Gold Silver Price Today: चांदी एक दिन में ₹9,134 सस्ती, अक्टूबर में ₹39 हजार टूटी; सोना भी ₹2,201 गिरा

नई दिल्ली। सोना-चांदी खरीदने वालों के लिए कीमतों में गिरावट का सिलसिला जारी है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, शुक्रवार को एक किलो चांदी का भाव 9,134 रुपए घटकर 1.81 लाख रुपए पर आ गया। गुरुवार को इसकी कीमत 1.90 लाख रुपए थी। वहीं, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 2,201 रुपए सस्ता होकर करीब 1.41 लाख रुपए पर पहुंच गया। अक्टूबर महीने में अब तक चांदी 39,485 रुपए और सोना 8,084 रुपए सस्ता हो चुका है। 1 अक्टूबर को एक किलो चांदी की कीमत 2.20 लाख रुपए और 10 ग्राम सोने का भाव 1.48 लाख रुपए था। अंतरराष्ट्रीय बाजार में अमेरिकी डॉलर की मजबूती और बड़े निवेशकों की ऊंचे भाव पर बिकवाली को कीमतों में गिरावट की वजह बताया जा रहा है।
सोना सस्ता होने की 3 वजहें
सोने की कीमतों में गिरावट के पीछे मुख्य रूप से ये कारण बताए जा रहे हैं।
- ऊंचे भाव पर बिकवाली: त्योहारों से पहले सोने की कीमतें काफी बढ़ गई थीं। ऐसे में बड़े निवेशकों ने मुनाफा कमाने के लिए ऊंचे भाव पर सोना बेचना शुरू कर दिया।
- डॉलर की मजबूती: अंतरराष्ट्रीय बाजार में अमेरिकी डॉलर और बॉन्ड मजबूत हुए हैं। इससे ग्लोबल मार्केट में सोने की कीमतों पर दबाव पड़ा है।
- खरीदारों की कम दिलचस्पी: रिकॉर्ड ऊंचे भाव देखकर आम खरीदारों ने फिलहाल सोने की खरीदारी कम कर दी है। इससे बाजार में मांग प्रभावित हुई है।
चांदी की कीमतों में गिरावट की 3 वजहें
चांदी के भाव में गिरावट के पीछे औद्योगिक मांग में कमी और बाजार में बिकवाली जैसे कारण बताए जा रहे हैं।
- फैक्टरियों से कम मांग: चांदी का इस्तेमाल सोलर और इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योगों में बड़े पैमाने पर होता है। वैश्विक मंदी के कारण इन उद्योगों में इसकी मांग घटने की बात कही जा रही है।
- बाजार में बिकवाली का दबाव: शेयर और वायदा बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच बड़े ट्रेडर्स ने चांदी बेची, जिससे कीमतों में तेजी से गिरावट आई।
- सोने की कीमतों का असर: सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में एक-दूसरे का असर देखने को मिलता है। सोने के भाव गिरने के साथ चांदी में भी बिकवाली बढ़ी।
क्या आगे भी गिरेंगे सोने-चांदी के दाम?
कमोडिटी एक्सपर्ट अजय केडिया के मुताबिक, सोने-चांदी की खरीदारी एक साथ करने के बजाय किश्तों में करनी चाहिए। कुछ खरीदारी अभी की जा सकती है और बाकी रकम 15-20 दिन के अंतराल पर लगाई जा सकती है। उनके मुताबिक, निवेश के लिए एक-दो महीने के बजाय 6 महीने से एक साल तक का नजरिया रखना चाहिए। इस तरह बाजार में कीमतों के उतार-चढ़ाव के बीच अलग-अलग समय पर खरीदारी की जा सकती है।
ऑल टाइम हाई से चांदी 1.99 लाख रुपए सस्ती
इस साल सोने और चांदी की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। 31 दिसंबर 2025 को एक किलो चांदी का भाव 2.30 लाख रुपए था। 29 जनवरी 2026 को इसकी कीमत बढ़कर 3.86 लाख रुपए के ऑल टाइम हाई पर पहुंच गई थी। अब इस रिकॉर्ड स्तर से चांदी करीब 1.99 लाख रुपए सस्ती हो चुकी है। इसी तरह 31 दिसंबर 2025 को 10 ग्राम सोने की कीमत 1.33 लाख रुपए थी। 29 जनवरी को यह बढ़कर 1.76 लाख रुपए के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई। तब से अब तक सोना करीब 36 हजार रुपए सस्ता हो चुका है।
अलग-अलग शहरों में सोने के दाम अलग क्यों होते हैं?
देश के अलग-अलग शहरों में सोने की कीमतों में अंतर देखने को मिलता है। इसके पीछे चार प्रमुख वजहें हैं।
1. ट्रांसपोर्टेशन और सिक्योरिटी: एक शहर से दूसरे शहर सोना पहुंचाने में ईंधन और सुरक्षा का खर्च जुड़ता है। दूरी बढ़ने पर यह खर्च भी बढ़ सकता है।
2. खरीदारी की मात्रा: दक्षिण भारत में सोने की खपत करीब 40% बताई जाती है। यहां ज्वेलर्स बड़ी मात्रा में खरीदारी करते हैं, लेकिन ग्राहकों को मिलने वाली छूट सीमित रहती है।
3. लोकल ज्वेलरी एसोसिएशन: राज्य और शहरों के ज्वेलरी एसोसिएशन स्थानीय मांग और सप्लाई के आधार पर रेट तय करते हैं।
4. पुराना स्टॉक और खरीद मूल्य: ज्वेलर्स ने सोना किस कीमत पर खरीदा है, इसका असर ग्राहकों को बेचे जाने वाले भाव पर पड़ता है।
सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान
- BIS हॉलमार्क जरूर जांचें: सोना खरीदते समय ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क देखें। इससे सोने की शुद्धता और कैरेट की जानकारी मिलती है।
- भाव और वजन क्रॉस चेक करें: खरीदारी से पहले सोने का सही वजन और उस दिन का रेट कई स्रोतों से जांच लें। 24, 22 और 18 कैरेट सोने की कीमत अलग-अलग होती है।
असली चांदी की पहचान करने के 4 तरीके
- मैग्नेट टेस्ट: असली चांदी चुंबक से नहीं चिपकती। अगर चांदी चुंबक से चिपकती है तो उसमें दूसरी धातु मिली हो सकती है।
- आइस टेस्ट: चांदी पर बर्फ रखने से वह तेजी से पिघल सकती है।
- स्मेल टेस्ट: शुद्ध चांदी में आमतौर पर कोई खास गंध नहीं होती।
- क्लॉथ टेस्ट: चांदी को सफेद कपड़े से रगड़ने पर काला निशान आ सकता है।
ध्यान रखें कि ये घरेलू तरीके केवल शुरुआती संकेत देते हैं। चांदी की शुद्धता की पक्की पुष्टि के लिए प्रमाणित जांच जरूरी है।




















