शराब के शोर पर टोका तो चली गई जान! दिल्ली में मणिपुर के म्यूजिक टीचर की पीट-पीटकर हत्या

नई दिल्ली। दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के किलोकारी गांव में एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां मणिपुर के रहने वाले संगीत शिक्षक और संगीतकार चोंगथम विक्रम सिंह की कथित तौर पर पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। बताया जा रहा है कि विक्रम ने अपने घर के बाहर शराब पीकर शोर-शराबा कर रहे कुछ लोगों को आवाज कम करने के लिए कहा था। इसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया और आरोप है कि एक गुट ने उन पर हमला कर दिया। हमले में विक्रम सिंह को गंभीर चोटें आईं। उनका बेटा उन्हें तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचा, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस ने इस मामले में सात लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक नाबालिग को भी हिरासत में लिया गया है।
मेघालय के CM कॉनराड संगमा ने जताया दुख
घटना पर मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने विक्रम सिंह की मौत पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि दिल्ली में मणिपुर के संगीतकार की मारपीट के कारण हुई मौत से वह बेहद आहत हैं। संगमा ने कहा कि इस घटना ने राजधानी में नॉर्थ-ईस्ट के लोगों के साथ होने वाले अत्याचारों को लेकर पुराने सवालों और चिंताओं को फिर सामने ला दिया है। उन्होंने दिल्ली पुलिस और संबंधित अधिकारियों से मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने की अपील की।
घर के बाहर हो रहा था शोर, विरोध करना पड़ा भारी
शुरुआती जांच के मुताबिक, विक्रम सिंह पिछले कई वर्षों से दिल्ली के किलोकारी गांव में रह रहे थे। घटना के समय उनके फ्लैट के बाहर कुछ लोग शराब पीकर हंगामा कर रहे थे। तेज आवाज और शोर से परेशान होकर विक्रम घर से बाहर आए और कथित तौर पर उन्हें ऐसा करने से रोकने की कोशिश की। बताया जा रहा है कि इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हो गई। विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपियों ने विक्रम सिंह के साथ मारपीट शुरू कर दी। पुलिस के अनुसार, हमलावरों ने उन्हें मुक्कों और घूंसों से बुरी तरह पीटा। मारपीट में विक्रम को गंभीर चोटें आईं।
बेटे ने पहुंचाया अस्पताल, लेकिन नहीं बची जान
मारपीट की जानकारी मिलने के बाद विक्रम के बेटे याइफाबा ने उन्हें इलाज के लिए होली फैमिली अस्पताल पहुंचाया। परिवार को उम्मीद थी कि इलाज के बाद उनकी हालत बेहतर हो जाएगी, लेकिन गंभीर चोटों के कारण उनकी मौत हो गई। घटना की सूचना पुलिस को PCR कॉल के जरिए मिली थी। इसके बाद सनलाइट कॉलोनी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के लोगों से पूछताछ के आधार पर आरोपियों की पहचान की। इसके बाद सात लोगों को गिरफ्तार किया गया, जबकि एक नाबालिग को हिरासत में लिया गया है।
डिलीवरी वर्कर्स और ढाबा कर्मचारियों पर आरोप
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए आरोपी अलग-अलग ढाबों और खाने-पीने के स्टॉल पर काम करते हैं। शुरुआती जानकारी में यह भी सामने आया है कि आरोपियों में डिलीवरी का काम करने वाले लोग शामिल हैं। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान भरत कुमार (19), प्रमोद (26), रमजान खान (22), दीपांशु (21), मोहन विश्वकर्मा (32), विजय (36) और मन्नू (26) के रूप में की है। इसके अलावा एक नाबालिग को भी हिरासत में लिया गया है। फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि विवाद किस तरह शुरू हुआ और मारपीट के दौरान वास्तव में क्या हुआ था।
मणिपुर के सम्मानित संगीतकार थे विक्रम सिंह
विक्रम सिंह को सिर्फ संगीत शिक्षक ही नहीं, बल्कि एक संगीतकार के तौर पर भी जाना जाता था। उनकी मौत की खबर सामने आने के बाद नॉर्थ-ईस्ट समुदाय में दुख और चिंता का माहौल है। दिल्ली यूनिवर्सिटी की नॉर्थ ईस्ट स्टूडेंट्स सोसाइटी (NESSDU) ने विक्रम सिंह की मौत पर दुख जताया है। संगठन ने उन्हें मणिपुर का सम्मानित संगीतकार बताया और घटना को बेहद दुखद और बेवजह हुई हिंसा करार दिया। NESSDU ने अधिकारियों से मामले की तेज और निष्पक्ष जांच की मांग की है। संगठन का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।



















