दिल्ली पुलिस पर बरसे अभिजीत दीपके, बोले- छात्रों को परेशान करने में व्यस्त पुलिस, अपराध रोकने पर ध्यान कब?

नई दिल्ली। दिल्ली के किलोकरी गांव में 54 वर्षीय मणिपुरी म्यूजिशियन सी. विक्रम सिंह की पीट-पीटकर हत्या के मामले ने राजधानी की कानून-व्यवस्था को लेकर बहस छेड़ दी है। इस मामले को लेकर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के फाउंडर अभिजीत दीपके ने दिल्ली पुलिस पर निशाना साधा है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर करते हुए राजधानी में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाए हैं। अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस छात्रों और पत्रकारों से जुड़े मामलों में कार्रवाई करने में ज्यादा सक्रिय नजर आती है, जबकि राजधानी में होने वाले गंभीर अपराधों को रोकने पर भी उतना ही ध्यान दिया जाना चाहिए।
मणिपुरी संगीतकार की हत्या का मामला
दरअसल, किलोकरी गांव में रहने वाले सी. विक्रम सिंह की कथित तौर पर पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, विक्रम अपने अपार्टमेंट के बाहर शराब पीकर शोर-शराबा कर रहे लोगों को रोकने के लिए बाहर आए थे। बताया गया कि इसी बात को लेकर विवाद हो गया और कुछ लोगों ने उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। हमले में विक्रम सिंह को गंभीर चोटें आईं। उनका बेटा उन्हें इलाज के लिए अस्पताल लेकर पहुंचा, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कई लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की जांच जारी है और घटना के पीछे की पूरी वजह तथा मारपीट में शामिल लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है।
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अभिजीत दीपके ने शेयर की अखबार की कटिंग
मामले को लेकर अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया पर एक अखबार की कटिंग साझा की। इस कटिंग में विक्रम सिंह की हत्या की खबर प्रकाशित थी। पोस्ट के साथ अभिजीत ने दिल्ली की कानून-व्यवस्था को लेकर दिल्ली पुलिस पर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि राजधानी में पुलिस की प्राथमिकता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने अपने पोस्ट में दिल्ली पुलिस पर छात्रों को परेशान करने और कुछ पत्रकारों के साथ कथित मारपीट के मामलों को लेकर भी निशाना साधा। हालांकि, इन आरोपों के संबंध में संबंधित पक्षों का आधिकारिक पक्ष और पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच अलग से महत्वपूर्ण है।
महिला पत्रकारों ने भी लगाए थे आरोप
अभिजीत दीपके ने अपने पोस्ट में दो महिला पत्रकारों से जुड़े एक पुराने विवाद का भी जिक्र किया। एक डिजिटल न्यूज प्लेटफॉर्म के लिए काम करने वाली इन महिला पत्रकारों ने दिल्ली पुलिस पर कथित मारपीट के आरोप लगाए थे। पत्रकारों का दावा था कि उन्हें उनकी मुस्लिम पहचान के कारण निशाना बनाया गया। यह मामला 3 सितंबर का बताया गया है, जब दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता साकेत स्थित एक निजी अस्पताल के उद्घाटन कार्यक्रम में पहुंची थीं। पत्रकारों के मुताबिक, वे कार्यक्रम को कवर करने और वीडियो बनाने का काम कर रही थीं। इसी दौरान पुलिसकर्मियों ने उनसे पूछताछ की। इसके बाद पत्रकारों ने आरोप लगाया कि पुलिस के साथ उनका विवाद हुआ और उनके साथ मारपीट की गई।
वीडियो जारी कर दिखाए चोट के निशान
महिला पत्रकारों ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी साझा किया था। वीडियो में उन्होंने अपने शरीर पर कथित चोट के निशान दिखाए और दावा किया कि उन्हें पुलिस की लाठी से चोट लगी। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने उनके साथ-साथ उनकी साथी के साथ भी मारपीट की। पत्रकारों का कहना था कि वे मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को कवर कर रही थीं और सवाल पूछने को लेकर उनके साथ ऐसा व्यवहार किया गया।


















