शादी से इनकार:फिर पिता ने जिंदा बेटी का कर दिया अंतिम संस्कार, जानिए पूरा मामला

एक महीने पहले हुई शादी के दौरान दुल्हन के फैसले ने दोनों परिवारों को असमंजस में डाल दिया था। समझाने और पंचायत के प्रयासों के बावजूद मामला सुलझ नहीं सका और बारात बिना शादी लौट गई। अब पिता द्वारा बेटी का प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार किए जाने के बाद यह मामला फिर चर्चा में आ गया है।
शादी की तैयारियों के बीच पहुंची थी बारात
यह मामला गढ़वा जिले के रमना थाना क्षेत्र के टंडवा गांव का बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार बगोंधा टोला निवासी एक व्यक्ति की बेटी का विवाह गढ़वा थाना क्षेत्र के जोबरैया गांव निवासी शख्स के साथ तय हुआ था। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार बारात पूरे उत्साह और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ लड़की के घर पहुंची थी। दोनों परिवार विवाह समारोह को लेकर काफी उत्साहित दिखाई दे रहे थे।
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जयमाला का कार्यक्रम धूमधाम से हुआ
शादी समारोह की शुरुआत सामान्य तरीके से हुई और जयमाला की रस्म भी संपन्न हो गई। विवाह मंडप में पंडित द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ अन्य धार्मिक अनुष्ठान कराए जा रहे थे। दोनों पक्षों के रिश्तेदार और ग्रामीण खुशी के माहौल में शामिल थे। किसी को भी अंदाजा नहीं था कि कुछ ही देर में पूरा माहौल बदलने वाला है।
सिंदूरदान के समय दुल्हन ने शादी से किया इनकार
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जब विवाह की अंतिम और महत्वपूर्ण रस्म सिंदूरदान का समय आया, तभी दुल्हन ने अचानक शादी करने से इनकार कर दिया। बताया जा रहा है कि दूल्हा जैसे ही मांग में सिंदूर भरने लगा, दुल्हन ने हाथ से सिंदूर हटा दिया। इस घटनाक्रम के बाद विवाह मंडप में मौजूद लोग हैरान रह गए। देखते ही देखते खुशी का माहौल तनाव में बदल गया।
पूरी रात चली पंचायत और समझाइश
घटना के बाद परिजनों, रिश्तेदारों और गांव के लोगों ने दुल्हन को समझाने का प्रयास किया। स्थानीय मुखिया प्रतिनिधि सहित कई जनप्रतिनिधि भी मौके पर पहुंचे। पूरी रात बातचीत, पंचायत और समझौते की कोशिशें चलती रहीं। इसके बावजूद दुल्हन अपने निर्णय पर कायम रही और विवाह के लिए तैयार नहीं हुई।
समझाने के बावजूद नहीं मानी बेटी
मामले की गंभीरता को देखते हुए दूल्हा पक्ष ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों से चर्चा कर विवाद सुलझाने का प्रयास किया। अधिकारियों ने भी आपसी सहमति से समाधान निकालने की कोशिश की, लेकिन स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया। आखिरकार दूल्हा पक्ष को बिना शादी के ही बारात वापस लेकर लौटना पड़ा।
पिता ने पुतला बनाकर किया अंतिम संस्कार
घटना के लगभग एक महीने बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया। परिवार के अनुसार बेटी अपने फैसले पर अड़ी रही, जिसके बाद पिता ने उससे सभी संबंध खत्म करने की घोषणा कर दी। जानकारी के मुताबिक उन्होंने अपनी जीवित बेटी का पुतला तैयार कराया और उसे अर्थी पर रखकर अंतिम संस्कार जैसा आयोजन किया। गाजे-बाजे के साथ किए गए इस प्रतीकात्मक कार्यक्रम को देखने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण इकट्ठे हुए।












