे देखकर लोगों में गुस्सा और आक्रोश साफ नजर आ रहा है।
जानकारी के मुताबिक, यह घटना ऊना के बेहड़ाला गांव की है। बच्ची की उम्र काफी कम बताई जा रही है। उसका कसूर सिर्फ इतना था कि उसने रास्ते से गुजरते हुए किसी के घर के आंगन में लगे अमरूद के पेड़ से एक फल तोड़ लिया। लेकिन इस छोटी सी बात पर एक पूर्व सैनिक का गुस्सा इतना बढ़ गया कि उसने इंसानियत की सारी हदें पार कर दीं।
ये भी पढ़ें: बड़ी खबर : पिता-पुत्र की हत्या के आरोपी 9 पुलिसकर्मियों को सजा-ए-मौत
बताया जा रहा है कि आरोपी ने बच्ची को पकड़कर अपने घर ले गया। वहां उसने बच्ची के हाथ-पैर रस्सी से बांध दिए और फिर बेरहमी से उसकी पिटाई करने लगा। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि बच्ची बार-बार अंकल बचा लो कहकर रो रही थी, लेकिन आरोपी का दिल नहीं पसीजा।
इस घटना का वीडियो किसी ने बना लिया और सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया। वीडियो वायरल होते ही लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। हर कोई इस अमानवीय हरकत की कड़ी निंदा कर रहा है। लोग आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
यह भी पढ़ें: इंदौर में ‘पार्किंग विवाद’: जिम संचालक पर तलवार से जानलेवा हमला, VIDEO आया सामने
वीडियो में बच्ची की हालत देखकर हर किसी का दिल पिघल गया। मासूम की चीखें और मदद की गुहार ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है।
घटना की जानकारी आसपास के लोगों को मिली तो उन्होंने तुरंत मौके पर पहुंचकर बच्ची को छुड़ाया। इसके बाद बच्ची को सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया। अगर समय पर लोग नहीं पहुंचते, तो हालात और भी गंभीर हो सकते थे।
वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस और प्रशासन ने तुरंत इस मामले का संज्ञान लिया। आरोपी को हिरासत में ले लिया गया है और उसके खिलाफ कड़ी धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया कि आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और जुवेनाइल जस्टिस एक्ट (JJ Act) के तहत कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस ने साफ कहा है कि किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार नहीं है। खासकर बच्चों के साथ इस तरह की क्रूरता बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अगर किसी बच्चे से गलती हो भी जाए, तो उसे समझाना चाहिए, न कि इस तरह की अमानवीय सजा देनी चाहिए।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि अगर कहीं भी इस तरह की घटना होती दिखे, तो तुरंत पुलिस को सूचना दें, ताकि समय रहते कार्रवाई हो सके।