
ग्वालियर। लोकायुक्त टीम ने सोमवार को भितरवार तहसील में पदस्थ पटवारी उमाशंकर आदिवासी को 25 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई भितरवार के वार्ड क्रमांक 8 में स्थित गुरुद्वारे की दुकानों में उसके कार्यालय से की गई। आरोपी ने जमीन के नामांतरण के लिए 90,000 रुपए की रिश्वत मांगी थी।
क्या है मामला?
दरअसल, फरियादी चंद्रभान सिंह गुर्जर निवासी टिकरी तहसील बामौर जिला मुरैना ने भितरवार के खडीचा मोजे में 18 बीघा जमीन खरीदी थी। उक्त जमीन के नामांतरण के लिए आरोपी पटवारी उमाशंकर आदिवासी ने फरियादी चंद्रभान सिंह गुर्जर से 90,000 रुपए की रिश्वत मांगी थी। बातचीत के बाद 25,000 रुपए में सौदा तय हुआ। फरियादी ने इसकी शिकायत लोकायुक्त टीम को की थी।
आरोपी को रंगे हाथों दबोचा
लोकायुक्त की जांच में शिकायत सही पाई जाने पर टीम ने जाल बिछाकर पटवारी को रंगे हाथों पकड़ने की योजना बनाई। सोमवार को फरियादी ने तहसील कार्यालय के पीछे गुरुद्वारे के पास पटवारी को 25 हजार रुपए दिए, तभी लोकायुक्त टीम ने आरोपी को रंगे हाथों दबोच लिया। इस घटना से तहसील क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।
लोकायुक्त निरीक्षक कविंद्र सिंह चौहान के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई। टीम ने रिश्वत की रकम और अन्य दस्तावेज जब्त कर लिए हैं। आरोपी पटवारी लुहारी और गोधारी हल्के पर पदस्थ था।
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