हरदा के रुंदलाय में कृषक चौपाल: किसानों को आधुनिक खेती, उर्वरक उपयोग और नई कृषि तकनीक की दी जानकारी

हरदा। किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, विभागीय योजनाओं एवं कृषि संबंधी नवाचारों से अवगत कराने तथा उनकी समस्याओं के निराकरण के उद्देश्य से आज टिमरनी विकासखंड के ग्राम रुंदलाय में कृषक चौपाल का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी नरोत्तम भार्गव, कृषि स्थायी समिति के सभापति ललित पटेल, विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं ग्राम रुंदलाय सहित आसपास के क्षेत्र के कृषक उपस्थित रहे।
रबी फसल के लिए वैकल्पिक उर्वरकों की जानकारी
कृषक चौपाल में उपसंचालक कृषि द्वारा किसानों को रबी मौसम में संतुलित उर्वरक उपयोग के संबंध में जानकारी देते हुए डीएपी के स्थान पर टीएसपी एवं यूरिया अथवा एनपीके जैसे वैकल्पिक उर्वरकों का फसल की आवश्यकता एवं मृदा परीक्षण के आधार पर उपयोग करने की सलाह दी गई।
उन्होंने बताया कि जिले में उपलब्ध सिंचाई जल की सीमितता को देखते हुए किसानों को कम पानी में अधिक उत्पादन देने वाली फसलों को अपनाने तथा उपलब्ध जल संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग करने की आवश्यकता है।
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पशुपालन में सेक्स सॉर्टेड सीमन तकनीक की जानकारी
उपसंचालक पशुपालन द्वारा पशुपालकों को सेक्स सॉर्टेड सीमन तकनीक की जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि इस तकनीक के माध्यम से उन्नत नस्ल की मादा संतति प्राप्त करने की संभावना बढ़ाई जा सकती है, जिससे दुग्ध उत्पादन एवं पशुपालकों की आय में वृद्धि के अवसर मिलते हैं।
किसानों को बिजली और सिंचाई व्यवस्था की जानकारी
विद्युत विभाग के अधिकारियों द्वारा किसानों को कृषि कार्यों के लिए निर्धारित समय पर सतत विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के संबंध में विभागीय व्यवस्थाओं से अवगत कराया गया। जल संसाधन विभाग के अधिकारियों द्वारा किसानों को सिंचाई के लिए उपलब्ध जल की समुचित व्यवस्था एवं जल वितरण के संबंध में जानकारी दी गई।
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नरवाई नहीं जलाने की अपील
कृषि अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों द्वारा नरवाई प्रबंधन के संबंध में विस्तार से जानकारी देते हुए किसानों से फसल अवशेषों को खेतों में नहीं जलाने की अपील की गई। उन्होंने कृषि यंत्रों एवं आधुनिक तकनीकों के माध्यम से नरवाई प्रबंधन कर भूमि की उर्वरता बनाए रखने तथा पर्यावरण संरक्षण में सहयोग करने का आग्रह किया।
अधिकारियों ने किसानों की समस्याएं सुनीं
चौपाल में विभिन्न विभागों के अधिकारियों द्वारा किसानों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याओं एवं सुझावों को सुना गया तथा विभागीय योजनाओं एवं तकनीकी सुविधाओं की जानकारी प्रदान की गई।
कृषि लागत कम करना रहा चौपाल का उद्देश्य
कृषक चौपाल का उद्देश्य कृषि की लागत कम करना, उपलब्ध जल संसाधनों का बेहतर उपयोग, आधुनिक कृषि तकनीकों को बढ़ावा देना तथा किसानों की आय में वृद्धि के लिए विभागीय समन्वय के साथ प्रभावी प्रयास करना रहा।




















