भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को तेजी से बढ़ावा देने के लिए दो बड़ी कंपनियों ने हाथ मिलाया है। हुंडई मोटर कंपनी और TVS मोटर कंपनी ने मिलकर इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर विकसित करने और उन्हें बाजार में उतारने के लिए जॉइंट डेवलपमेंट एग्रीमेंट (JDA) पर साइन किया है। यह कदम खासतौर पर भारत के लास्ट-माइल ट्रांसपोर्ट सेक्टर को ध्यान में रखकर उठाया गया है।
इस प्रोजेक्ट की नींव 2018 में रखी गई थी, जब इंडिया-कोरिया बिजनेस फोरम में भारत के प्रधानमंत्री और हुंडई के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन के बीच बेहतर क्वालिटी वाले थ्री-व्हीलर पर चर्चा हुई थी। इसके बाद कई स्तरों पर बातचीत चलती रही और अब 2026 कोरिया-इंडिया बिजनेस फोरम में इस समझौते पर अंतिम हस्ताक्षर हुए हैं।
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इस इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर को पूरी तरह भारतीय परिस्थितियों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। इसमें खराब सड़कों के लिए बेहतर ग्राउंड क्लीयरेंस, गर्म मौसम में काम करने के लिए उन्नत थर्मल मैनेजमेंट और सुरक्षा के आधुनिक फीचर्स शामिल होंगे। यह वाहन पैसेंजर और कार्गो दोनों जरूरतों के लिए इस्तेमाल किया जा सकेगा।
इस साझेदारी में हुंडई डिजाइन और प्रोडक्ट डेवलपमेंट का काम संभालेगी, जबकि टीवीएस इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिक प्लेटफॉर्म और भारतीय बाजार की जरूरतों पर फोकस करेगी। भारत में उत्पादन और बिक्री की जिम्मेदारी टीवीएस के पास रहेगी। इससे दोनों कंपनियों की तकनीक और अनुभव का बेहतर इस्तेमाल हो सकेगा।
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भारत में इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर की मांग तेजी से बढ़ रही है। वित्त वर्ष 2026 में इस सेगमेंट में बिक्री में मजबूत उछाल देखा गया है और यह कुल थ्री-व्हीलर बाजार का बड़ा हिस्सा बन चुका है। टीवीएस पहले ही अपने कई इलेक्ट्रिक मॉडल्स के जरिए इस क्षेत्र में मजबूत पकड़ बना चुकी है।
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इस प्रोजेक्ट में लोकल मैन्युफैक्चरिंग पर जोर दिया जाएगा, जिससे उत्पादन लागत कम होगी और नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। साथ ही, भविष्य में इन इलेक्ट्रिक वाहनों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों में निर्यात करने की भी योजना है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह साझेदारी भारत की इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को नई दिशा दे सकती है और शहरी परिवहन को अधिक सस्ता, सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल बना सकती है।