छत्तीसगढ़ में राज्यसभा की दो सीटों के लिए चुनाव बिना किसी मुकाबले के संपन्न हो गया। बीजेपी और कांग्रेस दोनों ने अपने-अपने उम्मीदवारों को निर्विरोध राज्यसभा भेज दिया है। बीजेपी की ओर से लक्ष्मी वर्मा और कांग्रेस की ओर से फूलो देवी नेताम को राज्यसभा सदस्य के रूप में चुना गया। रिटर्निंग ऑफिसर ने दोनों नेताओं को निर्वाचित होने का प्रमाणपत्र प्रदान किया।
बीजेपी ने लंबे राजनीतिक अनुभव और संगठन में सक्रिय भूमिका को देखते हुए लक्ष्मी वर्मा को राज्यसभा भेजने का निर्णय लिया। लक्ष्मी वर्मा वर्तमान में छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की सदस्य और बीजेपी की प्रदेश उपाध्यक्ष हैं। राजनीति में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है, खासकर महिला वर्ग के बीच उनकी प्रभावशाली पहचान है। इससे पहले वह रायपुर जिला पंचायत की अध्यक्ष भी रह चुकी हैं और पार्टी की प्रवक्ता के तौर पर भी जिम्मेदारी निभा चुकी हैं।
बता दें कि राज्यसभा उम्मीदवार के चयन से पहले बीजेपी हाईकमान ने सात संभावित नामों पर विचार किया था। इस पैनल में से तीन नाम अंतिम सूची में शामिल किए गए थे, जिनमें लक्ष्मी वर्मा, डॉ. कृष्णमूर्ति बांधी और नारायण चंदेल का नाम था। काफी मंथन के बाद पार्टी ने करीब 30 सालों से राजनीति में सक्रिय लक्ष्मी वर्मा को राज्यसभा भेजने का फैसला किया।
कांग्रेस ने राज्यसभा चुनाव के लिए एक बार फिर फूलो देवी नेताम पर भरोसा जताया है। वह वर्तमान में महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष हैं और पहले भी राज्यसभा सांसद के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभा चुकी हैं। फूलो देवी नेताम का कार्यकाल इस साल खत्म हो रहा था, लेकिन पार्टी ने उनके अनुभव और संगठन में सक्रिय भूमिका को देखते हुए उन्हें दोबारा टिकट दिया। बताया जा रहा है कि-कांग्रेस हाईकमान ने उम्मीदवार तय करने से पहले कई वरिष्ठ नेताओं के नामों पर चर्चा की थी। इनमें पीसीसी चीफ दीपक बैज, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और पूर्व मंत्री टीएस सिंहदेव के नाम शामिल थे। हालांकि अंतिम निर्णय में फूलो देवी नेताम को ही फिर से राज्यसभा भेजने का फैसला किया गया।
छत्तीसगढ़ में राज्यसभा की कुल पांच सीटें हैं। इनमें से दो सांसदों-फूलो देवी नेताम और केटीएस तुलसी का कार्यकाल इस साल खत्म हो रहा है। कांग्रेस ने फूलो देवी नेताम को दोबारा मौका दिया है, जबकि केटीएस तुलसी का कार्यकाल भी खत्म होने जा रहा है। वर्तमान में कांग्रेस के राज्यसभा सांसद राजीव शुक्ला और रंजीत रंजन का कार्यकाल 2028 तक है। वहीं बीजेपी से देवेंद्र प्रताप सिंह 2030 तक राज्यसभा सदस्य बने रहेंगे।