सूत्रों के अनुसार, भावी रानियों से यह अपेक्षा की जा रही है कि वे मीडिया के प्रति अधिक सजग, सामाजिक रूप से पूरी तरह जागरूक साथ ही जलवायु परिवर्तन और समानता जैसे वर्तमान के मसलों से आपसी रूप से जुड़ी रहेंगी। आइए जानते हैं उन युवतियों के बारे में, जो यूरोप की अगली रानी की कमान संभालने के लिए पूरी तरह से तैयार है।
राजकुमारी एस्टेल सिल्विया ईवा मैरी का जन्म 23 फरवरी 2012 को हुआ था। वह क्राउन प्रिंसेस विक्टोरिया और प्रिंस डैनियल की सबसे बड़ी पुत्री हैं। मां के बाद वह स्वीडिश सिंहासन की दूसरी उत्ताराधिकारी के रुप में जाना जाती हैं। एस्टेले स्वीडन लैंगिक समानता के प्रति लंबे समय से जेंडर एक्वलिटी का प्रतिनिधित्व करती हैं। यह विचारधारा स्वीडन में सन 1980 में ही लागू कर दिया गया था। इस विचारधारा ने यूरोप में पहला सुधार राजतंत्र बनाया।
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स्पेन की राजकुमारी लियोनोर डी टोडोस लॉस सैंटोस का जन्म 31 अक्टूबर साल 2005 को हुआ था। लियोनोर स्पेन के सिंहासन की उत्तारधिकार की पंक्ति में पहले स्थान पर हैं। लियोनोर राजा फेलिप VI और रानी लेटिजिया की बड़ी पुत्री हैं। वह वर्तमान में प्रिंसेस ऑफ अस्टुरियास की उपाधि ले चुकी हैं। अभी हाल ही में उन्होंने अपनी कॉमन लाइफ शुरु की है।
राजकुमारी एलिजाबेथ थेरेसिया मारिया हेलेना का जन्म 25 अक्टूबर 2001 को हुआ था। वह बेल्जियम के सिंहासन की उत्तराधिकारी हैं। वह राजा फिलिप और रानी मैथिल्डे की सबसे बड़ी बेटी हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, बेल्जियम ने 1991 में जेंडर-न्यूट्रल उत्तराधिकार की नीति को अपनाया था। यही वजह रही कि वह एलिजीबेथ बेल्जियम के इतिहास में पहली भावी रानी बनीं।
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राजकुमारी इंग्रीड एलेक्जेंड्रा का जन्म 2004 में हुआ था। वह युवराज हाकॉन और राजकुमारी मेटे-मारिट की पुत्री हैं। अपने पिता के बाद वह नॉर्वे के सिंहासन की उत्तराधिकारी बनने वाली दूसरी जेन-जी होंगी।