Gold-Silver Price Today:सोना ₹59 चढ़ा, चांदी ₹612 टूटकर ₹2.50 लाख पर पहुंची; इस साल चांदी ₹20 हजार हुई महंगी

सोना और चांदी के दाम में आज मिला-जुला रुख देखने को मिला है। जहां सोने की कीमत में हल्की बढ़त दर्ज हुई वहीं चांदी के दाम में गिरावट आई है। बाजार में लगातार उतार-चढ़ाव बना हुआ है जिस पर अब सरकारी फैसलों का भी असर दिखने लगा है।
IBJA के अनुसार आज सोने का भाव
इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 59 रुपए की बढ़त के साथ 1,52,155 रुपए पर पहुंच गया है। एक दिन पहले इसकी कीमत 1,52,096 रुपए प्रति 10 ग्राम थी।
| सोना | भाव (10 ग्राम) |
| 24 कैरेट | 152155 |
| 22 कैरेट | 139374 |
| 18 कैरेट | 114116 |
| 14 कैरेट | 89011 |
सोने की कीमत पहले से ही ऊंचे स्तर पर बनी हुई है और छोटे-छोटे बदलाव भी निवेशकों की नजर में अहम माने जा रहे हैं।
चांदी में ₹600 की गिरावट
सोने के उलट चांदी के दाम में गिरावट देखने को मिली है। एक किलो चांदी 612 रुपए टूटकर 2,50,063 रुपए पर आ गई है। इससे पहले इसकी कीमत 2,50,675 रुपए प्रति किलो थी। चांदी में यह गिरावट ऐसे समय आई है जब पिछले कुछ महीनों में इसमें तेज उछाल देखा गया था।
ये भी पढ़ें: Apple में तख्तापलट! टिम कुक हटे, जॉन टर्नस बने नए CEO, क्या बदलेगा सबकुछ?
इस साल सोना ₹19 हजार और चांदी ₹20 हजार महंगी
इस साल की शुरुआत से ही सोना-चांदी में मजबूत तेजी देखी गई है। 31 दिसंबर 2025 को 10 ग्राम सोना करीब 1.33 लाख रुपए था जो अब बढ़कर 1.52 लाख रुपए के पार पहुंच गया है। वहीं चांदी 2.30 लाख रुपए प्रति किलो से बढ़कर करीब 2.50 लाख रुपए पर पहुंच चुकी है दोनों ही कीमती धातुओं में साल की शुरुआत से बड़ा उछाल दर्ज हुआ है।
ऑलटाइम हाई से अभी भी नीचे
हालांकि मौजूदा कीमतें ऊंची हैं लेकिन ये अपने ऑलटाइम हाई से नीचे हैं। 29 जनवरी को सोना 1.76 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया था वहीं चांदी 3.86 लाख रुपए प्रति किलो के रिकॉर्ड स्तर पर गई थी। इसके बाद से बाजार में उतार-चढ़ाव जारी है।
सरकार के फैसले से सप्लाई पर असर
हाल ही में सरकार ने सोने-चांदी और प्लेटिनम ज्वेलरी को ‘फ्री’ कैटेगरी से हटाकर ‘रिस्ट्रिक्टेड’ कैटेगरी में डाल दिया है। इसका मतलब है कि अब विदेश से ज्वेलरी आयात करने के लिए विशेष लाइसेंस या अनुमति लेना जरूरी होगा। यह फैसला विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) की ओर से लिया गया है।
ये भी पढ़ें: Hyundai-TVS Partnership : भारत में इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर क्रांति की शुरुआत, EV बाजार को मिलेगा बड़ा बूस्ट
FTA के गलत इस्तेमाल पर लगाम की कोशिश
सरकार का कहना है कि यह कदम फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) के दुरुपयोग को रोकने के लिए उठाया गया है। अब बिना अनुमति के आयात नहीं हो सकेगा जिससे बाजार में सप्लाई सीमित हो सकती है और कीमतों पर दबाव बना रह सकता है।



















