MP Urban Tax Collection:नगरीय निकायों में तेजी से बढ़ रहा ऑनलाइन टैक्स कलेक्शन, 5 साल में 100% डिजिटल भुगतान का लक्ष्य

अशोक गौतम, भोपाल। मध्यप्रदेश के नगरीय निकायों में टैक्स कलेक्शन व्यवस्था को पूरी तरह डिजिटल बनाने की दिशा में नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने तैयारी तेज कर दी है। विभाग ने अगले पांच वर्षों में 100 प्रतिशत ऑनलाइन टैक्स कलेक्शन का लक्ष्य तय किया है। इसके लिए सात से अधिक डिजिटल मॉड्यूल तैयार किए गए हैं जिनके जरिए नागरिक घर बैठे संपत्तिकर, जलकर, स्वच्छता शुल्क समेत अन्य करों का भुगतान कर सकेंगे। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष ऑनलाइन टैक्स कलेक्शन में करीब 2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। पहले जहां केवल तीन माध्यमों से ऑनलाइन भुगतान की सुविधा उपलब्ध थी वहीं अब व्यवस्था को और आसान और व्यापक बनाया गया है। इसका असर यह हुआ है कि बड़े टैक्स बकायादार भी अब डिजिटल माध्यम से भुगतान करने लगे हैं।
टैक्स चोरी रोकने में भी मिलेगी मदद
विभाग का मानना है कि डिजिटल भुगतान व्यवस्था लागू होने से टैक्स चोरी, दोहरी बिलिंग और रिकॉर्ड में गड़बड़ी जैसी समस्याओं पर भी काफी हद तक रोक लगेगी। अधिकारियों के अनुसार आने वाले समय में डिजिटल मॉड्यूल्स का और विस्तार किया जाएगा। ऑनलाइन टैक्स भुगतान के लिए फोन-पे, यूपीआई, मोबाइल ऐप, वेब पोर्टल, पीओएस मशीन और व्हाट्सऐप आधारित सेवाओं को जोड़ा गया है। विभाग इन सुविधाओं के प्रचार-प्रसार पर भी जोर दे रहा है ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग डिजिटल भुगतान प्रणाली अपनाएं।
हर हाउस होल्डर की बनेगी डिजिटल प्रोफाइल
नगरीय निकायों ने प्रत्येक मकान मालिक और किरायेदार का डिजिटल अकाउंट तैयार करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। इन खातों को आधार और मोबाइल नंबर से लिंक किया जा रहा है। अब उपभोक्ताओं को हर महीने मोबाइल पर टैक्स बिल भेजा जाएगा, जिससे वे समय पर भुगतान कर सकें। इसके अलावा तिमाही और छमाही स्तर पर वार्ड कार्यालयों की ओर से फोन कॉल कर लोगों को टैक्स जमा करने के लिए जागरूक किया जाएगा।
लोगों को लंबी कतारों से मिलेगी राहत
ऑनलाइन भुगतान व्यवस्था लागू होने से नागरिकों को वार्ड कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। पुराने बिल और रसीदें साथ रखने की जरूरत भी खत्म होगी। टैक्स जमा करते ही डिजिटल रसीद तुरंत मिल जाएगी। वहीं नगरीय निकायों को भी नकद काउंटर संचालन, अतिरिक्त कर्मचारियों की व्यवस्था और रोजाना नकदी के हिसाब-किताब से राहत मिलेगी। बैंक तक कैश पहुंचाने में होने वाले जोखिम भी कम होंगे। विभाग का कहना है कि डिजिटल टैक्स संग्रह प्रणाली नगरीय प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम साबित होगी।
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वर्ष 2024-25 में टैक्स संग्रह
| माध्यम | राशि (लाख रुपए में) |
| कुल टैक्स संग्रह | 30,1,648 |
| मोबाइल ऐप | 275.39 |
| वेब पोर्टल | 10169.87 |
| पीओएस | 6837.26 |
| नकद | 284365.48 |
वर्ष 2025-26 में टैक्स संग्रह
| माध्यम | राशि (लाख रुपए में) |
| कुल टैक्स संग्रह | 3,23,852 |
| मोबाइल ऐप | 1621.41 |
| वेब पोर्टल | 13825.71 |
| पीओएस | 16009.32 |
| व्हाट्स ऐप | 67.35 |
| यूपीआई | 4.73 |
| नकद | 2,92,323.48 |
आयुक्त बोले- पारदर्शिता बढ़ेगी
नगरीय विकास एवं आवास विभाग के आयुक्त संकेत भोडवें ने कहा कि ऑनलाइन टैक्स जमा करने के सभी माध्यमों का लगातार विस्तार किया जा रहा है। विभाग का लक्ष्य चरणबद्ध तरीके से 100 प्रतिशत डिजिटल टैक्स कलेक्शन लागू करना है। उन्होंने कहा कि इससे पारदर्शिता बढ़ेगी, टैक्स चोरी और दोहरी बिलिंग जैसी शिकायतें कम होंगी। उपभोक्ता अपनी सुविधा के अनुसार कभी भी टैक्स जमा कर सकेंगे जबकि बड़े बकायादारों पर भी निगरानी आसान होगी।
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लोगों को भी मिल रहा फायदा
कोलार निवासी प्रशांत सक्सेना ने बताया कि वे पिछले दो साल से अपना प्रॉपर्टी टैक्स ऑनलाइन जमा कर रहे हैं। पहले वार्ड कार्यालय में टैक्स जमा करने के बाद भी पुराने बकाया दिखाए जाते थे लेकिन डिजिटल भुगतान शुरू होने के बाद ऐसी समस्या नहीं आई।












