गुजरात में कैबिनेट विस्तार : हर्ष संघवी बने डिप्टी CM, रिवाबा जडेजा सहित सभी नए मंत्रियों ने ली शपथ

गांधीनगर। गुजरात में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में नई कैबिनेट का शपथ ग्रहण समारोह गांधीनगर के महात्मा मंदिर में हुआ। इस विस्तार में सीएम समेत 26 मंत्री शामिल हैं, जिनमें 19 नए चेहरे और 3 महिलाएं भी शामिल हैं। सबसे पहले हर्ष संघवी ने शपथ ली और उन्हें डिप्टी मुख्यमंत्री का पद भी सौंपा गया। क्रिकेटर रवींद्र जडेजा की पत्नी रिवाबा जडेजा को भी मंत्री बनाया गया। इस मंत्रिमंडल विस्तार में जातीय और क्षेत्रीय संतुलन का विशेष ध्यान रखा गया है।
पटेल समाज से सीएम समेत 8, OBC से 8, SC से 3 और ST से 4 मंत्री शामिल हैं। कुछ पूर्व कांग्रेस नेताओं को भी बीजेपी में शामिल होने के बाद मंत्री बनने का मौका मिला। यह कैबिनेट विस्तार 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारी और पार्टी में नई ऊर्जा लाने के उद्देश्य से किया गया है।
नए कैबिनेट में संतुलित प्रतिनिधित्व
नई कैबिनेट में जातीय और सामाजिक संतुलन पर जोर दिया गया है:
OBC: 8 मंत्री
SC: 3 मंत्री
ST: 4 मंत्री
महिला मंत्री: 3
पटेल समाज: 7 मंत्री
कुल 19 नए चेहरे कैबिनेट में शामिल हुए हैं।
नए और पुराने चेहरे
नए मंत्री: अर्जुन मोढवाडिया, रिवाबा जडेजा, ईश्वरसिंह पटेल, जीतू वाघाणी, नरेशभाई पटेल, पीसी बरंडा, कौशिक वेकरिया, रमेशभाई कटारा, जयराम गामित, दर्शना वाघेला, डॉ. प्रद्युम्न वाजा, मनीषा वकील, प्रवीण माली, रमण सोलंकी, कमलेशभाई पटेल, त्रिकम छंगा, स्वरूपजी ठाकोर, कांतिलाल अमृतिया, प्रफुल पानसेरिया।
पुराने मंत्री जिन्हें दोबारा मौका मिला: ऋषिकेश पटेल, कनुभाई देसाई, कुंवरजी बावलिया, हर्ष सांघवी, परसोत्तंभाई सोलंकी, जीतेन्द्र वाघाणी।
नई महिला मंत्री- रिवाबा जडेजा
रिवाबा जडेजा जामनगर उत्तर विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं। वह भारतीय क्रिकेटर रवींद्र जडेजा की पत्नी हैं और 2019 में बीजेपी में शामिल हुईं। रिवाबा महिला सशक्तिकरण, शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में सक्रिय रही हैं और उन्होंने ‘श्री मातृशक्ति चैरिटीबल ट्रस्ट’ नामक एनजीओ भी शुरू किया।
कैबिनेट विस्तार के पीछे राजनीतिक कारण
विश्लेषकों के अनुसार इस कैबिनेट विस्तार के पीछे कई कारण हैं:
- 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारी: नई टीम के जरिए पार्टी में नई ऊर्जा और नेतृत्व शामिल करना।
- पुराने मंत्रियों और नए नेताओं का संतुलन: युवाओं को जिम्मेदारी देना और क्षेत्रीय, जातीय समीकरण बनाए रखना।
- सत्ता विरोधी लहर से निपटना: हाल के उपचुनाव और स्थानीय चुनावों में विपक्ष की चुनौती को देखते हुए बदलाव।
- आलाकमान की संतुष्टि: कुछ मंत्रियों के प्रदर्शन से पार्टी आलाकमान संतुष्ट नहीं था, इसलिए नए चेहरे शामिल किए गए।
- गुजरात विधानसभा में 182 विधायक हैं और कुल मंत्रियों की संख्या 15% की सीमा के अनुसार अधिकतम 27 हो सकती है।
राजनीतिक विशेषज्ञों की राय
वरिष्ठ पत्रकार देवेंद्र पटेल का कहना है कि, राज्य में समय-समय पर “रिफ्रेश सिस्टम” आवश्यक है। उन्होंने बताया कि, मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल लोकप्रिय नेता हैं।
राजनीतिक विश्लेषक आशुतोष का कहना है कि, गुजरात की सरकार को लेकर केंद्र स्तर पर कुछ असंतोष था और इस फेरबदल के जरिए पार्टी ने संतुलन और स्थिरता बनाए रखने की कोशिश की है।
BJP सांसद मयंक नायक ने कहा कि, विधायकों में कोई नाराजगी नहीं है। नई कैबिनेट जनता के विकास के लिए काम करेगी।
कैबिनेट विस्तार की खास बातें
- कैबिनेट में 25 मंत्री होंगे, जिनमें 19 नए चेहरे शामिल हैं।
- 3 महिला मंत्री और 8 OBC मंत्री शामिल हैं।
- SC से 3 और ST से 4 मंत्री होंगे।
- कुछ पूर्व कांग्रेस नेता भी मंत्री बन सकते हैं।
- क्रिकेटर रवींद्र जडेजा की पत्नी रिवाबा जडेजा पहली बार मंत्री बन रही हैं।
भूपेंद्र पटेल का तीसरा मंत्रिमंडल
भूपेंद्र पटेल ने पहली बार सितंबर 2021 में सीएम पद की शपथ ली थी, जब विजय रूपाणी ने अचानक इस्तीफा दिया था। फिर दिसंबर 2022 में विधानसभा चुनाव के बाद वे दोबारा मुख्यमंत्री बने। अब यह उनका तीसरा मंत्रिमंडल होगा। जानकारी के अनुसार, पुराने मंत्रियों में से केवल 2-3 चेहरे दोबारा शामिल हो सकते हैं, जबकि बाकी की जगह नए नेताओं को दी जाएगी।
भूपेंद्र पटेल 13 सितंबर 2021 को गुजरात के 17वें मुख्यमंत्री बने। उनका राजनीतिक सफर नगर पालिका सदस्य से शुरू हुआ और वे आरएसएस से जुड़े हुए हैं। वर्तमान मंत्रिमंडल में मुख्यमंत्री ने कई महत्वपूर्ण विभागों का प्रभार खुद संभाला हुआ है।
भूपेंद्र पटेल की पिछली कैबिनेट में थे ये मंत्री
कैबिनेट मंत्री:
कनुभाई देसाई - वित्त, ऊर्जा
ऋषिकेश पटेल - स्वास्थ्य, कानून
राघवजी पटेल - कृषि, ग्राम विकास
बलवंत सिंह राजपूत - उद्योग, नागरिक उड्डयन
भानुबेन बावरिया - महिला एवं बाल कल्याण
मुलुभाई बेरा - पर्यटन, वन एवं पर्यावरण
कुबेर डिंडोर - आदिवासी विकास
कुंवरजी बावलिया - जल संसाधन
राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार):
हर्ष संघवी - गृह, खेल, परिवहन
जगदीश विश्वकर्मा - MSME, सहकारिता
11 साल में तीसरी बार हुआ ऐसा
गुजरात की राजनीति में अचानक फेरबदल नई बात नहीं है।
आनंदीबेन पटेल (2016): पाटीदार आंदोलन के बाद इस्तीफा
विजय रूपाणी (2021): पार्टी के प्रभावी चेहरे की तलाश
भूपेंद्र पटेल (2025): आगामी चुनाव की तैयारी
अगस्त से अक्टूबर के बीच ही आते हैं सियासी तूफान
दिलचस्प बात यह है कि पिछले 60 सालों में अधिकांश कैबिनेट विस्तार या बदलाव अगस्त से अक्टूबर के बीच ही हुए हैं। 1962 से अब तक 16 बार मंत्रिमंडल विस्तार इन्हीं महीनों में हुआ है। चाहे वह मोदी, आनंदीबेन या भूपेंद्र पटेल का कार्यकाल ही क्यों न रहा हो।




















