गुरुग्राम में दर्दनाक हादसा :निर्माणाधीन सोसाइटी की दीवार गिरने से 7 मजदूरों की मौत, कई घायल

गुरुग्राम के सिधरावली इलाके में निर्माणाधीन सोसाइटी की दीवार गिरने से बड़ा हादसा हो गया। इस हादसे में 7 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि कई मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस, SDRF और NDRF की टीम ने कई घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। हादसे के कारणों की जांच जारी है।
निर्माणाधीन सोसाइटी की दीवार गिरने से 7 मजदूरों की मौत, कई घायल
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    गुरुग्राम। हरियाणा के गुरुग्राम से सोमवार रात एक दर्दनाक हादसा हो गया। जिसने निर्माण स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां एक निर्माणाधीन सोसाइटी में अचानक कंक्रीट की दीवार गिरने से 7 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए।

    हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। मलबे के नीचे दबे मजदूरों को निकालने के लिए पुलिस, प्रशासन, SDRF और बचाव दल ने कई घंटों तक राहत और बचाव अभियान चलाया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, हादसे के समय 12 से 15 मजदूर मौके पर काम कर रहे थे, जिनमें से कई लोग मिट्टी और मलबे के नीचे दब गए।

    कहां हुआ हादसा

    यह हादसा गुरुग्राम के पटौदी-बिलासपुर रोड पर स्थित सिधरावली गांव के पास एक निर्माणाधीन हाउसिंग प्रोजेक्ट में हुआ। जानकारी के अनुसार, यहां सिग्नेचर ग्लोबल सोसाइटी के निर्माण का काम चल रहा था। यह साइट गुरुग्राम जिला मुख्यालय से लगभग 40 किलोमीटर दूर है और राजस्थान सीमा से करीब 10 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।

    सोमवार रात करीब 7:45 से 8 बजे के बीच अचानक एक बड़ी कंक्रीट रिटेनिंग दीवार भरभराकर गिर गई। दीवार गिरने के साथ भारी मात्रा में मिट्टी भी धंस गई, जिससे वहां काम कर रहे मजदूर मलबे में दब गए।

    कैसे हुआ हादसा

    प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय मजदूरों के मुताबिक, सोसाइटी परिसर में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) बनाने के लिए गहरा गड्ढा खोदा गया था। बताया जा रहा है कि, इस निर्माण के लिए करीब 30 से 40 फीट गहरी खुदाई की गई थी। गड्ढे के अंदर सीमेंट का बेस तैयार कर करीब 5 फीट ऊंची दीवार बनाई गई थी। सोमवार रात मजदूर इसी क्षेत्र में काम कर रहे थे, तभी अचानक दीवार के पास की मिट्टी की चट्टान खिसकने लगी।

    कुछ मजदूरों ने खतरे को भांपते हुए तुरंत बाहर निकलने की कोशिश की और बच गए, लेकिन करीब 10 मजदूर गड्ढे के अंदर ही फंस गए। कुछ ही सेकंड में दीवार और मिट्टी का बड़ा हिस्सा उनके ऊपर गिर गया।

    यह भी पढ़ें: रायपुर: राज्यसभा के लिए बीजेपी-कांग्रेस प्रत्याशी निर्विरोध चुनी गई, लक्ष्मी वर्मा और फूलो देवी नेताम बनीं राज्यसभा सांसद

    मलबे में दब गए मजदूर

    दीवार गिरने के बाद मजदूर पूरी तरह मिट्टी और मलबे में दब गए। बताया जा रहा है कि, मिट्टी का दबाव इतना ज्यादा था कि कुछ मजदूरों के शरीर में लोहे की सरिया भी घुस गई। स्थानीय मजदूरों और राहगीरों ने सबसे पहले बचाव का प्रयास शुरू किया। इसके बाद तुरंत पुलिस और आपदा प्रबंधन टीम को सूचना दी गई।

    7 मजदूरों की मौत, कई घायल

    घायलों और मलबे से निकाले गए मजदूरों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। उन्हें इलाज के लिए राजस्थान के भिवाड़ी स्थित सरकारी अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों के मुताबिक, कई मजदूर काफी देर तक मिट्टी में दबे रहने के कारण गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचे।

    जिला अस्पताल के डॉक्टर सोमप्रकाश यादव के अनुसार, कुछ मजदूरों को बचाने की कोशिश की गई, लेकिन वे काफी देर तक मिट्टी में दबे रहे थे। उन्हें CPR और अन्य इमरजेंसी उपचार दिया गया, लेकिन कई लोगों को बचाया नहीं जा सका। अस्पताल में जांच के बाद 7 मजदूरों को मृत घोषित कर दिया गया, जबकि अन्य घायलों का इलाज जारी है।

    Twitter Post

    मृतकों की हुई पहचान

    अधिकारियों के मुताबिक हादसे में मरने वाले मजदूरों में से कई की पहचान हो चुकी है। मृतकों में शामिल हैं-

    1. सतीश
    2. भागीरथ
    3. मिलन
    4. शिव शंकर
    5. मंगल
    6. परमेश्वर

    अन्य कुछ मजदूरों की पहचान की प्रक्रिया जारी है। घायलों में छोटेलाल, दीनदयाल, शिवकांत और इंद्रजीत समेत कई मजदूर शामिल हैं, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है।

    कई घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन

    हादसे की सूचना मिलते ही बिलासपुर थाना पुलिस, SDRF और NDRF की टीमें मौके पर पहुंच गईं। भारी मशीनों और जेसीबी की मदद से मलबा हटाने का काम शुरू किया गया। बचाव अभियान देर रात तक चलता रहा। पुलिस के अनुसार, करीब 7 घंटे तक लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया।

    पुलिस प्रवक्ता संदीप कुमार ने बताया कि, रात करीब साढ़े तीन बजे तक राहत और बचाव कार्य जारी रहा। सभी मजदूरों को मलबे से निकाल लिया गया है। सात मजदूरों की मौत हुई है, जबकि तीन लोगों का इलाज चल रहा है।

    Featured News

    पुलिस ने शुरू की जांच

    हादसे के बाद पुलिस और प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और वहां मौजूद मजदूरों से पूछताछ की। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि, हादसे के पीछे निर्माण कार्य में सुरक्षा मानकों की कमी हो सकती है।

    संभावित कारणों में शामिल हैं-

    • गहरी खुदाई के दौरान उचित सपोर्ट सिस्टम का अभाव।
    • मिट्टी के दबाव को नियंत्रित करने के उपायों की कमी।
    • सुरक्षा उपकरणों का अभाव।
    • जांच के बाद ही हादसे की असली वजह सामने आ सकेगी।

    निर्माण कंपनी पर उठे सवाल

    हादसे के बाद निर्माण कंपनी और बिल्डर की भूमिका को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि, घटना के बाद बिल्डर ने सोसाइटी के गेट पर बाउंसर तैनात कर दिए और किसी को अंदर जाने नहीं दिया। इससे लोगों में नाराजगी भी देखने को मिली। स्थानीय प्रशासन अब निर्माण कंपनी से भी जवाब मांग सकता है।

    यह भी पढ़ें: SIR के बाद भी गड़बड़ी... एक पते पर रहने वाले 4, वोटर लिस्ट में 43 नाम जोड़ दिए, दिग्विजय सिंह ने किया खुलासा

    निर्माण स्थलों पर सुरक्षा पर सवाल

    यह हादसा एक बार फिर निर्माण स्थलों पर मजदूरों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा करता है। भारत में हर साल निर्माण कार्यों के दौरान कई हादसे होते हैं, जिनमें अक्सर मजदूरों को अपनी जान गंवानी पड़ती है। विशेषज्ञों का कहना है कि निर्माण कंपनियों को सुरक्षा मानकों का पालन करना चाहिए। मजदूरों को सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने चाहिए। गहरी खुदाई वाले क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।

    Manisha Dhanwani
    By Manisha Dhanwani

    मनीषा धनवानी | जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी से BJMC | 6 वर्षों के पत्रकारिता अनुभव में सब-एडिटर, एंकर, ...Read More

    Latest Posts