शादी की हल्दी बनी जानलेवा: मिलावटी रंग से दूल्हा-दुल्हन पहुंचे अस्पताल

इंदौर हल्दी की रस्म को शुभ, पवित्र और सौंदर्य से जुड़ी परंपरा माना जाता है, लेकिन अब यही रस्म लोगों की सेहत पर भारी पड़ने लगी है। बाजार में बिक रही मिलावटी हल्दी के कारण दूल्हा-दुल्हन गंभीर एलर्जी और सांस संबंधी समस्याओं का शिकार हो रहे हैं। इंदौर के एमवाय अस्पताल में हाल ही में ऐसे चार मरीज भर्ती हुए, जिनकी हालत हल्दी लगाने के बाद अचानक बिगड़ गई। इनमें एक मरीज को वेंटीलेटर तक पर रखना पड़ा। डॉक्टरों के मुताबिक इन मरीजों में सांस फूलना, चेहरे और होंठों में सूजन, शरीर पर लाल चकत्ते, घबराहट और कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई दिए। जांच में सामने आया कि हल्दी में मिलाए गए जहरीले रंग “मेटानिल येलो” की वजह से एलर्जी रिएक्शन हुआ।
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(1) हल्दी की रस्म के बाद बिगड़ी तबीयत
खरगोन जिले के कसरावद निवासी 21 वर्षीय राखी ने बताया कि हल्दी की रस्म के कुछ समय बाद ही उनके शरीर पर लाल चकत्ते निकलने लगे। धीरे-धीरे चेहरे और होंठों में सूजन आ गई और सांस लेने में तकलीफ शुरू हो गई। परिजन घबराकर पहले स्थानीय अस्पताल ले गए, जहां से उन्हें इंदौर एमवाय अस्पताल रेफर किया गया। डॉक्टरों ने जांच के बाद मिलावटी हल्दी से एलर्जी की पुष्टि की। परिजनों का कहना है कि शादी की रस्मों में अक्सर सस्ती और खुली हल्दी खरीद ली जाती है, क्योंकि उसका उपयोग शरीर पर लगाने के लिए किया जाता है। उन्हें अंदाजा नहीं था कि यही हल्दी जानलेवा साबित हो सकती है।
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(2) हल्दी लगते ही फूलने लगी सांस
दूधिया निवासी 35 वर्षीय गोलू ने बताया कि अप्रैल में शादी समारोह के दौरान परिवार के लोगों ने शरीर पर हल्दी लगाई थी। शुरुआत में सब सामान्य लगा, लेकिन थोड़ी ही देर में चेहरे और होंठों पर सूजन आने लगी और सांस लेने में दिक्कत बढ़ गई। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने इसे गंभीर एलर्जी रिएक्शन बताया। उन्होंने कहा कि शादी की खुशी के बीच कभी नहीं सोचा था कि हल्दी जैसी पारंपरिक चीज इतनी खतरनाक साबित हो सकती है। खुली हल्दी गांव की किराना दुकान से खरीदी गई थी।
हल्दी में मिल रहा जहरीला रंग
विशेषज्ञों के अनुसार मिलावटी हल्दी में “मेटानिल येलो” नामक जहरीला रंग मिलाया जा रहा है। इसका उपयोग हल्दी को अधिक चमकीला और आकर्षक दिखाने के लिए किया जाता है। यह रंग त्वचा और शरीर दोनों के लिए बेहद नुकसानदायक माना जाता है। डॉक्टरों का कहना है कि यह रसायन शरीर में तेजी से रिएक्शन करता है, जिससे ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस बढ़ता है और रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित होती है। गंभीर मामलों में मरीज को “एक्यूट रेस्पिरेटरी डिस्ट्रेस सिंड्रोम” जैसी जानलेवा फेफड़ों की समस्या भी हो सकती है।
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प्रशासन से कार्रवाई की मांग
विशेषज्ञों और मरीजों के परिजनों ने मिलावटी हल्दी बेचने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि बाजार में सस्ती और चमकीली हल्दी की मांग ज्यादा होने का फायदा उठाकर कुछ व्यापारी कृत्रिम रंग और केमिकल मिलाकर हल्दी बेच रहे हैं।
आयुर्वेद में गुणकारी, मिलावट से नुकसान
आयुर्वेद में हल्दी को औषधीय गुणों से भरपूर माना गया है। यह त्वचा निखारने, संक्रमण से बचाने और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करती है, लेकिन मिलावट इसके गुणों को नुकसान में बदल देती है। विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि यदि हल्दी लगाने के बाद खुजली, जलन, सांस फूलना, होंठ या आंखों में सूजन जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
घर पर ऐसे पहचानें मिलावटी हल्दी
- एक गिलास पानी में हल्दी डालें। यदि तुरंत गहरा पीला रंग छोड़ने लगे तो उसमें कृत्रिम रंग हो सकता है।
- शुद्ध हल्दी हाथ पर रगड़ने से हल्का पीला रंग छोड़ती है और उसकी खुशबू प्राकृतिक होती है।
- रुई पर हल्दी लगाकर पानी की बूंद डालें। रंग तेजी से फैलने लगे तो मिलावट की आशंका है।
- पानी में डालने पर शुद्ध हल्दी नीचे बैठ जाती है, जबकि मिलावटी रंग ऊपर तैरने लगता है।












