भोपाल। वाराणसी स्थित भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान ने सब्जी उत्पादन में बड़े प्रयोग किए हैं। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अनुसंधान केंद्र का दौरा करने के बाद सोशल मीडिया पर इन प्रयोगों की जानकारी दी। अनुसंधान केंद्र के प्रयोगों से कम जगह में ज्यादा सब्जी उगाई जा सकेगी। ग्राफ्टिंग तकनीक के जरिए अब एक ही पौधे से दो-दो सब्जियां उगाई जा रही हैं, कृषि वैज्ञानिकों का यह प्रयोग देखकर कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उन्हें शाबाशी दी।

अपने मुख्यमंत्री काल में वर्तमान कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान खेती को फायदे का धंधा बनाने की बात लगातार कहते रहे हैं। उन्होंने अपने कार्यकाल में खेती के कई प्रयोग कराए और खुद के खेत में भी सब्जियां, फल की पैदावार शुरू की। इसीलिए वाराणसी में जब अनुसंधान केंद्र के अधिकारियों ने एक पौधे में आलू और टमाटर और एक पौधे में टमाटर और बैंगन का प्रयोग दिखाया तो शिवराज खुश हुए और उन्होंने किसानों को ऐसे पौधे देने को कहा। चौहान ने संस्थान का अवलोकन करने के बाद इन नवाचारों को 'स्मार्ट फार्मिंग का भविष्य' बताया। जब वैज्ञानिकों ने बताया कि एक पौधे से लगभग साढ़े तीन किलो टमाटर उत्पादन होगा तो शिवराज बोले, ज्यादा होने चाहिए मैंने खुद अपने खेत में टमाटर लगाए हैं, कम से कम पांच किलो तक उत्पादन आता है।
केंद्रीय कृषि मंत्री को बताया गया कि टमाटर और आलू वाले पौधों को पोमेटो और बैंगन व टमाटर के पौधों को ब्रिमेटो नाम दिया गया है। इस पर मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि ब्रिमेटो क्यों कह रहे बैंटमा भी तो कहा जा सकता है। केंद्रीय मंत्री ने इन पौधों के हिंदी नाम रखने को कहा। उल्लेखनीय है कि टमाटर और आलू के पौधों को ग्राफ्ट किया गया तो जमीन के ऊपर लाल टमाटर और उसी पौधे की जड़ों में मिट्टी के नीचे आलू उगते हैं। इसी तरह बैंगन और टमाटर को एक ही पौधे में उगाया जा रहा है। एक ही डाल पर आपको बैंगन और टमाटर दोनों मिल सकते हैं। फील्ड का दौरा करने के बाद शिवराज सिंह चौहान ने बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए कि ये पौधे किसानों को उपलब्ध कराए जाएं जिससे उन्हें फायदा हो।