हिमाचल के बोर्डिंग स्कूल में 9वीं के छात्र से रैगिंग! हॉस्टल से घसीटकर निकाला, 5 सीनियर छात्रों पर केस

हिमाचल प्रदेश के सोलन स्थित एक नामी बोर्डिंग स्कूल में 9वीं कक्षा के छात्र के साथ रैगिंग और मारपीट का गंभीर मामला सामने आया है। मामला मशहूर डीपीएस डगशाई का है, जहां पांच सीनियर छात्रों के खिलाफ पुलिस ने केस दर्ज किया है। परिवार की शिकायत के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस में दर्ज शिकायत के मुताबिक, 5 सितंबर को 9वीं कक्षा के एक छात्र को सीनियर छात्रों ने उसके हॉस्टल के कमरे से जबरन बाहर घसीटा और उसके साथ मारपीट की। इस घटना के बाद परिवार ने पुलिस से शिकायत की, जिसके आधार पर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई।
चार महीने से चल रही थी कथित रैगिंग
शिकायत में जूनियर छात्रों ने आरोप लगाया है कि सीनियर छात्र पिछले करीब चार महीनों से उन्हें लगातार परेशान और प्रताड़ित कर रहे थे। आरोप है कि इस दौरान रैगिंग, गाली-गलौज और शारीरिक हमला किया जाता था। बताया गया है कि लगातार हो रही कथित प्रताड़ना के कारण जूनियर छात्र डर और मानसिक तनाव में रहने लगे थे। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में यह स्पष्ट नहीं है कि इन चार महीनों के दौरान स्कूल प्रशासन या हॉस्टल प्रबंधन को कितनी घटनाओं की जानकारी थी।
हॉस्टल से जबरन बाहर निकालने का आरोप
पुलिस शिकायत के अनुसार, 5 सितंबर की घटना में सीनियर छात्रों ने छात्र को उसके हॉस्टल के कमरे से जबरन बाहर निकाला। इसके बाद उसके साथ मारपीट की गई। घटना सामने आने के बाद परिवार ने पुलिस से संपर्क किया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर पांच सीनियर छात्रों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस ने शुरू की जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए डगशाई पुलिस कार्रवाई में जुट गई है। पुलिस अब पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि छात्र के साथ कथित तौर पर कितने समय से रैगिंग की जा रही थी। इसके अलावा पुलिस यह भी जांच कर रही है कि 5 सितंबर को हॉस्टल में वास्तव में क्या हुआ और इसमें शामिल छात्रों की भूमिका क्या थी।
दुबई से भारत आया पति, फिर अचानक हुआ लापता! पत्नी बोली- उन्हें छिपाकर रखा...
बोर्डिंग स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा पर सवाल
इस घटना ने बोर्डिंग स्कूलों में रहने वाले बच्चों की सुरक्षा और हॉस्टल व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। खास तौर पर तब, जब शिकायत में पिछले चार महीनों से जूनियर छात्रों को परेशान किए जाने का आरोप लगाया गया है। सवाल यह भी उठ रहा है कि अगर हॉस्टल में लंबे समय से रैगिंग और मारपीट की घटनाएं हो रही थीं, तो इसकी जानकारी हॉस्टल वार्डन या स्कूल प्रशासन तक क्यों नहीं पहुंची। फिलहाल हिमाचल प्रदेश पुलिस ने परिवार की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है और पूरे मामले की जांच जारी है। उपलब्ध शुरुआती जानकारी के मुताबिक, पुलिस की कार्रवाई के बाद घटना से जुड़े अन्य तथ्यों को भी सामने लाने की कोशिश की जा रही है।




















