फ्रांस में सैकड़ों सुपरमार्केट पर साइबर अटैक, फ्रिज का तापमान 50 डिग्री तक पहुंचा, आग लगी, खाना फेंकना पड़ा

पेरिस। फ्रांस के सैकड़ों सुपरमार्केट आउटलेट्स में रेफ्रिजरेशन सिस्टम पर हुए साइबर हमले के कारण स्टोर को ताजा और फ्रोजन खाना फेंकना पड़ा। इस घटना और आग लगने की खबरों के बाद पुलिस जांच शुरू हो गई है। इस हमले के कारण कई सौ स्टोर में रात भर फ्रिज का तापमान 50 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ गया, जिससे आग लग गई और खाने का नुकसान हुआ। रिटेल चेन इंटरमार्शे ने बताया कि उसके लगभग 150 से 200 स्टोर प्रभावित हुए, जबकि कोऑपरेटिव यू के भी करीब 100 आउटलेट्स में समस्याएं देखी गईं। समाचार एजेंसी AFP की रिपोर्ट के अनुसार, रविवार रात शुरू हुए इस हमले ने दूर से ही रेफ्रिजरेटर की डीफ्रॉस्टिंग शुरू कर दी, जिससे जल्दी खराब होने वाले सामान के स्टोरेज में दिक्कत आई।
अभूतपूर्व घटना बताया
कोऑपरेटिव यू के चीफ एग्जीक्यूटिव डोमिनिक शेल्चर ने इस घटना को अभूतपूर्व बताया। उन्होंने X पर लिखा, ताजा उत्पादों को सुरक्षित रखने और फ्रांसीसी लोगों तक भोजन पहुंचाने के लिए जरूरी उपकरणों को निशाना बनाना बेहद गंभीर और अभूतपूर्व मामला है। यह स्वीकार्य नहीं है। समाचार एजेंसी AFP ने इंटरमार्शे के हवाले से बताया कि प्रभावित आउटलेट्स को ताजे और फ्रोजन सभी उत्पादों को फेंकना पड़ा। रिटेलर ने आर्थिक नुकसान और इंश्योरेंस से जुड़ी संभावित दिक्कतों के बारे में भी चेतावनी दी, क्योंकि कुछ पॉलिसी में ऐसी घटनाओं को कवर नहीं किया जाता है। BFM TV के अनुसार, फ्रांस की सबसे बड़ी सुपरमार्केट चेन 'E Leclerc' पर भी इसका असर पड़ा। चैनल ने बताया कि हैकर्स ने कई स्टोर में दूर से ही 'फोर्स्ड डीफ्रॉस्टिंग' शुरू कर दी।
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बड़े पैमाने पर हुए सायबर हमले
पेरिस के प्रॉसिक्यूटर ऑफिस ने कहा कि पूरे फ्रांस में कई बड़ी फूड रिटेल चेन के रेफ्रिजरेटर को प्रभावित करने वाले बड़े पैमाने पर हुए साइबर हमले की जांच शुरू कर दी गई है।वजांचकर्ता नुकसान का दायरा पता लगाने, प्रभावित व्यवसायों की पहचान करने और यह तय करने की कोशिश करेंगे कि क्या खाने-पीने की चीजों का जो नुकसान हुआ है, उसका संबंध आग लगने की घटनाओं से है।वल
यूरोप पर लगातार बढ़ रहे सायबर हमलों के खतरे
यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब पूरे यूरोप में अहम इंफ्रास्ट्रक्चर और जरूरी सेवाओं पर साइबर खतरों को लेकर चिंता बढ़ रही है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने पिछले महीने देश के अहम इंफ्रास्ट्रक्चर को रूस के तथाकथित हाइब्रिड हमलों से बचाने के लिए कदम उठाने का आदेश दिया था, क्योंकि फ्रांस रूस के खिलाफ युद्ध में यूक्रेन का समर्थन कर रहा है।




















