हरदा में अंधे कत्ल का खुलासा; तीन आरोपी गिरफ्तार, सोने की गिन्नी को लेकर हुआ था विवाद

हरदा। सिटी कोतवाली पुलिस ने एक दिन पहले कोलवा में हुई परमानंद जाट की हत्या की वारदात से पर्दा उठा दिया है। वारदात को अंजाम देने वाले तीनों आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उनके कब्जे से एक लाख 90 हजार 500 रुपए तथा वारदात में इस्तेमाल औजार भी बरामद कर लिया है। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि सोने की गिन्नी की खरीद फरोख्त को लेकर विवाद हुआ। जिसके बाद तीनों ने मिलकर परमानंद की बेरहमी से हत्या कर दी।
अपहरण की रिपोर्ट के बाद शुरू हुई थी तलाश
सिटी कोतवाली पुलिस के मुताबिक 24 अगस्त को लक्ष्मीनारायण जाट ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसके भाई परमानंद को कोई अज्ञात व्यक्ति अपहरण कर अपने साथ ले गया है। रिपोर्ट पर पुलिस ने अपराध क्रमांक 563/26 के तहत बीएनएस की धारा 140(3) में मामला दर्ज कर परमानंद की तलाश शुरू की। पुलिस और ग्रामीणों की तलाश के दौरान अगले दिन उसका शव खेत के किनारे नाले में मिला। इसके बाद घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और परिजनों के बयानों के आधार पर प्रकरण में हत्या की धाराएं बढ़ाई गईं।
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सोने की गिन्नी को लेकर था विवाद
पुलिस जांच में सामने आया कि सोने की गिन्नी की खरीद-फरोख्त को लेकर परमानंद का आरोपियों से विवाद हुआ था। इसके बाद तीनों आरोपियों ने मिलकर उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने मामले में गांव के ही कमल और हरिओम के साथ अक्षय पारधी निवासी ग्राम गुठानिया को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 1 लाख 90 हजार 500 रुपए और हत्या में इस्तेमाल किए गए औजार भी बरामद किए हैं।
24 घंटे में आरोपियों तक पहुंची पुलिस
पुलिस अधीक्षक शशांक के निर्देश तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमित कुमार मिश्रा और एसडीओपी शालिनी परस्ते के मार्गदर्शन में सिटी कोतवाली पुलिस ने घटनास्थल के साक्ष्य, परिजनों के बयान और अन्य तकनीकी कड़ियों को जोड़कर आरोपियों तक पहुंच बनाई। पुलिस टीम ने वारदात के 24 घंटे के भीतर तीनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें हत्या के कारण का खुलासा हुआ। पुलिस ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों से एक लाख 90 हजार 500 रुपए तथा वारदात में इस्तेमाल औजार जब्त कर लिया है। प्रकरण का खुलासा करने में थाना प्रभारी निरीक्षक रोशन लाल भारती, निरीक्षक राम प्रसाद कवरेती, उप निरीक्षक मानवेन्द्र सिंह भदौरिया, उप निरीक्षक अजय रघुवंशी, उप निरीक्षक संतोष रघुवंशी, आरक्षक प्रदीप मालवीय, रामनरेश, नीलेश पटेल और साइबर आरक्षक कमलेश परिहार की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
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