छत्तीसगढ़ उपचुनाव में कांग्रेस का दबदबा,जगदलपुर-बिलासपुर में जीत; भाजपा अध्यक्ष किरण सिंहदेव के करीबी उम्मीदवार को हार

रायपुर। छत्तीसगढ़ में हुए नगर निगम और नगर पंचायत उपचुनावों के नतीजे सामने आ गए हैं। इन चुनावों में कांग्रेस ने कई अहम सीटों पर जीत दर्ज कर सियासी संदेश देने की कोशिश की है। खास बात यह रही कि जगदलपुर नगर निगम के इंदिरा वार्ड में कांग्रेस ने जीत हासिल की, जहां भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंहदेव के करीबी माने जाने वाले उम्मीदवार मनोहर दत्त तिवारी को हार का सामना करना पड़ा। वहीं बिलासपुर नगर निगम के उपचुनाव में भी कांग्रेस ने जीत दर्ज कर भाजपा को झटका दिया है। राज्य के विभिन्न जिलों में हुए उपचुनावों के नतीजों के अनुसार कांग्रेस ने कुल 9 में से 6 सीटों पर जीत हासिल की, जबकि भाजपा के खाते में 3 सीटें गईं।
जगदलपुर में कांग्रेस ने बचाया अपना गढ़
जगदलपुर नगर निगम के इंदिरा वार्ड में कांग्रेस प्रत्याशी रामकृष्ण तिवारी ने भाजपा के मनोहर दत्त तिवारी को 436 वोटों से हराया। इस सीट पर आम आदमी पार्टी की उम्मीदवार रुबीना कुरैशी भी मैदान में थीं, लेकिन मुकाबला मुख्य रूप से कांग्रेस और भाजपा के बीच रहा। इंदिरा वार्ड लंबे समय से कांग्रेस का मजबूत गढ़ माना जाता है। पिछले करीब 30 वर्षों से इस वार्ड में कांग्रेस का कब्जा बना हुआ है। यह सीट कांग्रेस के वरिष्ठ पार्षद अब्दुल रशीद के निधन के बाद खाली हुई थी। अब्दुल रशीद लगातार चार बार पार्षद चुने गए थे, जबकि उनसे पहले उनकी मां भी इस वार्ड का प्रतिनिधित्व कर चुकी थीं। ऐसे में कांग्रेस ने एक बार फिर अपनी पकड़ बरकरार रखते हुए सीट बचा ली।
बिलासपुर में भी भाजपा को झटका
बिलासपुर नगर निगम के वार्ड क्रमांक 29, संजय गांधी नगर में कांग्रेस प्रत्याशी शेख आजम ने भाजपा के मधुसूदन राव को 1062 वोटों के बड़े अंतर से हराया। यह वार्ड भी लंबे समय से कांग्रेस का मजबूत क्षेत्र माना जाता रहा है। स्थानीय राजनीतिक जानकारों के अनुसार इस वार्ड में कांग्रेस का प्रभाव कई दशकों से बना हुआ है। शेख आजम के परिवार का भी यहां मजबूत राजनीतिक आधार रहा है। इससे पहले उनके पिता शेख असलम भी इस क्षेत्र से चुनाव जीत चुके थे। उपचुनाव में मिली जीत ने कांग्रेस की स्थिति को और मजबूत किया है।
नगर पंचायतों में मिला-जुला जनादेश
नगर पंचायत उपचुनावों में तस्वीर पूरी तरह एकतरफा नहीं रही। कुछ स्थानों पर कांग्रेस को सफलता मिली तो कुछ क्षेत्रों में भाजपा ने अपनी पकड़ मजबूत बनाए रखी। राजनांदगांव जिले की घुमका नगर पंचायत में कांग्रेस की फूलमती वर्मा ने अध्यक्ष पद का चुनाव जीतकर इतिहास रच दिया। वह घुमका नगर पंचायत की पहली अध्यक्ष बनी हैं। हालांकि वार्ड स्तर पर भाजपा को बढ़त मिली और उसने अधिकांश वार्डों में जीत दर्ज की। बालोद जिले की पलारी नगर पंचायत में कांग्रेस प्रत्याशी यानेश साहू ने भाजपा उम्मीदवार लखन लाल गुरूपंच को 506 वोटों से हराकर अध्यक्ष पद पर कब्जा किया। यहां परिषद में भी कांग्रेस को बहुमत मिला। कांकेर जिले के चारामा और पखांजूर में भी कांग्रेस उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की। चारामा के वार्ड क्रमांक 13 में मोहित नायक विजयी रहे, जबकि पखांजूर के वार्ड क्रमांक 9 में रूखमणि एट्टी ने भाजपा प्रत्याशी को हराया।
सहसपुर लोहारा और बमनीडीह में भाजपा का प्रदर्शन मजबूत
भाजपा ने भी कुछ महत्वपूर्ण सीटों पर जीत दर्ज की। कवर्धा जिले की सहसपुर लोहारा नगर पंचायत में भाजपा की सरिता संतोष मिश्रा ने कांग्रेस के रोशन वैष्णव को 762 वोटों से हराया। वहीं जांजगीर-चांपा जिले की बमनीडीह नगर पंचायत में भाजपा ने अध्यक्ष पद के साथ-साथ परिषद में भी बहुमत हासिल किया। भाजपा प्रत्याशी रमेश डड़सेना ने 889 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की। यहां 15 में से 11 वार्ड भाजपा के खाते में गए। सूरजपुर जिले की शिवनंदनपुर नगर पंचायत में भी भाजपा उम्मीदवार रितेश जायसवाल अध्यक्ष पद का चुनाव जीतने में सफल रहे।
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कांग्रेस ने बताया सरकार के खिलाफ जनमत
कांग्रेस के पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने कहा कि बिलासपुर और जगदलपुर जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में कांग्रेस उम्मीदवारों की जीत यह साबित करती है कि जनता का भरोसा भाजपा सरकार से उठ रहा है। विधानसभा चुनाव के दौरान किए गए कई वादे अभी तक पूरे नहीं हुए हैं। वहीं भाजपा नेताओं का कहना है कि स्थानीय चुनावों के परिणामों का सीधा असर राज्य की राजनीति पर नहीं पड़ता और पार्टी जल्द ही हार वाले क्षेत्रों की समीक्षा करेगी।












