फर्जी इंटरनेशनल कॉल सेंटर का भंडाफोड़ : लोन दिलाने के नाम पर कर रहे थे विदेशी नागरिकों से साइबर ठगी, 4 अरेस्ट, मास्टर मांइड फरार

ग्वालियर जिले के मोहना थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक फर्जी इंटरनेशनल कॉल सेंटर का भंडाफोड़ कर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी खुद को अमेरिका की लेंडिंग कंपनी का एजेंट बताकर विदेशी नागरिकों से लोन दिलाने के नाम पर गिफ्ट कार्ड के जरिए ठगी करते थे। पुलिस ने लैपटॉप, मोबाइल और ग्राहक डेटा सहित 3.75 लाख रुपए का सामान जब्त किया है।
लोन दिलाने के नाम पर कर रहे थे विदेशी नागरिकों से साइबर ठगी, 4 अरेस्ट, मास्टर मांइड फरार
ग्वालियर। फर्जी कॉल सेंटर के आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया।

भितरवार। साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत मोहना थाना पुलिस ने एक फर्जी इंटरनेशनल कॉल सेंटर का पदार्फाश करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी खुद को अमेरिका की ‘लेंडिंग क्लब’ कंपनी का एजेंट बताकर विदेशी नागरिकों से आॅनलाइन ठगी कर रहे थे। सेंटर का मास्टर माइंड मुख्य आरोपी फरार है।

मुखबिर से मिली पुलिस को सूचना

पुलिस को मुखबिर ने सूचना दी कि एनएच-46 पर जैनपथ होटल मोहना के कमरों में कुछ व्यक्ति फर्जी इंटरनेशनल कॉल सेंटर चलाकर विदेशी नागरिकों से साइबर ठगी कर रहे हैं। वरिष्ठ अफसरों के निर्देश पर थाना प्रभारी विनय सिंह तोमर के नेतृत्व में टीम ने दबिश देकर मौके से अभिषेक राजपूत, शिवेन्द्र परिहार उर्फ राजन, आर्यन राजपूत उर्फ लाला और शुभोम घोष को गिरफ्तार कर लिया। सभी अलग-अलग राज्यों के निवासी हैं। पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी 5 महीने से होटल में रहकर मास्टर माइंड प्रबल प्रताप सिंह परिहार के निर्देश पर ठगी कर रहे थे। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। 

डेटा लेकर गिफ्ट कार्ड के जरिए वसूलते थे रकम

आरोपी अमेरिकी नागरिकों का डेटा व्हाट्सऐप और ई-मेल से प्राप्त कर उन्हें लोन दिलाने का झांसा देते थे। इसके बाद प्रोसेसिंग फीस के नाम पर गिफ्ट कार्ड के जरिए रकम वसूलते थे। आरोपी विदेशी ग्राहकों से बात करने के लिए फर्जी नामों का इस्तेमाल करते थे। पुलिस ने आरोपियों के पास से 4 लैपटॉप, 7 मोबाइल, हेडफोन, ठगी की स्क्रिप्ट और कस्टमर डेटा सहित 3.75 लाख रुपए का सामान जब्त किया है।

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मॉस्टर माइंड देता था 15 से 20 हजार रुपए वेतन

पुलिस को आरोपियों ने बताया कि मास्टर माइंड प्रबल प्रताप सिंह परिहार इस काम के बदले हमें हर महीने 15 से 20 हजार रुपए का वेतन देता था और ये कैश मिलता था। इसके अलावा जिसके द्वारा जितनी राशि की ठगी की जाती थी उसका 5 प्रतिशत कमीशन भी दिया जाता था। पुलिस ने चारों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब काल सेंटर के मुख्य संचालक प्रबल प्रताप सिंह परिहार की तलाश शुरू कर दी है।

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बातचीत के दौरान अपनी पहचान छिपाते थे आरोपी

पुलिस को आरोपियों ने बताया कि बातचीत के दौरान वे अपनी वास्तविक पहचान छिपाकर अमेरिकन लोगों से मूल नाम के जगह  अमेरिका में प्रचलित नाम बताते थे। इनमें गुजरात निवासी अभिषेक राजपूत (26) मिस्टर फ्रांक बनकर बात करता था। शिवेंद्र परिहार उर्फ राजन (31), आर्यन राजपूत उर्फ लाला (20) निवासी झांसी  ब्रूस बनकर बात करता था। शुभोम घोष उर्फ शुभम ( 23) निवासी नागालैंड लुईस हैमिलटन बनकर बात करता था। आरोपी पिछले पांच महीनों से जैनपथ होटल में रहकर प्रबल प्रताप सिंह परिहार के निर्देश पर फर्जी इंटरनेशनल कॉल सेंटर चला रहे हैं।

होटल में चल रहा था सेंटर

एनएच-46 पर एक होटल में चल रहे ठगी के इंटरनेशनल कॉल सेंटर को पुलिस ने पकड़ा है। चार आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है। मास्टर माइंड फिलहाल पकड़ में नहीं आया है। पुलिस की टीम उसके पीछे लगी हैं वह भी जल्द पकड़ लिया जाएगा।

 धर्मवीर सिंह, एसएसपी, ग्वालियर

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By Naresh Bhagoria

नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

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